FOMC क्या है — Fed मीटिंग, देर रात आने वाला फैसला और बाजार पर असर का सच
FOMC मीटिंग क्या है, इसमें कौन वोट देता है, Fed का फैसला भारत में रात 11:30 या 12:30 बजे क्यों आता है, और यह FII व रुपये से होकर बाजार तक कैसे पहुंचता है।
एक लाइन में
FOMC यानी Federal Open Market Committee, अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve (Fed, फेड) की वह समिति जो वहां की मुख्य ब्याज दर तय करती है। साल में इसकी आठ तय बैठकें होती हैं, और खबरों में जिसे 'Fed मीटिंग' कहा जाता है, वह यही है।
फैसला बैठक के दूसरे दिन अमेरिका के Eastern Time (वॉशिंगटन और न्यूयॉर्क की घड़ी) से दोपहर 2 बजे आता है। भारत में तब रात के 11:30 बजे होते हैं, या आधी रात के बाद 12:30, यानी हमारा बाजार घंटों पहले बंद हो चुका होता है। इसलिए भारत के शेयर बाजार में उसकी प्रतिक्रिया अगली सुबह ही दिख सकती है।
Tejii यह नहीं बताता कि Fed अगली बार दर बढ़ाएगा या घटाएगा, और न यह कि उसके बाद Nifty किधर जाएगा। यह लेख सिर्फ यह समझाता है कि फैसला होता क्या है, कब आता है, और किन रास्तों से भारत तक पहुंचता है।
FOMC में कौन बैठता है और वोट किस पर होता है
FOMC में 12 वोट वाले सदस्य होते हैं। Fed के Board of Governors (सात सदस्यों का मुख्य बोर्ड) के सातों सदस्य, New York Fed के president (प्रमुख), और बाकी 11 क्षेत्रीय Reserve Banks के presidents में से चार, जो एक-एक साल के लिए बारी-बारी से आते हैं। जिनकी बारी नहीं होती, वे भी बैठक में आते हैं और चर्चा में हिस्सा लेते हैं, बस वोट नहीं देते।
22 मई 2026 से Fed के चेयरमैन Kevin Warsh हैं, और वही FOMC के भी chair हैं। New York Fed के president John C. Williams इसके vice chair हैं।
वोट मुख्य रूप से federal funds rate के target range (एक तय दायरा, जैसे 3.75% से 4% के बीच) पर होता है। यह वह ब्याज दर है जिस पर अमेरिकी बैंक Fed में रखा अपना पैसा एक-दूसरे को एक रात के लिए उधार देते हैं। नाम में open market इसलिए है कि यही समिति open market operations, यानी खुले बाजार में securities (बॉन्ड जैसे वित्तीय कागज) की खरीद-बिक्री, की देखरेख करती है।
अमेरिकी संसद (Congress) ने Fed को तीन लक्ष्य दिए हैं: ज्यादा से ज्यादा रोजगार, स्थिर कीमतें, और लंबी अवधि की ठीक-ठाक (moderate) ब्याज दरें। पहले दो को ही आम तौर पर Fed का dual mandate (दोहरी जिम्मेदारी) कहा जाता है। महंगाई के लिए FOMC का लक्ष्य 2% सालाना है।
पिछला फैसला: 16 सितंबर 2026
16 सितंबर 2026 को FOMC ने federal funds rate का दायरा 25 basis point बढ़ाया: 3.50-3.75% से 3.75-4.00%। नया दायरा 17 सितंबर से लागू हुआ। basis point (बेसिस पॉइंट) प्रतिशत का सौवां हिस्सा है, यानी 25 basis point का मतलब 0.25 प्रतिशत अंक। वोट 12-0 रहा।
Fed की अपनी सूची के मुताबिक यह जुलाई 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी थी। बीच में सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक छह बार दर घटी थी, और दायरा 5.25-5.50% से उतरकर 3.50-3.75% पर आ गया था।
बयान में Fed ने लिखा कि महंगाई अब भी ऊंची है, और यह कदम उसे 2% के लक्ष्य पर और जल्दी लौटाने में मदद करेगा। अगली बैठक में क्या होगा, इस पर Tejii कोई अंदाजा नहीं लगाता।
Fed मीटिंग कब है — भारत के समय (IST) से
2026 की आठ बैठकें ये हैं: 27-28 जनवरी, 17-18 मार्च, 28-29 अप्रैल, 16-17 जून, 28-29 जुलाई, 15-16 सितंबर, 27-28 अक्टूबर और 8-9 दिसंबर। इस साल की दो बाकी हैं, 27-28 अक्टूबर और 8-9 दिसंबर।
फैसला दूसरे दिन दोपहर 2 बजे (ET) आता है और चेयरमैन की press conference (पत्रकारों के सवालों के जवाब) 2:30 बजे होती है। भारत में यह कितने बजे पड़ेगा, यह इस पर टिका है कि अमेरिका में उस दिन daylight saving time (गर्मियों में घड़ी एक घंटा आगे करने का नियम) चल रहा है या नहीं। वहां यह मार्च के दूसरे रविवार से नवंबर के पहले रविवार तक चलता है, जबकि भारत में घड़ी कभी नहीं बदलती।
इस हिसाब से 28 अक्टूबर 2026 का फैसला भारत में रात 11:30 बजे आएगा और press conference ठीक आधी रात 12 बजे। अमेरिका में daylight saving 1 नवंबर 2026 को खत्म हो जाएगा, इसलिए 9 दिसंबर का फैसला भारत में 10 दिसंबर को आधी रात के बाद 12:30 बजे आएगा, और press conference 1 बजे।
2027 की तारीखें Fed पहले ही छाप चुका है: 26-27 जनवरी, 16-17 मार्च, 27-28 अप्रैल, 8-9 जून, 27-28 जुलाई, 14-15 सितंबर, 26-27 अक्टूबर और 7-8 दिसंबर। समय यही 2 बजे रहा तो जनवरी और दिसंबर वाले फैसले भारत में अगले दिन आधी रात के बाद 12:30 बजे आएंगे, बाकी छह रात 11:30 बजे। बैठक से पहले federalreserve.gov का कैलेंडर पेज देखकर पक्का कर लें।
Minutes और dot plot — बैठक के बाद की दो और चीजें
Minutes (बैठक की बातचीत का लिखित ब्योरा) फैसले के तीन हफ्ते बाद आते हैं। इनमें लिखा होता है कि सदस्यों ने किन बातों पर चर्चा की और कहां राय बंटी। 15-16 सितंबर की बैठक के minutes 7 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी समय दोपहर 2 बजे आने तय हैं, यानी भारत में रात 11:30 बजे।
साल की चार बैठकों, मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर, के साथ Summary of Economic Projections (अर्थव्यवस्था के अनुमानों का सार) भी आता है। इसमें सदस्य आने वाले सालों की growth (अर्थव्यवस्था की बढ़त), बेरोजगारी और महंगाई के अपने-अपने अनुमान देते हैं।
इसी का एक चार्ट dot plot कहलाता है। उसमें हर बिंदु (dot) बैठक में बैठने वाले किसी एक governor या president का अंदाजा है, चाहे उस साल उसका वोट हो या न हो। अंदाजा इस बात का कि हर साल के आखिर में federal funds rate कहां होना ठीक रहेगा। यह अंदाजा है, वादा नहीं। Tejii dots पढ़कर यह नहीं बताता कि आगे दरें कहां जाएंगी।
अमेरिका की ब्याज दर भारत के बाजार तक कैसे पहुंचती है
कोई पक्का नियम नहीं है, पर तीन रास्ते अक्सर गिनाए जाते हैं। पहला है दुनिया भर के बड़े फंडों का हिसाब। अमेरिका में सरकारी bond (सरकार को दिया कर्ज, जिस पर तय ब्याज मिलता है) जैसी सुरक्षित जगहों पर ब्याज बढ़े, तो बिना ज्यादा जोखिम के वहीं ठीक-ठाक रिटर्न मिलने लगता है, और भारत जैसे बाजारों में पैसा लगाने की तुलना बदल जाती है। इन फंडों को भारत में FII या FPI (विदेशी संस्थागत निवेशक) कहते हैं; इनके आने-जाने की पूरी बात अलग लेख में है।
दूसरा रास्ता रुपया है। विदेशी फंड अपना मुनाफा आखिर में डॉलर में गिनता है। डॉलर की मांग बढ़े तो रुपया कमजोर हो सकता है, और तब भारतीय शेयर का वही मुनाफा डॉलर में छोटा दिखता है।
तीसरा रास्ता उम्मीदें हैं। बाजार अक्सर बैठक से पहले ही अंदाजा लगा चुका होता है कि फैसला क्या आएगा, और वह अंदाजा भावों में पहले से शामिल होता है। इसलिए कई बार असली हलचल फैसले पर नहीं, उस बात पर होती है जो उम्मीद से अलग निकली, जैसे बयान की भाषा, press conference या dot plot।
एक काल्पनिक उदाहरण: रुपये में बराबर, डॉलर में घाटा
मान लीजिए अमेरिका के एक काल्पनिक फंड ने भारत की एक काल्पनिक कंपनी के शेयरों में 1 लाख डॉलर लगाए, जब 1 डॉलर ₹80 का था। यानी उसने ₹80 लाख के शेयर खरीदे।
एक साल बाद उन शेयरों की कीमत अब भी ₹80 लाख है, न फायदा, न नुकसान। पर इस बीच रुपया कमजोर होकर ₹100 प्रति डॉलर हो गया। अब ₹80 लाख को डॉलर में बदलें, तो 80,000 डॉलर ही मिलते हैं। रुपये में हिसाब बराबर, डॉलर में 20% घाटा।
अब मान लीजिए इसी दौरान अमेरिका के सरकारी bond पर ब्याज भी बढ़ गया। फंड मैनेजर के सामने तुलना बदल गई: एक तरफ भारत के शेयरों में डॉलर के हिसाब से घाटा, दूसरी तरफ अपने ही देश में पहले से ज्यादा ब्याज। इसीलिए Fed, रुपया और FII की खबरें अक्सर एक साथ सुनाई देती हैं।
यह सिर्फ समझाने का उदाहरण है। कई असली फंड hedging (नुकसान से बचाव के सौदे) करते हैं, उनकी अपनी शर्तें होती हैं, और ऐसा कोई नियम नहीं कि वे बेचेंगे ही।
सबसे बड़ी गलतफहमी: Fed ने दर बढ़ाई, तो Nifty गिरेगा ही
यह बात इतनी बार दोहराई जाती है कि नियम जैसी लगने लगी है। पर Fed का फैसला उस दिन की सैकड़ों खबरों में से एक है, और बाजार कई बार उसे पहले ही भाव में जोड़ चुका होता है।
Tejii के रोज के आंकड़े देखिए। 16 सितंबर 2026 को Fed ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार दर बढ़ाई। अगले दिन, 17 सितंबर को, Nifty 50 0.23% चढ़कर 23,270.60 पर बंद हुआ। उस दिन FII ने ₹3,208.76 करोड़ के शेयर शुद्ध रूप से बेचे, पर DII (घरेलू संस्थाओं) ने ₹3,617.75 करोड़ के शुद्ध खरीदे (NSE के अस्थायी आंकड़े)।
इससे उल्टा नियम भी नहीं बनता कि दर बढ़ना अच्छी खबर है। उस दिन और भी बहुत कुछ हुआ, और एक दिन का नंबर किसी एक वजह को साबित नहीं करता, न इस तरफ, न उस तरफ।
दूसरी आम गलतफहमी है कि Fed ने दर घटाई तो भारत में लोन सस्ते हो जाएंगे। भारत की policy repo rate (RBI की मुख्य ब्याज दर) RBI की छह सदस्यों वाली Monetary Policy Committee (MPC) तय करती है। Fed का फैसला उस पर लागू नहीं होता, और न उससे सीधे आपकी EMI बदलती है।
Tejii यह नहीं बताता कि Fed की बैठक से पहले या बाद में कुछ खरीदें, बेचें या रुके रहें। आपकी अपनी हालत देखकर ऐसी सलाह देना SEBI में registered निवेश सलाहकार का काम है।
Tejii पर इससे जुड़ी चीजें
Fed का फैसला भारत की रात में आता है, इसलिए Tejii पर उससे जुड़ी खबर अगली सुबह 'बाजार खुलने से पहले' वाले पन्ने पर मिल सकती है। सुबह के अपडेट में यह पन्ना समाचार फीड की उन ताजा हेडलाइनों को उठाता है जिनमें Fed, Federal Reserve, crude या Wall Street जैसे शब्द हों, साथ में पिछला बंद Nifty और रुपये का भाव। फीड में ऐसी कोई हेडलाइन न हो, तो वह हिस्सा दिखता ही नहीं। स्टॉक टिप वाली हेडलाइनें वहां से छांट दी जाती हैं।
होम पेज पर रुपये का भाव (एक डॉलर कितने रुपये का) दिखता है; यह लाइव भाव नहीं, आखिरी अपडेट के समय का है। FII / DII पन्ने पर हर शाम NSE के अस्थायी आंकड़ों से FII और DII की खरीद, बिक्री और net (दोनों का अंतर) दिखता है, और India VIX पन्ने पर बाजार की घबराहट का पैमाना।
Blog पर हर कारोबारी दिन का एक recap (दिन भर का सार) पोस्ट अपने आप बनता है, जिसमें Nifty का बंद भाव, FII-DII और India VIX होते हैं। ऊपर वाले 17 सितंबर 2026 के आंकड़े वहीं से हैं। Fed की बैठकों का कैलेंडर या फैसले का लाइव अपडेट Tejii पर नहीं है; तारीखें federalreserve.gov पर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
FOMC मीटिंग क्या होती है और इसमें कौन-कौन होता है?
FOMC यानी Federal Open Market Committee, अमेरिका के केंद्रीय बैंक Fed की ब्याज दर तय करने वाली समिति। इसमें 12 वोट वाले सदस्य हैं: Fed बोर्ड के सात governors, New York Fed के president, और बाकी 11 Reserve Bank presidents में से चार, जो एक-एक साल की बारी से आते हैं। बाकी presidents भी बैठक में रहते हैं, पर वोट नहीं देते। साल में आठ तय बैठकें होती हैं।
फेड मीटिंग भारतीय समय से कितने बजे होती है?
फैसला बैठक के दूसरे दिन अमेरिका के Eastern Time से दोपहर 2 बजे आता है, और press conference 2:30 बजे। मार्च के दूसरे रविवार से नवंबर के पहले रविवार तक, जब अमेरिका में daylight saving time चलता है, यह भारत में रात 11:30 बजे पड़ता है। बाकी महीनों में आधी रात के बाद 12:30 बजे। भारत का बाजार तब तक बंद हो चुका होता है।
अगली फेड मीटिंग कब है?
2026 की बाकी दो बैठकें 27-28 अक्टूबर और 8-9 दिसंबर को हैं। 28 अक्टूबर का फैसला भारत में रात 11:30 बजे आएगा। 9 दिसंबर का फैसला, अमेरिका में घड़ी बदलने के बाद, भारत में 10 दिसंबर को आधी रात के बाद 12:30 बजे आएगा। 2027 की पहली बैठक 26-27 जनवरी को है। पक्की तारीखें federalreserve.gov के कैलेंडर पेज पर रहती हैं।
फेड के ब्याज दर बढ़ाने से भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरता है?
हर बार नहीं गिरता। तर्क यह है कि अमेरिका में ब्याज बढ़े तो विदेशी फंडों (FII) को वहीं ठीक रिटर्न दिखता है, और रुपया कमजोर हो तो उनका मुनाफा डॉलर में घटता है। पर बाजार अक्सर फैसले का अंदाजा पहले से भाव में जोड़ चुका होता है। 16 सितंबर 2026 की बढ़ोतरी के अगले दिन Nifty 50 0.23% ऊपर बंद हुआ था। एक दिन से कोई नियम नहीं बनता।
FOMC minutes क्या होते हैं और कब आते हैं?
Minutes बैठक की बातचीत का लिखित ब्योरा हैं: किन बातों पर चर्चा हुई और कहां राय बंटी। Fed इन्हें फैसले के तीन हफ्ते बाद, अमेरिकी समय दोपहर 2 बजे जारी करता है। 15-16 सितंबर 2026 की बैठक के minutes 7 अक्टूबर 2026 को आने तय हैं, यानी भारत में रात 11:30 बजे। इनसे फैसला नहीं बदलता, सिर्फ उसके पीछे की बहस दिखती है।
dot plot (Summary of Economic Projections) क्या है?
साल की चार बैठकों (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) के साथ Fed अनुमानों का एक सार छापता है, जिसमें growth, बेरोजगारी और महंगाई के अनुमान होते हैं। इसी के एक चार्ट को dot plot कहते हैं। उसमें हर dot बैठक में बैठने वाले एक सदस्य का अंदाजा है कि हर साल के आखिर में federal funds rate कहां होना ठीक रहेगा। यह अनुमान है, Fed का वादा नहीं।
basis point क्या होता है?
basis point प्रतिशत का सौवां हिस्सा है: 100 basis point यानी 1 प्रतिशत अंक। तो 25 basis point की बढ़ोतरी का मतलब 0.25 प्रतिशत अंक है। 16 सितंबर 2026 को Fed ने दर का दायरा 25 basis point बढ़ाकर 3.50-3.75% से 3.75-4.00% किया था। ब्याज दरों की खबरों में यही इकाई चलती है, ताकि 'प्रतिशत' और 'प्रतिशत अंक' में उलझन न हो।
फेड का चेयरमैन कौन है?
Kevin Warsh ने 22 मई 2026 को Fed के चेयरमैन के तौर पर शपथ ली। वही FOMC के भी chair हैं, और New York Fed के president John C. Williams इसके vice chair हैं। दर का फैसला अकेले चेयरमैन नहीं करते, 12 वोट वाले सदस्य मिलकर करते हैं। 16 सितंबर 2026 का वोट 12-0 था।