पिछले एक साल में शेयर कितना गिरे

निफ्टी 500 का डेटा · 14 अक्टूबर 2026 तक · रोज अपडेट

पिछले एक साल में निफ्टी 500 के आधे शेयर किसी न किसी वक्त अपने सबसे ऊंचे बंद भाव से कम से कम 29% नीचे आए। 497 में से 232 शेयर (यानी 47%) 30% से ज्यादा गिरे।

29%आम शेयर की सबसे बड़ी गिरावट
86%20% से ज्यादा गिरे
47%30% से ज्यादा गिरे
3%50% से ज्यादा गिरे

गिरावट का बंटवारा

हर शेयर की पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, खानों में बांटी गई:

सबसे बड़ी गिरावटशेयरहिस्सा
5% से कम00%
5–10%31%
10–20%6513%
20–30%19740%
30–50%21543%
50% से ज्यादा173%

किस इंडस्ट्री में कितनी गिरावट

हर इंडस्ट्री के आम शेयर (मीडियन) की सबसे बड़ी गिरावट। सिर्फ वे इंडस्ट्री जिनमें कम से कम 5 शेयर हैं, ताकि एक-दो शेयर पूरी तस्वीर न बिगाड़ें।

इंडस्ट्रीआम गिरावटशेयर
Construction40%13
Consumer Services39%23
Information Technology38%25
Realty37%11
Consumer Durables34%16
Construction Materials31%11
Telecommunication30%11
Oil Gas & Consumable Fuels30%19
Chemicals29%26
Capital Goods29%69
Power28%19
Metals & Mining28%20
Fast Moving Consumer Goods27%28
Textiles27%5
Financial Services27%98
Services27%14
Automobile and Auto Components26%40
Healthcare21%44

सबसे गहरी 25 गिरावटें

शिखर का बंद भाव, और उसके बाद का सबसे नीचे का बंद भाव। नाम पर क्लिक करके पूरा ब्यौरा देखें।

शेयरगिरावटशिखर सेयहां तक
कोहांस लाइफसाइंसेज69%₹904.75 (10 अक्टूबर 2025)₹279.90 (6 मार्च 2026)
केपीआईटी टेक्नोलॉजीज63%₹1,269.80 (4 दिसंबर 2025)₹471.00 (8 अक्टूबर 2026)
केन्स टेक्नोलॉजी60%₹7,593.00 (7 अक्टूबर 2025)₹3,001.00 (20 मई 2026)
केईसी इंटरनेशनल60%₹882.85 (24 सितंबर 2025)₹349.60 (8 अक्टूबर 2026)
आईनॉक्स विंड60%₹157.25 (3 नवंबर 2025)₹62.43 (8 अक्टूबर 2026)
ओला इलेक्ट्रिक60%₹57.08 (17 अक्टूबर 2025)₹22.80 (30 मार्च 2026)
रिलायंस पावर60%₹48.58 (10 अक्टूबर 2025)₹19.41 (1 अक्टूबर 2026)
फर्स्टक्राई56%₹386.35 (24 सितंबर 2025)₹168.56 (8 अक्टूबर 2026)
ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया56%₹524.20 (24 सितंबर 2025)₹229.58 (2 फरवरी 2026)
अवंती फीड्स54%₹1,503.40 (20 अप्रैल 2026)₹698.65 (8 अक्टूबर 2026)
इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना53%₹1,198.00 (3 नवंबर 2025)₹567.35 (8 अक्टूबर 2026)
जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग52%₹571.50 (8 मई 2026)₹272.75 (21 सितंबर 2026)
आरवीएनएल52%₹387.95 (26 दिसंबर 2025)₹187.20 (8 अक्टूबर 2026)
तेजस नेटवर्क्स51%₹601.55 (6 अक्टूबर 2025)₹296.15 (27 जनवरी 2026)
बाटा इंडिया51%₹1,220.30 (6 अक्टूबर 2025)₹603.35 (8 अक्टूबर 2026)
कारट्रेड टेक50%₹3,268.00 (17 नवंबर 2025)₹1,623.40 (30 अप्रैल 2026)
पीबी फिनटेक50%₹1,957.30 (9 दिसंबर 2025)₹976.20 (5 अक्टूबर 2026)
गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया50%₹3,512.00 (29 सितंबर 2025)₹1,771.00 (8 अक्टूबर 2026)
व्हर्लपूल इंडिया49%₹1,420.90 (30 अक्टूबर 2025)₹717.70 (18 सितंबर 2026)
टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन49%₹1,058.00 (1 अक्टूबर 2025)₹541.15 (30 मार्च 2026)
टाटा एलेक्सी49%₹5,853.00 (7 जनवरी 2026)₹2,996.00 (8 अक्टूबर 2026)
फिजिक्सवाला49%₹155.24 (18 नवंबर 2025)₹79.56 (4 मार्च 2026)
स्विगी49%₹448.40 (16 अक्टूबर 2025)₹230.00 (12 अक्टूबर 2026)
हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज49%₹792.55 (19 दिसंबर 2025)₹407.00 (17 मार्च 2026)
एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर48%₹465.70 (9 अक्टूबर 2025)₹240.42 (12 अक्टूबर 2026)

यह कैसे गिना गया

स्रोत: NSE की सार्वजनिक end-of-day bhavcopy — वही फाइल जो NSE रोज बाजार बंद होने के बाद प्रकाशित करता है।

दायरा: निफ्टी 500 के वे 497 शेयर जिनके पास गिनने लायक डेटा है। अवधि पिछले लगभग 260 कारोबारी दिन, यानी करीब एक साल।

तरीका: हर दिन के बंद भाव की तुलना उस दिन तक के सबसे ऊंचे बंद भाव से की गई। उस अवधि में जो सबसे बड़ी गिरावट निकली, वही उस शेयर की "सबसे बड़ी गिरावट" है (इसे अंग्रेजी में maximum drawdown कहते हैं)। बंद भाव इसलिए, क्योंकि दिन के बीच का ऊंचा-नीचा भाव गिरावट को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है।

स्प्लिट और बोनस: bhavcopy के भाव स्प्लिट, बोनस या डीमर्जर के हिसाब से ठीक नहीं किए जाते। 1:5 स्प्लिट में भाव रातोंरात पांचवां हिस्सा रह जाता है, जो बिना सुधार के 80% की गिरावट जैसा दिखता — जबकि किसी निवेशक का पैसा घटा ही नहीं। इसलिए ऐसे दिन से पहले के सारे भाव उसी अनुपात में समायोजित किए गए, जैसे चार्ट वाली वेबसाइटें करती हैं। यह 21 शेयरों पर लागू हुआ।

कॉर्पोरेट एक्शन पहचानने के दो सबूत इस्तेमाल हुए। पहला, ISIN बदलना — स्प्लिट में फेस वैल्यू बदलती है और उसके साथ ISIN भी, इसलिए यह पक्का सबूत है। दूसरा, बोनस के लिए, भाव किस स्तर पर खुला — बोनस के दिन शेयर सीधे नए, कम भाव पर खुलता है, जबकि असली गिरावट में शेयर पिछले दिन के आसपास खुलकर दिन भर में गिरता है। जो शेयर 20% के लोअर सर्किट पर ठीक अटककर बंद हुआ, उसे असली गिरावट माना गया, बोनस नहीं।

यह तरीका कहां चूक सकता है: छोटे बोनस — जैसे 1:5, जिसमें भाव 17% घटता है — असली 13–20% की गिरावट जैसे ही दिखते हैं, और भाव से इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। ऐसा बोनस पकड़ में न आए, तो उस शेयर की गिरावट असल से करीब 17–20% ज्यादा दिख सकती है। यानी यह डेटा कुछ शेयरों में गिरावट बढ़ाकर भी दिखा सकता है। किसी एक शेयर का आंकड़ा उद्धृत करने से पहले उसकी कॉर्पोरेट एक्शन की जानकारी NSE पर जांच लें।

यह क्या नहीं बताता: ये सब पहले हो चुकी गिरावटें हैं। कोई शेयर आगे फिर इतना गिरेगा या नहीं — यह इस डेटा से नहीं कहा जा सकता, और कोई भी यह ईमानदारी से नहीं कह सकता।

इस डेटा का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “पिछले एक साल में शेयर कितना गिरे — निफ्टी 500 का डेटा”, NSE bhavcopy के आधार पर, 14 अक्टूबर 2026 तक का डेटा। https://tejii.in/girawat-data

अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर लिंक के साथ देना हो, तो यह कॉपी करें:

टेबल डाउनलोड करें: गिरावट का बंटवारा (CSV) · इंडस्ट्री के हिसाब से (CSV)

पूरा कच्चा डेटा: tejii.in/data/scan.json

हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — ये आंकड़े रोज बदलते हैं।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। ऊपर सिर्फ NSE के सार्वजनिक end-of-day आंकड़ों से निकली पुरानी गिरावटें हैं — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।