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इंडिया VIX (India VIX) क्या है — मतलब, गणना और बाजार का डर कैसे नापा जाता है

इंडिया VIX (India VIX) Nifty के option भावों से बना नंबर है, जो अगले 30 दिन की अनुमानित हलचल बताता है, दिशा नहीं। मतलब, गणना और पढ़ने का तरीका आसान हिंदी में।

प्रकाशित 2026-09-05 · अपडेट 2026-09-22 · ⏱ 7 मिनट

एक लाइन में — India VIX क्या है

इंडिया VIX (India VIX) एक नंबर है जो बताता है कि अगले 30 दिनों में Nifty 50 कितना ऊपर-नीचे हो सकता है — ऐसा बाजार खुद मानकर चल रहा है। यह अनुमान किसी विशेषज्ञ की राय से नहीं, बल्कि Nifty 50 के option के असली भावों से निकलता है। Option एक सौदा (contract) है, जो खरीदने वाले को तय तारीख यानी expiry पर, तय भाव के हिसाब से Nifty खरीदने या बेचने का हक देता है, मजबूरी नहीं।

इसे "डर का पैमाना" यानी fear index भी कहते हैं। नंबर जितना ऊंचा, बाजार उतनी बड़ी हलचल की उम्मीद कर रहा है, यानी घबराहट उतनी ज्यादा। नंबर जितना नीचा, उतनी शांति।

पर India VIX यह नहीं बताता कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे। यह सिर्फ हलचल का आकार बताता है, दिशा नहीं। सबसे ज्यादा गलती यहीं होती है, इसलिए नीचे इसे अलग से समझाया गया है।

यह नंबर बनता कैसे है

India VIX को NSE बनाता है। NSE ने इसकी शुरुआत का ऐलान 8 अप्रैल 2008 को किया था। इसकी गणना अमेरिका के CBOE (Chicago Board Options Exchange) के VIX वाले तरीके पर आधारित है, जिसमें NSE ने Nifty के option बाजार के हिसाब से बदलाव किए हैं।

गणना में Nifty 50 के चालू महीने (near month) और अगले महीने (next month) वाले option लिए जाते हैं, और उनमें भी सिर्फ out of the money वाले। Call यानी खरीदने का हक, put यानी बेचने का हक। Out of the money का मतलब है वे call जिनका तय भाव (strike price) Nifty के मौजूदा स्तर से ऊपर है, और वे put जिनका तय भाव उससे नीचे है। यह मौजूदा स्तर NSE, Nifty futures के ताजा भाव से तय करता है।

हर option का आखिरी सौदा नहीं लिया जाता। उसका सबसे अच्छा खरीद भाव (best bid) और सबसे अच्छा बिक्री भाव (best ask) देखकर दोनों का बीच का भाव लिया जाता है। यानी VIX किसी की भविष्यवाणी नहीं है। यह उन लोगों के लगाए भावों से बनता है जो अपना पैसा लगाकर आगे की हलचल से बचाव, यानी एक तरह का बीमा, खरीद-बेच रहे हैं। बीमा महंगा तो VIX ऊपर, सस्ता तो नीचे। बाजार खुला रहने के दौरान यह नंबर लगातार बदलता रहता है।

नंबर पढ़ना — यह सालाना प्रतिशत है

India VIX एक प्रतिशत है, और यह सालाना यानी annualised होता है। VIX 14 का मतलब 14% रोज या 14% महीना नहीं, बल्कि साल भर के हिसाब से 14% है।

इसे महीने के हिसाब में बदलना आसान है। VIX को 12 के वर्गमूल यानी square root से भाग दीजिए, जो करीब 3.46 है। VIX 14 हो तो 14 भाग 3.46, यानी करीब 4%। मतलब बाजार मान रहा है कि अगले एक महीने में Nifty करीब 4% ऊपर या 4% नीचे तक जा सकता है। VIX 24 हो तो यही आंकड़ा करीब 7% हो जाता है।

पर यह पक्का दायरा नहीं है। आंकड़ों की भाषा में यह एक standard deviation का दायरा है, यानी औसत से सामान्य फैलाव का नाप। गणित का सामान्य नियम (normal distribution) मानें तो तीन में से करीब दो बार चाल इस दायरे के अंदर रहनी चाहिए, और बाकी बार यह बाहर निकल सकती है, किसी भी तरफ। असल बाजार हमेशा इस नियम से नहीं चलता। VIX अनुमान है, वादा नहीं।

VIX दिशा नहीं बताता — फिर "डर" क्यों कहते हैं

मान लीजिए VIX 25 पर पहुंच गया। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि बाजार बड़ी हलचल की उम्मीद कर रहा है, ऊपर या नीचे, किसी भी तरफ। गणना में ऊपर और नीचे, दोनों तरफ की हलचल बराबर गिनी जाती है। इसलिए "VIX बढ़ गया, मतलब बाजार गिरेगा" कहना गलत है।

फिर इसे डर का पैमाना क्यों कहते हैं? क्योंकि जब बाजार तेजी से गिरता है, तो लोग अपने निवेश को बचाने के लिए put option खरीदने दौड़ते हैं। मांग बढ़ने से option महंगे होते हैं, और महंगे option का मतलब है ऊंचा VIX। इसीलिए VIX और Nifty अक्सर उलटी दिशा में चलते दिखते हैं, खासकर बड़ी गिरावट वाले दिनों में।

पर यह "अक्सर" है, "हमेशा" नहीं। कई बार Nifty के चढ़ने वाले दिन भी VIX चढ़ता है। किसी बड़े नतीजे, बजट या घोषणा से पहले भी VIX चढ़ सकता है। तब सबको पता होता है कि कुछ बड़ा होने वाला है, पर यह नहीं कि किस तरफ।

अब तक के कुछ बड़े दिन

कोई भी पुराना आंकड़ा देखें तो पूछिए: यह दिन का सबसे ऊंचा स्तर है या बंद होने का? कोविड की घबराहट के समय, 24 मार्च 2020 को India VIX दिन के अंदर करीब 86.6 तक गया और 83.61 पर बंद हुआ। इसीलिए अलग-अलग जगह उस दिन के अलग आंकड़े मिलते हैं। ध्यान दीजिए, उसी दिन Nifty 2.51% चढ़कर बंद हुआ था। एक दिन पहले, 23 मार्च को, Nifty करीब 13% गिरा था।

2024 के लोकसभा चुनाव एक साफ उदाहरण हैं। नतीजों से पहले, 31 मई को, India VIX 24.6 पर था। 3 जून को, exit poll के बाद, Nifty 3.25% चढ़ा और India VIX करीब 15% गिरकर 20.94 पर आ गया। 4 जून को नतीजे exit poll के अनुमान से अलग आए। Nifty 5.93% गिरकर बंद हुआ और India VIX करीब 28% उछलकर 26.75 पर पहुंच गया। 3 जून को VIX का गिरना यह नहीं बता रहा था कि आगे शांति रहेगी।

7 अप्रैल 2025 को, अमेरिका के नए आयात शुल्क (tariff) से दुनिया भर के बाजारों में घबराहट के बीच, Nifty 3.24% गिरा और India VIX 65.7% उछलकर 22.79 पर बंद हुआ। खबरों में इसे India VIX की अब तक की सबसे बड़ी एक-दिनी छलांग बताया गया। फिर भी स्तर 23 से नीचे था, यानी मार्च 2020 के मुकाबले काफी कम। इसलिए सिर्फ प्रतिशत बदलाव नहीं, असली स्तर भी देखिए।

सबसे बड़ी गलतफहमी — "VIX कम है तो गिरावट नहीं आएगी"

"VIX कम है, तो अब गिरावट नहीं आएगी" — यह सोच सीधे-सीधे गलत है। कम VIX सिर्फ इतना बताता है कि उस समय option के भाव लगाने वाले बड़ी हलचल की उम्मीद नहीं कर रहे। ऊपर वाला अप्रैल 2025 का उदाहरण देखिए: 22.79 तक पहुंचने से एक कारोबारी दिन पहले, 4 अप्रैल को, India VIX करीब 13.8 पर था, यानी शांत स्तर पर।

इसे मौसम की तरह सोचिए। VIX बारिश का पूर्वानुमान नहीं है, यह सिर्फ बताता है कि आज छाता कितने में बिक रहा है। छाता सस्ता है, इससे यह साबित नहीं होता कि इस हफ्ते बारिश नहीं होगी।

दूसरी गलतफहमी है कि VIX की कोई पक्की सीमा होती है, जैसे "20 के ऊपर गया तो यह करो, नीचे गया तो वह"। NSE ऐसी कोई सीमा तय नहीं करता। ऐसे नंबर बताने वाले अपना तरीका बता रहे होते हैं, कोई नियम नहीं।

तो आम निवेशक के लिए इसका काम क्या

नए निवेशक के लिए VIX का सबसे काम का इस्तेमाल है अपनी घबराहट को नापना। मान लीजिए VIX 11 के आसपास है, यानी बाजार के हिसाब से दिन शांत हैं, फिर भी पोर्टफोलियो देखकर आप परेशान हो जाते हैं। तब यह सवाल खुद से पूछने लायक है कि कहीं लगाई गई रकम आपकी सहने की क्षमता से ज्यादा तो नहीं।

जब VIX 25 के आसपास हो, तो खबरें डरावनी लगती हैं और भाव तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं। तब VIX इतना बता देता है कि बेचैनी सिर्फ आपकी नहीं, पूरे बाजार की है।

आम निवेशक India VIX को सीधे खरीद-बेच नहीं सकता। यह शेयर या फंड नहीं, सिर्फ एक नाप है। NSE ने 2014 में India VIX पर futures यानी आगे की तारीख वाले सौदे शुरू किए थे, पर उनमें बहुत कम कारोबार हुआ।

Tejii पर India VIX कहां दिखता है

Tejii के होम पेज पर India VIX रोज दिखता है — उसका स्तर, प्रतिशत बदलाव, और "डर का स्तर" वाली लाइन। उसी पेज पर बाजार का मूड, चढ़े और गिरे शेयरों की गिनती, सेक्टरों का हाल और FII-DII के आंकड़े भी हैं।

India VIX का एक अलग पेज भी है, जो रोज अपडेट होता है। वहां उस दिन का बंद स्तर, पिछले दिन से बदलाव, और "कम", "मध्यम" या "ज्यादा" का लेबल दिखता है। ये लेबल Tejii की अपनी सुविधा के लिए हैं, NSE की तय सीमाएं नहीं। बाजार के मूड वाले स्कोर में भी India VIX एक हिस्सा है।

आधिकारिक आंकड़ा NSE की वेबसाइट पर मिलता है, जहां India VIX का आज का और पुराना डेटा मुफ्त देखा जा सकता है। कोई नंबर अलग लगे तो वहीं मिला लीजिए। Tejii सिर्फ समझाने की जगह है — यहां कोई सलाह, अनुमान या खरीद-बिक्री का इशारा नहीं दिया जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

India VIX ज़्यादा या कम होने का मतलब क्या है?

ज़्यादा नंबर का मतलब है कि Nifty 50 के ऑप्शन भावों (ऑप्शन = तय भाव पर सौदा करने का हक़, मजबूरी नहीं) से निकला अनुमान यह है कि अगले 30 दिनों में उतार-चढ़ाव बड़ा रह सकता है। कम नंबर का मतलब छोटे उतार-चढ़ाव का अनुमान। यह सिर्फ़ हलचल के आकार का माप है — दिशा का नहीं, और किसी एक शेयर का भी नहीं।

India VIX कितना होने पर उसे high माना जाता है?

कोई आधिकारिक सीमा नहीं है। NSE या SEBI यह तय नहीं करते कि किस नंबर से ऊपर India VIX 'ऊंचा' कहलाएगा, इसलिए अलग-अलग वेबसाइट अलग-अलग हद बताती हैं। नंबर का मतलब सिर्फ़ तुलना से निकलता है — आज का VIX उसके अपने पिछले हफ़्तों और महीनों के स्तर के मुक़ाबले कहां है। कोई तय लकीर मौजूद नहीं है।

India VIX और Nifty उलटी दिशा में क्यों चलते हैं?

जब Nifty तेज़ी से गिरता है तो पुट ऑप्शन (तय भाव पर बेचने का हक़) की मांग बढ़ती है, ऑप्शन के भाव चढ़ते हैं, और इन्हीं भावों से बनने वाला India VIX ऊपर चला जाता है। यह उल्टा रिश्ता आंकड़ों में दिखने वाली आम प्रवृत्ति है, कोई पक्का नियम नहीं — कई दिन दोनों साथ भी चल सकते हैं।

क्या India VIX से पता चलता है कि बाज़ार ऊपर जाएगा या नीचे?

नहीं। India VIX सिर्फ़ उतार-चढ़ाव के अनुमानित आकार का माप है, दिशा का नहीं। ऊंचा VIX यह नहीं कहता कि गिरावट आएगी, और कम VIX यह नहीं कहता कि तेज़ी आएगी। बाज़ार कल किस तरफ़ जाएगा, यह कोई भी नहीं जान सकता — न कोई इंडेक्स, न कोई विश्लेषक। VIX बस उम्मीद की चौड़ाई बताता है।

आज का India VIX कहां देखें?

India VIX की गिनती NSE खुद करती है, इसलिए असली स्रोत NSE की वेबसाइट है — वहां लाइव वैल्यू और पिछले दिनों का रिकॉर्ड दोनों मुफ़्त मिलते हैं। यह नंबर कारोबारी घंटों में लगातार बदलता रहता है — सत्र का सटीक समय NSE के Market Timings पेज पर दिया रहता है। बाज़ार बंद होने के बाद उस दिन का क्लोजिंग वैल्यू तय हो जाता है।

क्या India VIX की गणना Nifty के पुराने भावों से होती है?

नहीं। इसमें Nifty 50 के बीते रिटर्न इस्तेमाल नहीं होते। NSE चालू और अगले महीने के, मौजूदा भाव से दूर वाले (out-of-the-money) Nifty 50 ऑप्शन की ऑर्डर बुक में मौजूद सबसे अच्छे खरीद-बिक्री भाव लेती है, और CBOE की विधि के भारतीय रूप से नंबर निकालती है। यह नंबर सालाना दर (annualised %) में आता है, और अगले 30 कैलेंडर दिनों की उम्मीद दिखाता है।

India VIX और अमेरिका के VIX में क्या फ़र्क है?

दोनों एक ही तरह की गणना पर बने हैं, पर आधार अलग है। CBOE का VIX अमेरिका के S&P 500 इंडेक्स के ऑप्शन भावों से बनता है, और India VIX भारत में NSE के Nifty 50 ऑप्शन भावों से। इसलिए दोनों नंबरों की सीधी तुलना करना ठीक नहीं — हर बाज़ार का अपना स्तर और अपना इतिहास होता है।

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