पॉलीकैब इंडिया (Polycab India Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से पॉलीकैब इंडिया इनमें शामिल है: निफ्टी नेक्स्ट 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200।
पॉलीकैब इंडिया क्या काम करती है
Polycab India बिजली के तार (wires) और cables बनाने वाली कंपनी है। यह fans, lights, switches, switchgear, solar inverters और pumps जैसे electrical products (FMEG) भी बनाती है। इसके products घरों, दफ्तरों, उद्योगों और infrastructure projects में इस्तेमाल होते हैं, और कंपनी अपने products विदेशों में भी बेचती है।
पॉलीकैब इंडिया शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 21% रही — 27 फरवरी 2026 को ₹8,610.50 के बंद भाव से 23 मार्च 2026 को ₹6,795.00 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 18% नीचे है — सामान्य उतार-चढ़ाव।
पिछले एक साल में यह ₹6,663.00 से ₹10,126.00 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
पॉलीकैब इंडिया शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 10 मार्च 2026 | -6.14% |
| 1 सितंबर 2026 | -5.82% |
| 4 सितंबर 2026 | -5.76% |
| 23 मार्च 2026 | -5.24% |
| 20 जनवरी 2026 | -4.63% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 48.88 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 1 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 2.45x रहा। इतना ज्यादा वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कुछ खास हुआ था — खबर, नतीजे, या किसी बड़े सौदे।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।