व्हर्लपूल इंडिया (Whirlpool of India Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से व्हर्लपूल इंडिया इनमें शामिल है: निफ्टी स्मॉलकैप 250, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स।
व्हर्लपूल इंडिया क्या काम करती है
Whirlpool of India, Whirlpool ब्रांड नाम से फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, माइक्रोवेव और dishwasher जैसे घरेलू उपकरण बनाती और बेचती है। अमेरिका की Whirlpool Corporation इसकी प्रमोटर कंपनी है। इसका मुख्यालय गुरुग्राम में है और कारखाने फरीदाबाद, पुणे और पुडुचेरी में हैं।
व्हर्लपूल इंडिया शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 49% रही — 30 अक्टूबर 2025 को ₹1,420.90 के बंद भाव से 18 सितंबर 2026 को ₹717.70 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 41% नीचे है। जिसने ऊंचे भाव पर ₹100 लगाए थे, उसके आज करीब ₹59 बचे हैं। गिरना कितना बड़ा हो सकता है — यह उसका असली उदाहरण है।
पिछले एक साल में यह ₹706.00 से ₹1,437.00 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
व्हर्लपूल इंडिया शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 27 नवंबर 2025 | -11.42% |
| 1 दिसंबर 2025 | -7.63% |
| 23 मार्च 2026 | -6.23% |
| 12 मई 2026 | -5.3% |
| 11 मई 2026 | -4.79% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 54.59 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 3 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे ऊपर है।
आज का कारोबार औसत से 1.47x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।