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मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है — 2026 में कब, और उस एक घंटे में होता क्या है

मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली लक्ष्मी पूजन पर होने वाला एक घंटे का असली कारोबारी session है। 2026 में यह 8 नवंबर, रविवार को है; समय NSE बाद में बताएगा।

प्रकाशित 2026-09-25 · अपडेट 2026-10-06 · ⏱ 6 मिनट

एक लाइन में

मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के लक्ष्मी पूजन वाले दिन होने वाला करीब एक घंटे का खास कारोबारी session (खरीद-बिक्री का तय समय) है। उस दिन बाजार की आम छुट्टी रहती है, फिर भी NSE और BSE थोड़ी देर के लिए बाजार खोलते हैं।

2026 में यह दिन 8 नवंबर, रविवार है। NSE ने 12 दिसंबर 2025 के circular (exchange की आधिकारिक सूचना) NSE/CMTR/71775 में लिखा है कि उस दिन trading holiday रहेगा, उसी दिन Muhurat trading होगी, और समय बाद में अलग circular से बताया जाएगा। सितंबर 2026 के आखिरी हफ्ते तक समय वाला circular नहीं आया था।

एक बात शुरू में साफ कर लें। यह दिखावे का session नहीं है। सौदे असली होते हैं, उन पर settlement (शेयर और पैसे का असल लेन-देन) होता है, और खर्चे भी आम दिन जैसे ही लगते हैं। यह लेख सिर्फ समझाने के लिए है, किसी सौदे की सलाह नहीं।

2026 की तारीख पक्की है, समय अभी नहीं

NSE की 2026 वाली छुट्टी लिस्ट में 8 नवंबर दर्ज है, और साथ का नोट कहता है कि उस दिन Muhurat trading होगी और समय आगे बताया जाएगा। इसलिए तारीख पर भरोसा कीजिए, समय पर अभी नहीं। BSE अपनी सूचना अलग से देता है।

इंटरनेट पर कई जगह 2026 का समय ऐसे छपा मिलेगा जैसे तय हो चुका हो — कहीं शाम का, कहीं दोपहर का। ये सिर्फ अंदाजे हैं। समय हर साल बदला है: 12 नवंबर 2023 को यह session शाम 6:15 से 7:15 तक चला, 1 नवंबर 2024 को शाम 6 से 7 तक, और 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1:45 से 2:45 तक।

रविवार वाली बात अलग से समझ लीजिए। शनिवार-रविवार को बाजार वैसे भी बंद रहता है। फिर भी 8 नवंबर को session होगा — यह अपवाद है, गलती नहीं। 12 नवंबर 2023 भी रविवार था और उस दिन मुहूर्त session हुआ था।

यह session होता क्यों है

यह परंपरा है। भारत के कई कारोबारी समुदायों में दिवाली के आसपास नया संवत (Samvat, परंपरागत नया साल) शुरू माना जाता है, और उसी दिन नए बही-खाते खोलने का रिवाज रहा है। 21 अक्टूबर 2025 वाले session को Samvat 2082 की शुरुआत कहा गया था।

ज्यादातर लोग उस दिन सिर्फ शगुन का सौदा करते हैं — एक या दो शेयर खरीद लेना। इसे token trade कहते हैं। पर यह सिर्फ रिवाज है। ऐसा कोई नियम नहीं जो इन सौदों को बाकी दिनों से अलग दर्जा देता हो। भाव उसी तरह बनते हैं और नुकसान भी उसी तरह हो सकता है।

session असली है: settlement और खर्चे

NSE अपने circular में इसे special live trading session कहता है और लिखता है कि इसके सभी सौदों पर settlement obligation बनती है। मतलब — खरीदा तो पैसे देने होंगे, बेचा तो शेयर देने होंगे, ठीक किसी आम कारोबारी दिन की तरह।

भारत में शेयरों का settlement आम तौर पर T+1 पर होता है, यानी सौदे के दिन के अगले कारोबारी दिन। अगला दिन गिनते समय शनिवार, रविवार और छुट्टियां छोड़ी जाती हैं। 2025 में session 21 अक्टूबर को हुआ, 22 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा की छुट्टी थी, इसलिए उन सौदों का settlement 23 अक्टूबर को हुआ। 2026 की तारीख भी इसी तरह अलग circular से तय होगी।

खर्चों में छूट नहीं मिलती। STT (securities transaction tax, शेयर सौदों पर लगने वाला कर), exchange की फीस, GST, stamp duty और SEBI का शुल्क वैसे ही लगते हैं। कुछ broker उस दिन brokerage माफ करने का offer देते हैं — वह उस broker का offer है, exchange या सरकार का नियम नहीं।

उस एक घंटे के अंदर का ढांचा

अंदर का ढांचा आम दिन जैसा ही रहता है, बस छोटा। पहले बड़े सौदों के लिए एक छोटी block deal window, फिर 15 मिनट का pre-open session (जिसमें शुरुआती भाव तय होता है), फिर करीब एक घंटे का normal market, और आखिर में वह सुविधा जिसमें broker दर्ज सौदों में सुधार कर सकते हैं।

2025 का session इसका अच्छा उदाहरण है। उस दिन block deal window दोपहर 1:15 से 1:30 तक थी, pre-open 1:30 से 1:45 तक, normal market 1:45 से 2:45 तक, closing session 2:55 से 3:05 तक, और नकद बाजार में सौदों में सुधार (trade modification) की सुविधा 3:15 बजे बंद हुई। शेयरों के साथ derivatives (futures और options वाले सौदे) भी उसी एक घंटे में चले।

2026 का ढांचा उसी circular में आएगा। एक बदलाव अभी से जान लीजिए। 7 सितंबर 2026 से आम दिनों के pre-open के अंदर के नियम नए हैं: 15 में से पहले 10 मिनट order डालने के हैं, बाकी 5 मिनट भाव तय होने और ठहराव के, और order वाला हिस्सा अपने आखिरी दो मिनट में किसी भी पल अपने आप बंद हो जाता है। वह पल exchange का सिस्टम चुनता है, किसी को पहले से पता नहीं होता।

पतला बाजार: कम सौदों का असर आपके भाव पर

यह session आम दिन के मुकाबले पतला रहता है। आम दिन कारोबार सुबह 9:15 से दोपहर साढ़े तीन बजे तक चलता है, यहां सिर्फ एक घंटा। कई बड़े संस्थागत खरीदार-विक्रेता उस दिन काम नहीं करते। नतीजा — किसी शेयर में उस दिन बहुत कम सौदे होते हैं।

पतले बाजार का असर spread पर पड़ता है — spread यानी सबसे ऊंची खरीद बोली और सबसे नीची बिक्री बोली के बीच का फासला। यह फासला चौड़ा हो तो market order (जो भाव मिले उस पर सौदा) डालने पर भाव उम्मीद से दूर लग सकता है। limit order (आपका तय किया भाव) में यह डर नहीं रहता, पर जोखिम यह रहता है कि सौदा हो ही न।

असर छोटे और कम कारोबार वाले शेयरों में सबसे ज्यादा दिखता है। उस दिन का आधिकारिक बंद भाव भी इसी एक घंटे के कारोबार से बनता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी

सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि मुहूर्त वाले दिन खरीदा गया शेयर किस्मत या शुभ असर लेकर आता है। ऐसा कुछ नहीं होता। शेयर का नतीजा कंपनी के कारोबार, कमाई, आपके खरीदे भाव और आपकी अवधि से तय होता है — खरीदने की तारीख से नहीं।

दूसरी गलतफहमी यह है कि उस एक घंटे की चाल आगे के पूरे साल का इशारा देती है। ऐसा कोई रिश्ता साबित नहीं है। 21 अक्टूबर 2025 वाले session में Sensex 62.97 अंक यानी 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। एक घंटे के थोड़े से सौदों से बना ऐसा आंकड़ा अगले बारह महीनों के बारे में कुछ नहीं बताता। यहां न कोई भविष्यवाणी है, न कोई सलाह।

तीसरी गलतफहमी समय की है — पिछले साल का समय इस साल पर लगा देना। 2025 में session दोपहर में था, उससे पहले के दो साल शाम में। 2026 का समय आने वाले circular से ही पक्का होगा, किसी पुरानी खबर या forward किए गए message से नहीं।

Tejii पर इससे जुड़ी चीजें

Tejii के रोज वाले पन्ने हर कारोबारी दिन बाजार बंद होने के बाद NSE के आंकड़ों से बनते हैं। मुहूर्त वाले दिन कारोबार होता है, इसलिए उस दिन का बंद भाव भी आगे के हिसाब में गिना जाता है — शेयर के पन्ने का RSI, 20, 50 और 200 दिन के average और 52 हफ्ते की range सब उसी के साथ आगे बढ़ते हैं।

दिवाली वाले हफ्ते का हिसाब ऐसे रहेगा: 8 नवंबर रविवार को मुहूर्त वाला session, 9 नवंबर सोमवार सामान्य कारोबारी दिन, और 10 नवंबर मंगलवार को बलिप्रतिपदा की छुट्टी। जिस दिन कारोबार नहीं होता, उस दिन Tejii के पन्नों पर पिछले कारोबारी दिन के ही नंबर रहते हैं। यह गड़बड़ी नहीं है।

होम पेज का market mood और advance-decline की गिनती बताती है कि कितने शेयर चढ़े और कितने गिरे। पतले दिन में यह गिनती भी बहुत कम सौदों पर बनी होती है, इसलिए उसे उस दिन का पूरा हाल न मानें। छुट्टियों की पूरी लिस्ट अलग लेख में है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का time क्या है?

अभी बताया नहीं गया है। NSE के 12 दिसंबर 2025 के circular और BSE के notice में इतना ही है कि session रविवार 8 नवंबर 2026 को होगा और समय बाद में बताया जाएगा। 26 सितंबर 2026 तक वह नहीं आया। जो भी समय बता रहा है, शाम का हो या दोपहर का, वह अंदाज़ा है। 2025 में session दोपहर 1:45–2:45 का था, 2024 में शाम 6–7 का।

Muhurat trading 2026 का समय कब announce होगा, और कहाँ देखें?

2026 का समय exchange अलग circular या notice से बताएगा। NSE ने पिछले सालों में यह session से 13 से 29 दिन पहले निकाला है: 2024 में 13 दिन, 2025 में 29 दिन। अक्टूबर के आख़िर तक न आए तो भी सामान्य है। भरोसेमंद जगह दो ही हैं: NSE और BSE की website का circulars/holidays हिस्सा, या आपके broker का official notice। WhatsApp के समय पर भरोसा न करें।

क्या BSE पर भी मुहूर्त ट्रेडिंग 8 नवंबर को ही है?

हाँ, उसी दिन। BSE के 12 दिसंबर 2025 के notice में भी रविवार 8 नवंबर 2026 को मुहूर्त ट्रेडिंग रखी गई है, और समय बाद में बताने की बात कही गई है। दोनों exchange यह session एक ही दिन करते हैं। यानी आपका शेयर NSE पर हो या BSE पर, तारीख वही रहेगी।

मुहूर्त ट्रेडिंग में खरीदे शेयर का settlement होता है या नहीं?

हाँ, होता है। Settlement यानी शेयर और पैसे का असली हाथ-बदल, वह इस session में भी पूरा होता है; यह demo नहीं है। सौदा हुआ तो खरीदने वाले के demat में शेयर आएंगे और बेचने वाले को पैसा मिलेगा, T+1 यानी सौदे के अगले settlement दिन (calendar के अगले दिन नहीं)। पक्की तारीख हिसाब पूरा करने वाली संस्था (clearing corporation) बताती है; 2026 का notice अभी आया नहीं है।

मुहूर्त ट्रेडिंग में brokerage और टैक्स माफ़ होते हैं?

नहीं। यह त्योहार का session है, छूट का नहीं। STT (securities transaction tax — सौदे पर लगने वाला सरकारी टैक्स), exchange transaction charges, GST, stamp duty और SEBI का turnover fee बाकी दिनों की तरह ही लगते हैं। कुछ broker अपनी brokerage पर अपना offer दे देते हैं, लेकिन सरकारी और exchange के charges कोई broker माफ़ नहीं कर सकता — 1 शेयर के सौदे पर भी।

क्या मुहूर्त session से पूरे साल के बाजार का अंदाज़ा लगता है?

नहीं, और ऐसा कोई भरोसेमंद डेटा मौजूद ही नहीं है जिससे यह निकाला जा सके। पिछले सालों में यह session एक घंटे का रहा है; 2026 का समय exchange ने अभी बताया नहीं है। आगे साल भर बाजार में क्या होगा, यह कोई नहीं जान सकता, न यह एक घंटा बता सकता है, न कोई और संकेत। इसे शकुन की तरह देखा जाता है, नाप-तोल की तरह नहीं।

मुहूर्त ट्रेडिंग में शेयर खरीदना शुभ होता है क्या?

शुभ मानना आस्था की बात है, बाजार के गणित की नहीं। मुहूर्त में खरीदने से कंपनी का कारोबार, आपका जोखिम या आपके charges कुछ नहीं बदलते: वही सौदा, वही settlement (शेयर और पैसे का असली हाथ-बदल), वही टैक्स जो किसी भी और दिन। टोकन के तौर पर 1 शेयर खरीदना एक पुराना चलन है; यह परंपरा है, कोई नियम या सलाह नहीं।

मुहूर्त ट्रेडिंग करना ज़रूरी है? न करूँ तो क्या होगा?

नहीं, ज़रूरी नहीं। यह session optional है, यानी आपकी मर्ज़ी। हिस्सा न लेने से आपके पास पहले से रखे शेयरों, SIP या demat खाते पर कोई असर नहीं पड़ता। न कोई penalty है, न कुछ छूट जाता है। NSE और BSE की 12 दिसंबर 2025 की holiday list के मुताबिक सोमवार 9 नवंबर 2026 आम trading दिन है, और मंगलवार 10 नवंबर को Diwali-Balipratipada की छुट्टी है।

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