हेल्थकेयर शेयर: फार्मा, अस्पताल और डायग्नोस्टिक कंपनियां
निफ्टी 500 के 44 शेयर · 14 अक्टूबर 2026 के बंद भाव
इस समूह में सबसे बड़ी संख्या दवा बनाने वाली फार्मा कंपनियों की है, जिनमें बायोटेक (सूक्ष्म जीवों या जीवित कोशिकाओं की मदद से दवा बनाने वाली) कंपनियां भी शामिल हैं। इनके साथ API (दवा का वह मुख्य तत्व जो शरीर पर असल में असर करता है) और API बनाने में लगने वाले रसायन (इंटरमीडिएट) बनाने वाली कंपनियां हैं, जिनमें से कुछ दवा के अलावा दूसरे उद्योगों के लिए भी रसायन बनाती हैं, और CDMO कंपनियां भी हैं, जो दूसरी दवा कंपनियों के लिए रिसर्च और उत्पादन का काम ठेके पर करती हैं। NSE का 'Healthcare' सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है: इसमें अस्पताल चेन (जिनमें से कुछ फार्मेसी और जांच का कारोबार भी चलाती हैं), डायग्नोस्टिक कंपनियां (खून आदि की पैथोलॉजी जांच और एक्स-रे/MRI जैसी रेडियोलॉजी जांच), मेडिकल डिवाइस (कैनुला, कैथेटर जैसे एक बार इस्तेमाल होने वाले सामान) बनाने वाली कंपनियां, और दवा कंपनियों को मार्केटिंग, डिजिटल व मेडिकल सहायता सेवाएं देने वाली कंपनियां भी शामिल हैं।
यह उद्योग किन बातों से प्रभावित होता है
ये वे बातें हैं जिनका असर इस उद्योग पर आमतौर पर पड़ता है — यह भविष्यवाणी नहीं कि आगे क्या होगा।
- जो कंपनियां अमेरिका को दवा या API भेजती हैं, उनके प्लांट की जांच अमेरिकी दवा नियामक USFDA करता है। जांच में गंभीर कमियां मिलने पर USFDA चेतावनी पत्र (warning letter) भेज सकता है। कमियां दूर होने तक उस प्लांट से बनने वाली नई दवाओं की मंजूरी अटक सकती है। ज्यादा गंभीर मामलों में USFDA इंपोर्ट अलर्ट लगा सकता है, जिसके बाद उस प्लांट का माल अमेरिका में रोका जा सकता है।
- किसी देश में दवा का पेटेंट खत्म होने के बाद, दूसरी कंपनियां वहां के दवा नियामक (जैसे अमेरिका में USFDA) से मंजूरी लेकर उसी API वाली दवा बेच सकती हैं। ऐसी दवा को जेनेरिक दवा कहते हैं, और भारत में कई जेनेरिक दवाएं भी किसी ब्रांड नाम से बिकती हैं। एक ही दवा बेचने वाली कंपनियां जितनी ज्यादा होती हैं, उस दवा की कीमत को लेकर उनके बीच मुकाबला उतना ही कड़ा होता है।
- कई दवा और CDMO कंपनियों की बिक्री का बड़ा हिस्सा विदेश से, डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा में आता है, और कुछ कच्चा माल भी विदेश से मंगाया जाता है। इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत बदलने पर रुपये में गिनी जाने वाली बिक्री और लागत, दोनों बदल जाती हैं।
- भारत में जरूरी दवाओं की एक सरकारी सूची है, जिसे NLEM कहते हैं। इस सूची की दवाओं के लिए सरकारी संस्था NPPA, ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत अधिकतम कीमत तय करती है। इन कीमतों में हर साल थोक महंगाई (WPI) के आधार पर बदलाव होता है। अगर कोई दवा इस सूची में जुड़ती या हटती है, तो भारत में उस दवा पर कंपनियां कितनी कीमत ले सकती हैं, इसकी सीमा बदल जाती है।
- CDMO कंपनियों का काम ग्राहक दवा कंपनियों से मिले ठेकों पर चलता है। अगर किसी ग्राहक की दवा का क्लिनिकल ट्रायल (इंसानों पर दवा की जांच) रुक जाए या उसे नियामक से मंजूरी न मिले, तो उस दवा से जुड़ा ठेके का काम भी घट या रुक सकता है।
- अस्पतालों की आमदनी इस बात से जुड़ी है कि कितने बेड भरे रहते हैं (occupancy) और इलाज का पैसा कौन देता है: मरीज खुद, बीमा कंपनी या सरकारी योजना। सरकारी योजनाओं में इलाज के पैकेज की दरें सरकार तय करती है, और बीमा कंपनियां कैशलेस इलाज (जिसमें बीमा में कवर होने वाला बिल बीमा कंपनी सीधे अस्पताल को चुकाती है) के लिए अपने नेटवर्क अस्पतालों से दरें पहले से तय करती हैं। इसलिए इन दरों में बदलाव से, या इलाज का पैसा देने वालों का अनुपात बदलने से, अस्पताल की प्रति बेड औसत आमदनी पर असर पड़ता है।
- डायग्नोस्टिक कंपनियों की आमदनी इस बात से जुड़ी है कि कितनी जांचें होती हैं और प्रति जांच कितनी कीमत मिलती है। एक ही शहर में कई लैब और जांच केंद्र होने पर जांच की कीमतों को लेकर उनके बीच मुकाबला होता है।
इस उद्योग के सारे 44 शेयर
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| शेयर | बंद भाव | आज | हाई से | RSI | 1 साल की सबसे बड़ी गिरावट |
|---|---|---|---|---|---|
| डिविज लैब्स | ₹9,023.00 | -2.82% | -7.36% | 42.63 | 15% |
| अपोलो हॉस्पिटल्स | ₹7,824.00 | -0.6% | -13.74% | 34.91 | 15% |
| सन फार्मा | ₹1,746.40 | -1.37% | -14.68% | 33.0 | 13% |
| मैक्स हेल्थकेयर | ₹852.50 | -0.99% | -30.23% | 24.0 | 30% |
| लॉरस लैब्स | ₹2,036.90 | -1.09% | -1.56% | 58.45 | 16% |
| जायडस लाइफसाइंसेज | ₹1,124.70 | -0.69% | -8.72% | 44.59 | 17% |
| डॉ रेड्डीज | ₹1,216.00 | -1.94% | -14.06% | 53.92 | 17% |
| फोर्टिस हेल्थकेयर | ₹750.00 | -0.85% | -32.08% | 28.99 | 32% |
| ल्यूपिन | ₹1,953.20 | -0.02% | -22.78% | 31.37 | 23% |
| अरबिंदो फार्मा | ₹1,662.90 | -1.29% | -4.43% | 47.16 | 10% |
| टोरेंट फार्मा | ₹4,580.00 | -1.35% | -12.76% | 33.68 | 11% |
| सिप्ला | ₹1,314.60 | -1.13% | -21.42% | 35.91 | 28% |
| बायोकॉन | ₹350.60 | -0.11% | -21.59% | 28.09 | 21% |
| मैनकाइंड फार्मा | ₹2,335.00 | -1.56% | -11.62% | 42.11 | 24% |
| एक्यूटास केमिकल्स | ₹3,160.50 | -0.51% | -15.49% | 46.34 | 18% |
| वॉकहार्ट | ₹1,986.10 | +0.15% | -18.01% | 42.77 | 30% |
| एस्टर डीएम क्वालिटी केयर | ₹675.20 | -2.12% | -24.25% | 34.15 | 26% |
| न्यूलैंड लैबोरेटरीज | ₹20,200.00 | -0.79% | -16.62% | 28.77 | 36% |
| साई लाइफ साइंसेज | ₹1,432.10 | -2.07% | -15.61% | 35.48 | 19% |
| ग्लेनमार्क फार्मा | ₹2,246.00 | -0.85% | -11.49% | 40.59 | 13% |
| ग्लैंड फार्मा | ₹3,052.30 | -1.26% | -3.74% | 57.71 | 20% |
| एंथम बायोसाइंसेज | ₹847.75 | -2.57% | -13.28% | 40.97 | 28% |
| वनसोर्स स्पेशलिटी फार्मा | ₹1,442.40 | -1.14% | -25.07% | 34.34 | 41% |
| डॉ. लाल पैथलैब्स | ₹1,938.00 | +1.43% | -4.93% | 50.94 | 21% |
| अल्केम लैबोरेटरीज | ₹5,201.00 | -0.93% | -12.35% | 45.62 | 14% |
| सिनजीन इंटरनेशनल | ₹390.50 | +2.88% | -42.48% | 58.35 | 48% |
| आईपीसीए लैबोरेटरीज | ₹1,911.60 | -0.4% | -6.2% | 45.12 | 11% |
| नैटको फार्मा | ₹782.65 | -0.82% | -36.2% | 32.02 | 35% |
| पिरामल फार्मा | ₹193.94 | -1.06% | -16.38% | 38.58 | 35% |
| ग्रैन्यूल्स इंडिया | ₹809.10 | -0.66% | -12.4% | 41.07 | 13% |
| एमक्योर फार्मास्युटिकल्स | ₹1,866.20 | -0.13% | -11.16% | 41.48 | 10% |
| कैप्लिन प्वाइंट लैबोरेटरीज | ₹2,338.20 | -0.99% | -21.8% | 30.78 | 33% |
| अजंता फार्मा | ₹3,299.00 | -0.88% | -13.09% | 32.93 | 13% |
| रेनबो चिल्ड्रेन्स मेडिकेयर | ₹1,246.70 | +2.47% | -22.57% | 33.15 | 24% |
| नारायणा हृदयालय | ₹1,689.40 | +0.12% | -19.29% | 31.78 | 21% |
| कोहांस लाइफसाइंसेज | ₹445.60 | +1.89% | -51.45% | 48.8 | 69% |
| रूबिकॉन रिसर्च | ₹1,524.70 | +0.09% | -19.71% | 32.1 | 18% |
| एबॉट इंडिया | ₹26,295.00 | +2.34% | -14.22% | 49.37 | 17% |
| मेदांता | ₹1,280.00 | -0.02% | -17.1% | 33.37 | 31% |
| कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज | ₹692.95 | -2.39% | -19.24% | 32.28 | 21% |
| विजया डायग्नोस्टिक सेंटर | ₹1,402.20 | -0.31% | -12.01% | 39.82 | 20% |
| पॉली मेडिक्योर | ₹1,589.30 | -0.67% | -24.11% | 38.28 | 42% |
| ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्युटिकल्स | ₹2,538.90 | +0.1% | -18.64% | 29.78 | 24% |
| कॉनकॉर्ड बायोटेक | ₹1,382.10 | +0.91% | -17.12% | 45.23 | 38% |
भाव स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित हैं। तरीका: पिछले साल की गिरावट का डेटा।