बाजार कब सबसे ज्यादा गिरा

पिछले एक साल में किस दिन सबसे ज्यादा शेयरों ने अपनी साल की पांच सबसे बड़ी एक-दिन की गिरावटों में से एक देखी — NSE के आंकड़ों से गिनी गई तारीखें, और जिन दिनों का ब्यौरा मौजूद है, उस शाम बाजार में क्या हुआ था।

बाजार कब सबसे ज्यादा गिरा

नीचे की टेबल में पिछले एक साल की वे तारीखें हैं जिन दिनों सबसे ज्यादा शेयरों में साल के पांच सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट में से एक पड़ा। हर तारीख के आगे लिखा है कि निफ्टी 500 की कितनी कंपनियों के लिए वह दिन उनके साल के पांच सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट में से एक था।

यह गिनती इंडेक्स के प्रतिशत से अलग बात बताती है। इंडेक्स एक दिन में दो फीसदी गिर सकता है क्योंकि उसमें भारी वजन रखने वाली चार-पांच कंपनियां गिरीं, और उसी दिन बाकी शेयर लगभग शांत रह सकते हैं। और दो फीसदी की गिरावट वाला एक दूसरा दिन ऐसा हो सकता है जिसमें सैकड़ों शेयरों की साल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक उसी दिन पड़ी हो। दूसरी तरह का दिन इस टेबल में ऊपर आता है, पहली तरह का नहीं।

जिन तारीखों पर लिंक है, उन पर क्लिक करके उस शाम का पूरा ब्यौरा पढ़ा जा सकता है — उस दिन कौन से सेक्टर गिरे, कितने शेयर चढ़े और कितने गिरे, और विदेशी व घरेलू निवेशकों ने क्या किया।

तारीखकितने शेयरों के 5 सबसे बुरे दिनों में
23 मार्च 2026218
30 मार्च 2026107
13 मार्च 202694
19 मार्च 202690
12 मई 202685
4 मार्च 202674
9 मार्च 202658
15 सितंबर 202657
2 फरवरी 202654
27 मार्च 202654
20 जनवरी 202653
8 अक्टूबर 202650
23 जनवरी 202639
29 मई 202634
8 जुलाई 202633
8 दिसंबर 202531
2 मार्च 202630
1 जून 202629
11 मई 202628
26 सितंबर 202526

यह आंकड़ा बनता कैसे है

हर कारोबारी शाम NSE अपनी bhavcopy फाइल छापता है, जिसमें उस दिन हर शेयर का बंद भाव होता है। इन्हीं फाइलों से हर शेयर के पिछले एक साल के बंद भाव जोड़े जाते हैं, और स्प्लिट व बोनस के हिसाब से समायोजित किए जाते हैं — वरना 1:2 स्प्लिट के दिन भाव आधा दिखता और वह 50 फीसदी की गिरावट जैसा लगता, जबकि गिरावट हुई ही नहीं।

फिर हर शेयर के लिए उसके साल के पांच सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट निकाले जाते हैं, तारीख के साथ। उसके बाद उलटी गिनती की जाती है: किस तारीख का नाम सबसे ज्यादा शेयरों की उस सूची में आया। इसलिए किसी एक तारीख के आगे अधिकतम इतनी ही संख्या हो सकती है जितनी आज की निफ्टी 500 कंपनियों के आंकड़े उस दिन मौजूद थे।

यह खिड़की — पिछले लगभग एक साल, यानी 260 कारोबारी दिन — चलती रहती है। जैसे-जैसे साल आगे बढ़ता है, पुरानी तारीखें एक साल की सीमा से बाहर निकल जाती हैं और टेबल से हट जाती हैं। यह पन्ना हर शाम नए आंकड़ों के साथ फिर बनता है।

यह पन्ना क्या नहीं बताता

यह नहीं बताता कि उस दिन भाव क्यों गिरे। तारीख और गिरावट आंकड़े हैं; वजह खबर है, और वह इस फाइल में नहीं होती। किसी एक दिन की वजह जाननी हो तो उस शाम का ब्यौरा और कंपनियों की अपनी खबरें देखनी पड़ेंगी।

यह भी नहीं बताया जा सकता कि जो तारीख इस टेबल में नहीं है, उस दिन बाजार शांत था। टेबल में सिर्फ वे दिन आते हैं जिन पर बहुत सारे शेयरों की साल की पांच सबसे बड़ी गिरावटों में से एक एक साथ पड़ी; एक दिन में तीन फीसदी की गिरावट भी हो सकती है और किसी शेयर के लिए वह उसका सबसे बुरा दिन न हो।

और सबसे जरूरी बात: पिछली गिरावटें आगे के बारे में कुछ नहीं बतातीं। यह पन्ना इतिहास का रिकॉर्ड है, अंदाजा नहीं।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “बाजार कब सबसे ज्यादा गिरा — पिछले एक साल के सबसे बुरे दिन, तारीख के साथ”, NSE के end-of-day आंकड़ों पर आधारित, 14 अक्टूबर 2026 तक का डेटा। https://tejii.in/bazar-kab-sabse-zyada-gira

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टेबल डाउनलोड करें: हर दिन की गिनती (CSV)

हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — ये आंकड़े रोज बदलते हैं।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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