तेल, गैस और कोयला शेयर: Oil & Gas सेक्टर कैसे काम करता है
निफ्टी 500 के 19 शेयर · 14 अक्टूबर 2026 के बंद भाव
इस समूह में वे कंपनियां हैं जो ज़मीन या समुद्र के नीचे से कच्चा तेल और गैस निकालती हैं, कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल-डीज़ल बनाती और बेचती हैं, या पाइपलाइन से गैस पहुंचाती हैं। IOC, BPCL और HPCL को OMC (Oil Marketing Company) भी कहा जाता है, यानी वे कंपनियां जो पेट्रोल पंपों और LPG एजेंसियों से ईंधन बेचती हैं। Reliance Industries भी इसी समूह में है, जो गुजरात के जामनगर में रिफाइनरी चलाती है और तेल-गैस भी निकालती है; उसका कारोबार रिटेल और टेलीकॉम तक भी फैला है। शहरों में गाड़ियों के लिए CNG और घरों में पाइप वाली गैस (PNG) बेचने वाली कंपनियां भी यहां हैं, और विदेश से जहाज़ों में आने वाली LNG (ठंडा करके तरल बनाई गई प्राकृतिक गैस) को उतारकर, फिर से गैस बनाकर पाइपलाइन में भेजने वाले टर्मिनल चलाने वाली कंपनी भी। इनके अलावा LPG, पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन जैसे तरल पदार्थों के भंडारण टर्मिनल चलाने वाली कंपनियां, इंजन ऑयल जैसे लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी और कोयला निकालने वाली Coal India को भी NSE ने इसी समूह में रखा है।
यह उद्योग किन बातों से प्रभावित होता है
ये वे बातें हैं जिनका असर इस उद्योग पर आमतौर पर पड़ता है — यह भविष्यवाणी नहीं कि आगे क्या होगा।
- कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में डॉलर में बिकता है। इसका दाम या डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव बदलने पर तेल निकालने वाली कंपनियों (जैसे ONGC, Oil India) को रुपये में मिलने वाली कीमत बदलती है। रिफाइनरी चलाने वाली कंपनियों के लिए यही कच्चा तेल खरीद का खर्च है। इसलिए एक ही खबर का असर इस समूह की अलग-अलग कंपनियों पर अलग हो सकता है।
- GRM (Gross Refining Margin) यानी रिफाइनरी से निकले पेट्रोल, डीज़ल जैसे उत्पादों के बाज़ार भाव और उन्हें बनाने में लगे कच्चे तेल की लागत का अंतर। इसे Gross इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसमें रिफाइनरी चलाने के बाकी खर्च (जैसे कर्मचारियों का वेतन, रखरखाव) नहीं घटाए जाते। यह पेट्रोल पंप वाली कीमत नहीं है, जिसमें टैक्स और डीलर कमीशन भी जुड़ते हैं। यह अंतर दुनिया भर में ईंधन की मांग और सप्लाई के हिसाब से बदलता रहता है। मुख्य रूप से रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों की कमाई में इसका बड़ा हिस्सा होता है, जबकि पेट्रोल पंपों से ईंधन भी बेचने वाली कंपनियों की कमाई बिक्री दाम और लागत के अंतर (marketing margin) पर भी टिकी होती है।
- इस समूह की कई बड़ी कंपनियां PSU हैं, यानी ऐसी कंपनियां जिनमें सरकार की, सीधे या दूसरी सरकारी कंपनियों के ज़रिये, आधे से ज़्यादा हिस्सेदारी है। यह सेक्टर कई सरकारी फैसलों से भी जुड़ा है, जैसे पेट्रोल-डीज़ल पर excise duty (केंद्र सरकार का टैक्स), घरों में इस्तेमाल होने वाले LPG सिलेंडर की कीमत, या कच्चे तेल के उत्पादन पर विशेष टैक्स लगाना या हटाना। ऐसे फैसलों से इन कंपनियों की कमाई या लागत पर असर पड़ सकता है। जैसे, टैक्स बदलने पर अगर पेट्रोल पंप का दाम उसी हिसाब से न बदले, तो फ़र्क कंपनी के मार्जिन में आता है।
- शहरों में गैस बेचने वाली कंपनियों (जैसे IGL, MGL, Adani Total Gas) को गाड़ियों की CNG और घरों की PNG के लिए देश में निकली गैस सरकार की नीति के तहत मिलती है। इस गैस का दाम सरकार के तय फॉर्मूले से निकलता है, और कितनी गैस मिलेगी, यह भी सरकारी नियमों से तय होता है। यह मात्रा या दाम बदलने पर कंपनी की लागत बदलती है। अगर यह गैस कम पड़े, तो बाकी गैस दूसरे स्रोतों से, जैसे आयातित LNG से, खरीदनी पड़ती है, जिसका दाम अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के हिसाब से बदलता है। कारखानों और होटल-दुकानों जैसे ग्राहकों के लिए ये कंपनियां गैस बाज़ार से जुड़े दाम पर खरीदती हैं।
- भारत में बिजली का बड़ा हिस्सा कोयले से बनता है। गर्मी में AC-कूलर ज़्यादा चलने, बारिश में खेतों के पंप कम चलने, या कारखानों में काम बढ़ने-घटने से बिजली की मांग बदलती है। इससे बिजली घरों की कोयले की ज़रूरत भी बदलती है, और इसका असर Coal India की बिक्री पर पड़ सकता है। बिक्री इस पर भी निर्भर करती है कि बिजली घरों के पास पहले से कितना कोयला जमा है और कितना कोयला विदेश से आ रहा है। साथ ही, बारिश के मौसम में खदानों से कोयला निकालने और ढोने में रुकावट आ सकती है।
इस उद्योग के सारे 19 शेयर
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| शेयर | बंद भाव | आज | हाई से | RSI | 1 साल की सबसे बड़ी गिरावट |
|---|---|---|---|---|---|
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | ₹1,174.60 | +0.68% | -27.12% | 38.59 | 27% |
| चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन | ₹1,546.10 | +5.9% | -7.83% | 58.57 | 29% |
| एजिस लॉजिस्टिक्स | ₹1,489.10 | +6.98% | -2.59% | 59.11 | 33% |
| मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स | ₹185.26 | +5.33% | -12.74% | 62.28 | 30% |
| कोल इंडिया | ₹417.00 | +2.08% | -15.11% | 50.44 | 17% |
| गेल इंडिया | ₹166.96 | -0.8% | -10.65% | 40.99 | 27% |
| ओएनजीसी | ₹225.50 | +1.28% | -26.67% | 44.2 | 27% |
| वेदांता ऑयल एंड गैस | ₹32.73 | +7.35% | -31.24% | 47.0 | 33% |
| भारत कोकिंग कोल | ₹32.75 | +5.27% | -27.37% | 52.74 | 28% |
| ऑयल इंडिया | ₹447.75 | +0.62% | -15.68% | 40.11 | 22% |
| हिंदुस्तान पेट्रोलियम | ₹331.05 | +0.62% | -34.89% | 37.54 | 36% |
| बीपीसीएल | ₹289.65 | +0.78% | -26.04% | 38.37 | 30% |
| इंडियन ऑयल | ₹127.80 | +1.32% | -32.37% | 39.01 | 33% |
| पेट्रोनेट एलएनजी | ₹292.95 | +1.02% | -10.25% | 54.92 | 26% |
| कैस्ट्रोल इंडिया | ₹196.96 | +1.54% | -4.94% | 55.8 | 15% |
| अदानी टोटल गैस | ₹581.60 | +1.64% | -32.36% | 43.22 | 30% |
| महानगर गैस | ₹1,035.70 | +1.32% | -22.44% | 40.67 | 31% |
| इंद्रप्रस्थ गैस | ₹145.09 | +1.57% | -35.08% | 47.92 | 36% |
| एजिस वोपाक टर्मिनल्स | ₹282.40 | -0.18% | -12.01% | 43.87 | 44% |
भाव स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित हैं। तरीका: पिछले साल की गिरावट का डेटा।