बायर क्रॉपसाइंस (Bayer Cropscience Ltd.)
बायर क्रॉपसाइंस अब निफ्टी 500 इंडेक्स में नहीं है — NSE की 30 सितंबर 2026 की सूची से यह बाहर है। NSE पर इसमें कारोबार जारी है, और इस पन्ने के आंकड़े रोज अपडेट होते हैं।
बायर क्रॉपसाइंस क्या काम करती है
Bayer CropScience Ltd. जर्मनी के Bayer group की भारतीय कंपनी है। यह किसानों के लिए कीटनाशक (insecticides), फफूंदनाशक (fungicides) और खरपतवारनाशक (herbicides) जैसे फसल सुरक्षा उत्पाद बनाती और बेचती है, साथ ही DEKALB ब्रांड के मक्का (corn) के hybrid बीज भी बेचती है।
बायर क्रॉपसाइंस शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 34% रही — 16 अक्टूबर 2025 को ₹5,113.20 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹3,381.60 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 31% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹3,366.30 से ₹5,149.90 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
बायर क्रॉपसाइंस शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 23 मार्च 2026 | -4.85% |
| 7 नवंबर 2025 | -3.22% |
| 8 अक्टूबर 2026 | -3.15% |
| 11 नवंबर 2025 | -3.08% |
| 9 मार्च 2026 | -2.98% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 38.41 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.31x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।