केमिकल सेक्टर के शेयर: खाद, कीटनाशक और स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियां

निफ्टी 500 के 26 शेयर · 14 अक्टूबर 2026 के बंद भाव

NSE की 'Chemicals' श्रेणी नाम से जितनी लगती है, उससे ज़्यादा फैली हुई है। इसमें स्पेशियलिटी केमिकल (किसी खास काम के लिए बनाए जाने वाले रसायन, जो दवा, रंग और दूसरे उद्योगों में लगते हैं) बनाने वाली कंपनियां हैं। फ्लोरीन केमिकल (जैसे AC और फ्रिज में इस्तेमाल होने वाली रेफ्रिजरेंट गैसें) बनाने वाली कंपनियां भी इसी में हैं। कीटनाशक और फसल सुरक्षा उत्पाद (एग्रोकेमिकल) बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। यूरिया और DAP जैसी खाद बनाने वाली कंपनियां भी इसी श्रेणी में हैं। इनके अलावा औद्योगिक गैसें (जैसे ऑक्सीजन और नाइट्रोजन) और कार्बन ब्लैक (टायर और रबर में मिलाया जाने वाला काला पाउडर) बनाने वाली कंपनियां यहां गिनी जाती हैं। सोडा ऐश (कांच और डिटर्जेंट बनाने में लगने वाला रसायन), गोंद (एडहेसिव), विस्फोटक और प्लास्टिक का कच्चा माल बनाने वाली कंपनियां भी इसी श्रेणी में हैं। इस श्रेणी की कुछ कंपनियों का कारोबार रसायन के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी फैला हुआ है।

29%आम शेयर की 1 साल में सबसे बड़ी गिरावट
46%200-दिन के औसत से ऊपर
47आम RSI
0 शेयर52 हफ्ते के हाई के 5% के अंदर

यह उद्योग किन बातों से प्रभावित होता है

ये वे बातें हैं जिनका असर इस उद्योग पर आमतौर पर पड़ता है — यह भविष्यवाणी नहीं कि आगे क्या होगा।

  • कई रसायन बनाने में कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस से बनने वाली चीज़ें लगती हैं। इन चीज़ों के दाम बदलने पर कंपनियों की लागत बदलती है। मुनाफे पर इसका असर काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनी बढ़ी लागत अपने ग्राहकों से कितनी जल्दी वसूल पाती है।
  • यूरिया का खुदरा दाम सरकार तय करती है। सरकार द्वारा मानी गई लागत और इस दाम के बीच का फर्क कंपनियों को सब्सिडी के रूप में मिलता है। DAP जैसी फॉस्फेट और पोटाश वाली खादों पर सरकार पोषक तत्वों के हिसाब से समय-समय पर तय दर से सब्सिडी देती है। खाद बनाने की लागत प्राकृतिक गैस, अमोनिया, फॉस्फोरिक एसिड और रॉक फॉस्फेट जैसी चीज़ों के दाम से जुड़ी होती है। इसलिए इन चीज़ों के दाम, सब्सिडी के नियमों या दरों में बदलाव, और सरकार से भुगतान में देरी खाद कंपनियों की कमाई और उनके पास मौजूद नकदी पर असर डालते हैं।
  • खाद और कीटनाशकों की मांग खेती से जुड़ी है। खरीफ फसलें बरसात के मौसम में और रबी फसलें सर्दियों में बोई जाती हैं। इसलिए मानसून की बारिश और खरीफ-रबी की बुवाई इन कंपनियों की देश के अंदर होने वाली बिक्री को प्रभावित करती हैं।
  • कई स्पेशियलिटी केमिकल और एग्रोकेमिकल कंपनियां विदेशों में माल बेचती हैं और चीन जैसे बड़े उत्पादक देशों की कंपनियों से मुकाबला करती हैं। इसलिए दुनिया भर में मांग, विदेश से आने वाले माल (आयात) की कीमत और रुपये-डॉलर के भाव में बदलाव इनकी बिक्री की कीमत और कमाई पर असर डालते हैं।
  • इस श्रेणी की कई कंपनियां अपना माल टायर, भवन निर्माण (कंस्ट्रक्शन), खनन, दवा और कपड़ा जैसे दूसरे उद्योगों को बेचती हैं। इसलिए उन उद्योगों में कामकाज घटने-बढ़ने से इन रसायनों की मांग भी बदलती है।

इस उद्योग के सारे 26 शेयर

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शेयरबंद भावआजहाई सेRSI1 साल की सबसे बड़ी गिरावट
सोलर इंडस्ट्रीज₹20,170.00+0.41%-11.15%52.9320%
यूपीएल₹541.65+3.23%-33.31%51.6940%
पीआई इंडस्ट्रीज₹2,218.80+4.17%-42.11%43.245%
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज₹1,499.50+0.13%-12.18%44.1817%
टाटा केमिकल्स₹629.55-0.05%-35.18%48.1640%
कोरोमंडल इंटरनेशनल₹1,747.00+1.38%-30.09%38.6930%
गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स₹4,632.10+1.79%-6.59%55.9721%
हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल₹663.95+0.6%-18.98%46.3120%
नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल₹8,457.00-0.13%-5.5%51.8412%
एथर इंडस्ट्रीज₹1,682.60-1.93%-7.25%49.0216%
एसआरएफ₹2,499.70+0.31%-22.13%47.9725%
अनुपम रसायन₹1,187.00+1.89%-16.11%51.2520%
आरती इंडस्ट्रीज₹497.90+2.07%-9.76%54.4417%
स्वान कॉर्प₹274.65+3.25%-45.0%44.9547%
पारादीप फॉस्फेट्स₹144.26+1.76%-28.58%38.5747%
दीपक नाइट्राइट₹1,645.40+1.44%-13.6%56.5331%
अतुल लिमिटेड₹5,972.00-0.43%-16.82%41.918%
पीसीबीएल केमिकल₹312.95+0.24%-20.57%40.4940%
प्रिवी स्पेशियलिटी केमिकल्स₹3,407.80+0.55%-9.97%43.1823%
दीपक फर्टिलाइजर्स₹1,367.00-1.12%-18.68%48.5245%
चंबल फर्टिलाइजर्स₹387.10+2.22%-28.21%36.2530%
क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी₹818.60+2.93%-29.41%52.7242%
सुमितोमो केमिकल इंडिया₹402.60-2.81%-29.62%24.7435%
जुबिलेंट इंग्रेविया₹645.25+2.83%-18.84%48.7928%
फैक्ट₹734.90-0.18%-30.58%40.1332%
लिंडे इंडिया₹6,007.50-0.02%-25.36%36.8324%

भाव स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित हैं। तरीका: पिछले साल की गिरावट का डेटा।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यह सूची किसी उद्योग या शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है — ऊपर सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका मतलब है।

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