बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से बजाज हाउसिंग फाइनेंस इनमें शामिल है: निफ्टी मिडकैप 150।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या काम करती है
Bajaj Housing Finance पुणे स्थित housing finance कंपनी है, जो Bajaj Finance की सहायक कंपनी और Bajaj Group का हिस्सा है। यह घर खरीदने या renovation के लिए home loan, loan against property, बिल्डरों (developers) को लोन और lease rental discounting जैसी सेवाएँ देती है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 35% रही — 24 सितंबर 2025 को ₹111.80 के बंद भाव से 30 मार्च 2026 को ₹73.09 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 25% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹72.65 से ₹113.45 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 2 दिसंबर 2025 | -7.15% |
| 27 मार्च 2026 | -4.15% |
| 30 मार्च 2026 | -3.64% |
| 23 मार्च 2026 | -3.61% |
| 8 जुलाई 2026 | -2.87% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 55.97 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 2 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 2.11x रहा। इतना ज्यादा वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कुछ खास हुआ था — खबर, नतीजे, या किसी बड़े सौदे।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।