मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (Mangalore Refinery & Petrochemicals Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स इनमें शामिल है: निफ्टी स्मॉलकैप 250, निफ्टी स्मॉलकैप 100।
मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स क्या काम करती है
Mangalore Refinery and Petrochemicals (MRPL) सरकारी तेल कंपनी ONGC की सहायक कंपनी है, यानी एक PSU है। यह कर्नाटक के मंगलुरु में तेल रिफ़ाइनरी चलाती है। यहाँ कच्चे तेल से पेट्रोल, डीज़ल, विमान ईंधन (ATF) और LPG जैसे ईंधन तथा polypropylene जैसे petrochemicals बनते हैं।
मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 30% रही — 16 मार्च 2026 को ₹206.77 के बंद भाव से 29 मई 2026 को ₹144.96 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 13% नीचे है — सामान्य उतार-चढ़ाव।
पिछले एक साल में यह ₹126.10 से ₹212.31 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 9 मार्च 2026 | -8.0% |
| 27 अप्रैल 2026 | -7.66% |
| 13 मार्च 2026 | -6.95% |
| 19 जनवरी 2026 | -5.3% |
| 15 सितंबर 2026 | -5.15% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 62.28 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 3 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे ऊपर है।
आज का कारोबार औसत से 1.82x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।