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RSI क्या है — 30 और 70 का असली मतलब, आसान हिंदी में

RSI 0 से 100 के बीच का एक नंबर है, जो बताता है कि हाल में भाव पर चढ़ने का जोर ज्यादा रहा या गिरने का। यह कैसे बनता है और 30-70 का सही मतलब।

प्रकाशित 2026-09-15 · ⏱ 7 मिनट

एक लाइन में

RSI यानी Relative Strength Index, शेयर के भाव से निकलने वाला एक नंबर है जो 0 से 100 के बीच रहता है। यह बताता है कि हाल के कारोबारी दिनों (जिन दिनों बाजार खुला) में उस शेयर के भाव पर चढ़ने का जोर ज्यादा रहा या गिरने का।

इसे J. Welles Wilder ने 1978 में अपनी किताब New Concepts in Technical Trading Systems में पेश किया था। उन्होंने 14 दिन का हिसाब सुझाया, और ज्यादातर चार्ट में आज भी यही 14 पहले से लगा रहता है।

नाम से भ्रम न हो। यहां "relative" (तुलना वाला) का मतलब Nifty या दूसरे शेयरों से तुलना नहीं है। RSI शेयर की अपनी बढ़त को उसकी अपनी गिरावट से तौलता है।

यह नंबर बनता कैसे है

पहला कदम: हर दिन के बंद भाव की तुलना पिछले दिन के बंद भाव से कीजिए। भाव जितना चढ़ा, वह उस दिन की "बढ़त" (gain) है, और जितना गिरा, वह "गिरावट" (loss)। चढ़ने वाले दिन गिरावट शून्य गिनी जाती है, गिरने वाले दिन बढ़त शून्य।

दूसरा कदम: 14 दिनों की सारी बढ़त जोड़कर 14 से भाग दीजिए। यह औसत बढ़त है। सारी गिरावट जोड़कर 14 से भाग दीजिए। यह औसत गिरावट है। भाग 14 से ही देना है, चढ़ने वाले दिनों की गिनती से नहीं। यह पहली बार का हिसाब है, आगे का तरीका नीचे उदाहरण में है।

तीसरा कदम: औसत बढ़त को औसत गिरावट से भाग दीजिए। इसे RS (relative strength) कहते हैं। आखिरी कदम: RSI = 100 − [100 ÷ (1 + RS)]। यानी 100 को (1 + RS) से भाग दीजिए, और जो आए उसे 100 में से घटा दीजिए।

औसत गिरावट शून्य हो, यानी हिसाब के किसी भी दिन भाव न गिरा हो, तो RSI 100 होता है। औसत बढ़त शून्य हो तो 0। दोनों औसत बराबर हों तो ठीक 50।

एक छोटा काल्पनिक उदाहरण

मान लीजिए किसी शेयर का भाव पिछले 14 कारोबारी दिनों में 9 दिन चढ़ा और 5 दिन गिरा। चढ़ने वाले 9 दिनों की कुल बढ़त ₹28 रही, और गिरने वाले 5 दिनों की कुल गिरावट ₹14 रही।

औसत बढ़त = 28 ÷ 14 = 2। औसत गिरावट = 14 ÷ 14 = 1। RS = 2 ÷ 1 = 2। अब 100 ÷ (1 + 2) = लगभग 33.3, और 100 − 33.3 = 66.7। यानी RSI लगभग 66.7 है।

अब मान लीजिए अगले कारोबारी दिन भाव ₹3 चढ़ता है। Wilder का तरीका 14 दिन दोबारा नहीं गिनता। वह पुराने औसत को 13 हिस्से वजन देता है और आज के बदलाव को 1 हिस्सा, फिर 14 से भाग देता है। नई औसत बढ़त = (2 × 13 + 3) ÷ 14, यानी लगभग 2.07। नई औसत गिरावट = (1 × 13 + 0) ÷ 14, यानी लगभग 0.93। RS लगभग 2.23 बनता है, और RSI लगभग 69।

इसे Wilder smoothing (औसत को धीरे-धीरे बदलने का तरीका) कहते हैं। इसमें पुराना दिन एकदम बाहर नहीं होता, धीरे-धीरे फीका पड़ता है। सबसे ज्यादा वजन हाल के दिनों का रहता है।

70 और 30 — नियम नहीं, चलन

Wilder ने 70 से ऊपर के RSI को "ओवरबॉट" (overbought) और 30 से नीचे को "ओवरसोल्ड" (oversold) माना था। नाम से लगता है कि शेयर जरूरत से ज्यादा खरीदा या बेचा गया, पर मतलब बस इतना है कि हाल में चढ़ने या गिरने का जोर बहुत ज्यादा रहा।

ये सीमाएं किसी कानून या गणित से नहीं निकलीं। 70 पर पहुंचते ही कोई घंटी नहीं बजती। कुछ लोग 80 और 20 की लकीरें लेते हैं। यह भी बस अपनी पसंद की बात है।

सबसे जरूरी बात: RSI हफ्तों तक 70 के ऊपर या 30 के नीचे बना रह सकता है। अगर कोई शेयर कई हफ्ते ज्यादातर दिन चढ़ता रहे, तो औसत बढ़त, औसत गिरावट से काफी बड़ी बनी रहती है और RSI ऊंचा रहता है। लंबी गिरावट में यही बात उल्टी तरफ लागू होती है।

सबसे बड़ी गलतफहमी: "RSI 30 से नीचे मतलब खरीदो" — यह गलत है

RSI 30 से नीचे होने का मतलब सिर्फ इतना है कि हाल में गिरने का जोर, चढ़ने के जोर से काफी ज्यादा रहा। यह कोई नई जानकारी नहीं है। चार्ट पर दिख रही गिरावट को ही एक नंबर में लिख दिया गया है।

RSI सिर्फ भाव देखता है। कंपनी का मुनाफा, कर्ज, खबरें, कारोबार — इसे कुछ नहीं पता। इसे थर्मामीटर की तरह समझिए। वह बता देता है कि बुखार 102 डिग्री है, पर यह नहीं बताता कि बीमारी क्या है, या बुखार कल उतरेगा या नहीं।

कई बार भाव इसलिए गिरता है क्योंकि कंपनी में सचमुच कोई दिक्कत होती है। ऐसे में भाव गिरता रह सकता है और RSI हफ्तों तक 30 के नीचे बना रह सकता है। कम RSI का मतलब यह नहीं कि शेयर सस्ता हो गया है।

यही गलती उल्टी तरफ भी होती है: "RSI 70 से ऊपर मतलब बेचो"। यह भी गलत है। RSI को एक सवाल की तरह लीजिए ("हाल में इतनी तेज चाल क्यों आई?"), जवाब की तरह नहीं।

अलग-अलग जगह RSI अलग क्यों दिखता है

मान लीजिए एक ही शेयर का RSI आपके ऐप में 42 दिखे और किसी वेबसाइट पर 44। जरूरी नहीं कि इनमें से कोई गलत हो।

पहली वजह, औसत का तरीका। कहीं Wilder smoothing चलता है, कहीं 14 दिन का सीधा औसत (simple average), जिसमें हर नए दिन सबसे पुराना दिन पूरा हट जाता है। ऊपर के उदाहरण में मान लीजिए सबसे पुराने दिन ₹2 की बढ़त थी। सीधे औसत में अगले दिन कुल बढ़त 28 − 2 + 3 = 29 बनती है और RSI लगभग 67.4 आता है, Wilder वाले 69 से अलग। Wilder के तरीके में यह भी फर्क डालता है कि हिसाब कितने पुराने भाव से शुरू हुआ।

दूसरी वजह, कौन सा भाव लिया। बाजार खुला हो तो कई ऐप उसी पल के भाव से RSI बदलते रहते हैं, जबकि कुछ साइट सिर्फ बंद भाव लेती हैं। split (एक शेयर को कई छोटे शेयरों में बांटना) और bonus (मुफ्त अतिरिक्त शेयर) का भी असर होता है। मान लीजिए 1:1 bonus के बाद शेयर दोगुने हो गए और ₹200 का भाव लगभग ₹100 हो गया। पुराने भाव ठीक (adjust) न किए जाएं, तो हिसाब इसे एक दिन की भारी गिरावट मान लेगा और RSI बेवजह नीचे आ जाएगा।

तीसरी वजह, समय का पैमाना। 14 का मतलब 14 candle (चार्ट पर एक तय समय की एक डंडी) है: रोज के चार्ट पर 14 कारोबारी दिन, हफ्ते के चार्ट पर 14 हफ्ते। इन दोनों का RSI बहुत अलग हो सकता है, इसलिए तुलना एक ही पैमाने पर कीजिए। तब भी अलग-अलग जगह एक-दो अंक का फर्क सामान्य है।

Tejii पर RSI कहां देखें

Nifty 500 के हर शेयर के पन्ने पर RSI (14) दिखता है। वहीं आप बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन का औसत भाव, 52 हफ्ते की रेंज और पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट भी देख सकते हैं।

स्कैनर के "RSI 30 से नीचे" और "RSI 70 से ऊपर" पन्नों पर आज की गिनती है कि Nifty 500 के कितने शेयरों का RSI उस हालत में है, और नामों वाली पूरी सूची एक महीने से ज्यादा पुरानी तारीख की है। उद्योग वाले पन्नों पर उस उद्योग का आम RSI दिखता है। किसी लिस्ट में नाम होना खरीदने या बेचने का इशारा नहीं है।

Tejii हर कारोबारी दिन बाजार बंद होने के बाद NSE के बंद भाव से, Wilder के तरीके से RSI निकालता है। split और bonus पहचानकर पुराने भाव ठीक किए जाते हैं, हालांकि कोई छोटा bonus छूट जाए, ऐसा हो सकता है। इसलिए बाजार के समय आपके ऐप का नंबर थोड़ा अलग दिखे, तो ऊपर की वजहें याद कीजिए।

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