अपोलो हॉस्पिटल्स (Apollo Hospitals Enterprise Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से अपोलो हॉस्पिटल्स इनमें शामिल है: निफ्टी 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी हेल्थकेयर।
अपोलो हॉस्पिटल्स क्या काम करती है
Apollo Hospitals Enterprise एक हेल्थकेयर कंपनी है, जिसकी शुरुआत Dr. Prathap C. Reddy ने की थी; इसका पहला अस्पताल 1983 में चेन्नई में खुला था। यह भारत के कई शहरों में अस्पताल चलाती है। अपनी सहायक कंपनी Apollo Health and Lifestyle के ज़रिए यह Apollo Clinic और Apollo Diagnostics जैसे क्लिनिक और जाँच केंद्र भी चलाती है।
अपोलो हॉस्पिटल्स शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 15% रही — 23 सितंबर 2026 को ₹9,069.00 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹7,666.00 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 14% नीचे है — सामान्य उतार-चढ़ाव।
पिछले एक साल में यह ₹6,696.50 से ₹9,070.50 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
अपोलो हॉस्पिटल्स शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 30 सितंबर 2026 | -5.7% |
| 8 अक्टूबर 2026 | -3.17% |
| 12 अक्टूबर 2026 | -3.15% |
| 20 जनवरी 2026 | -3.09% |
| 23 मार्च 2026 | -2.98% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 34.91 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.81x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।