कंस्ट्रक्शन मटेरियल (सीमेंट) शेयर: यह इंडस्ट्री कैसे काम करती है
निफ्टी 500 के 11 शेयर · 14 अक्टूबर 2026 के बंद भाव
Nifty 500 में NSE की इस श्रेणी की जो कंपनियां हैं, उनमें से ज़्यादातर सीमेंट बनाती और बेचती हैं, जैसे UltraTech Cement, Ambuja Cements, ACC, Shree Cement, Dalmia Bharat, J.K. Cement और The Ramco Cements। सीमेंट का इस्तेमाल घर, सड़क, पुल, फैक्ट्री और दूसरे निर्माण कामों में होता है। इस सूची की हर कंपनी अलग समूह की नहीं है। Grasim Industries के पास UltraTech Cement की आधे से ज़्यादा हिस्सेदारी है, यानी Grasim, UltraTech की पेरेंट (मूल) कंपनी है, और Grasim का कारोबार फाइबर, केमिकल और पेंट जैसे क्षेत्रों में भी है। इसी तरह ACC और Ambuja Cements एक ही समूह (Adani) की कंपनियां हैं और ACC को Ambuja में मिलाने (विलय) की योजना घोषित हो चुकी है, जबकि India Cements में UltraTech की आधे से ज़्यादा हिस्सेदारी है।
यह उद्योग किन बातों से प्रभावित होता है
ये वे बातें हैं जिनका असर इस उद्योग पर आमतौर पर पड़ता है — यह भविष्यवाणी नहीं कि आगे क्या होगा।
- सीमेंट बनाने के लिए भट्ठी (kiln) को बहुत ऊंचे तापमान तक गर्म करना पड़ता है, और कच्चे माल को पीसने में भी काफी बिजली लगती है। इसलिए कोयला, पेटकोक (तेल रिफाइनिंग से निकलने वाला ईंधन) और बिजली के दाम बदलने पर कंपनियों की उत्पादन लागत बदलती है।
- सीमेंट भारी सामान है, और अपने वज़न के मुकाबले इसकी कीमत कम होती है। इसलिए ट्रक या रेल से ढुलाई का खर्च इसकी लागत का अहम हिस्सा होता है। डीज़ल के दाम या रेल भाड़ा बदलने पर यह खर्च भी बदलता है।
- सीमेंट की मांग घर बनाने और सड़क, पुल, मेट्रो जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से आती है। इसलिए सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में बदलाव से निर्माण के काम और सीमेंट की बिक्री पर असर पड़ सकता है। होम लोन की ब्याज दरें भी घर बनाने के फैसलों को प्रभावित करने वाली कई बातों में से एक हैं।
- मानसून के महीनों में बारिश की वजह से निर्माण का काम धीमा पड़ता है। इसलिए सीमेंट की बिक्री साल के अलग-अलग हिस्सों में ऊपर-नीचे होती है। इसी कारण किसी तिमाही (तीन महीने) के नतीजों, यानी बिक्री और मुनाफे के आंकड़ों, की तुलना अक्सर पिछले साल की उसी तिमाही से की जाती है।
- सीमेंट ज़्यादातर प्लांट के आसपास के इलाकों में ही बिकता है। किसी इलाके में नया प्लांट लगने या पुराने प्लांट की क्षमता (capacity) बढ़ने से वहां सीमेंट की सप्लाई बदलती है। जब एक सीमेंट कंपनी दूसरी को खरीद लेती है (अधिग्रहण), तो किसी इलाके में आपस में मुकाबला करने वाली कंपनियों की संख्या बदल सकती है। ये बातें उस इलाके में सीमेंट के दामों पर असर डाल सकती हैं।
इस उद्योग के सारे 11 शेयर
सबसे ज्यादा कारोबार वाले शेयर पहले। नाम पर क्लिक करके पूरा ब्यौरा देखें।
| शेयर | बंद भाव | आज | हाई से | RSI | 1 साल की सबसे बड़ी गिरावट |
|---|---|---|---|---|---|
| अल्ट्राटेक सीमेंट | ₹10,795.00 | +0.42% | -17.66% | 46.49 | 21% |
| श्री सीमेंट | ₹22,185.00 | -0.18% | -26.75% | 45.3 | 28% |
| ग्रासिम | ₹2,873.00 | -1.34% | -15.77% | 31.42 | 15% |
| अंबुजा सीमेंट | ₹349.00 | -0.29% | -41.67% | 32.86 | 41% |
| जेके सीमेंट | ₹4,895.50 | +0.16% | -28.49% | 44.77 | 30% |
| जेएसडब्ल्यू सीमेंट | ₹114.70 | +1.61% | -22.7% | 44.75 | 26% |
| रामको सीमेंट | ₹804.15 | -0.65% | -33.79% | 30.2 | 33% |
| एसीसी | ₹1,135.90 | -0.1% | -42.83% | 25.96 | 41% |
| नुवोको विस्टास | ₹321.15 | +0.67% | -29.09% | 45.25 | 38% |
| डालमिया भारत | ₹1,620.60 | -2.03% | -31.4% | 38.95 | 31% |
| इंडिया सीमेंट्स | ₹295.65 | -1.25% | -39.14% | 29.2 | 38% |
भाव स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित हैं। तरीका: पिछले साल की गिरावट का डेटा।