निफ्टी 50 में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी 50 की पूरी लिस्ट — हर कंपनी का सिंबल, उद्योग और उसका पन्ना; साथ में यह कि कंपनी इंडेक्स में आती-जाती कैसे है और सबका वजन बराबर क्यों नहीं होता।

निफ्टी 50 में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी 50 NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का वह इंडेक्स है जिसमें 50 कंपनियां शामिल हैं, और इन पचास कंपनियों के नाम इसी पन्ने पर दी गई टेबल में हैं। हर नाम के साथ उसका सिंबल यानी एक्सचेंज पर कंपनी का छोटा नाम, उसका उद्योग और उसके अपने पन्ने का लिंक भी है।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई — यह NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियों के नाम, सिंबल और उद्योग दर्ज होते हैं। NSE की समीक्षा के बाद जब वह फाइल बदलती है, यहां की टेबल भी उसी के साथ बदल जाती है। नीचे लिखी गिनती इसी फाइल के मौजूदा रूप की है।

उद्योग वाला कॉलम NSE का अपना वर्गीकरण है; बैंक, बीमा और कर्ज देने वाली कंपनियां सब Financial Services में गिनी जाती हैं। किस समूह में कितनी कंपनियां हैं, यह टेबल के ठीक नीचे लिखा है, और वह गिनती भी उसी फाइल से बनती है। हर समीक्षा के बाद यह बंटवारा बदल सकता है।

कंपनीसिंबलउद्योग
अदानी एंटरप्राइजेजADANIENTMetals & Mining
अदानी पोर्ट्सADANIPORTSServices
अपोलो हॉस्पिटल्सAPOLLOHOSPHealthcare
एशियन पेंट्सASIANPAINTConsumer Durables
एक्सिस बैंकAXISBANKFinancial Services
बीएसईBSEFinancial Services
बजाज ऑटोBAJAJ-AUTOAutomobile and Auto Components
बजाज फाइनेंसBAJFINANCEFinancial Services
बजाज फिनसर्वBAJAJFINSVFinancial Services
भारत इलेक्ट्रॉनिक्सBELCapital Goods
भारती एयरटेलBHARTIARTLTelecommunication
सिप्लाCIPLAHealthcare
कोल इंडियाCOALINDIAOil Gas & Consumable Fuels
डॉ रेड्डीजDRREDDYHealthcare
आयशर मोटर्सEICHERMOTAutomobile and Auto Components
इटरनलETERNALConsumer Services
ग्रासिमGRASIMConstruction Materials
एचसीएल टेकHCLTECHInformation Technology
एचडीएफसी बैंकHDFCBANKFinancial Services
एचडीएफसी लाइफHDFCLIFEFinancial Services
हिंडाल्कोHINDALCOMetals & Mining
हिंदुस्तान यूनिलीवरHINDUNILVRFast Moving Consumer Goods
आईसीआईसीआई बैंकICICIBANKFinancial Services
आईटीसीITCFast Moving Consumer Goods
इंफोसिसINFYInformation Technology
इंटरग्लोब एविएशनINDIGOServices
जेएसडब्ल्यू स्टीलJSWSTEELMetals & Mining
जियो फाइनेंशियल सर्विसेजJIOFINFinancial Services
कोटक महिंद्रा बैंकKOTAKBANKFinancial Services
लार्सन एंड टुब्रोLTConstruction
महिंद्रा एंड महिंद्राM&MAutomobile and Auto Components
मारुति सुजुकीMARUTIAutomobile and Auto Components
मैक्स हेल्थकेयरMAXHEALTHHealthcare
एनटीपीसीNTPCPower
नेस्ले इंडियाNESTLEINDFast Moving Consumer Goods
ओएनजीसीONGCOil Gas & Consumable Fuels
पावर ग्रिडPOWERGRIDPower
रिलायंस इंडस्ट्रीजRELIANCEOil Gas & Consumable Fuels
एसबीआई लाइफSBILIFEFinancial Services
श्रीराम फाइनेंसSHRIRAMFINFinancial Services
भारतीय स्टेट बैंकSBINFinancial Services
सन फार्माSUNPHARMAHealthcare
टीसीएसTCSInformation Technology
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्सTATACONSUMFast Moving Consumer Goods
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्सTMPVAutomobile and Auto Components
टाटा स्टीलTATASTEELMetals & Mining
टेक महिंद्राTECHMInformation Technology
टाइटनTITANConsumer Durables
ट्रेंटTRENTConsumer Services
अल्ट्राटेक सीमेंटULTRACEMCOConstruction Materials

इस टेबल की 50 कंपनियां NSE के 15 उद्योग समूहों में बंटी हैं: Financial Services (12), Automobile and Auto Components (5), Healthcare (5), Fast Moving Consumer Goods (4), Information Technology (4), Metals & Mining (4), Oil Gas & Consumable Fuels (3), Construction Materials (2), Consumer Durables (2), Consumer Services (2), Power (2), Services (2), Capital Goods (1), Construction (1), Telecommunication (1)।

निफ्टी 50 है क्या, और इसे गिनता कौन है

इंडेक्स न कोई कंपनी है, न कोई फंड। यह एक नंबर है, जो इन 50 कंपनियों के भावों को एक तय तरीके से जोड़कर निकलता है। इसे NSE Indices Limited बनाती और गिनती है, और बाजार खुले रहने पर यह real-time गिना जाता है।

NSE Indices की 31 अगस्त 2026 वाली factsheet के मुताबिक निफ्टी 50 की शुरुआत 22 अप्रैल 1996 को हुई, इसका आधार दिन 3 नवंबर 1995 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। यानी निफ्टी का नंबर रुपया नहीं है — वह बताता है कि आधार दिन के मुकाबले ये कंपनियां मिलकर कितनी ऊपर या नीचे हैं।

इंडेक्स में हर कंपनी का वजन free-float market capitalisation से तय होता है। free float यानी वे शेयर जो सचमुच खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं; प्रमोटर जैसे बड़े मालिकों के पास पड़े शेयर इसमें नहीं गिने जाते।

कोई कंपनी निफ्टी 50 में आती और बाहर कैसे जाती है

कंपनियां किसी की पसंद से नहीं, लिखे नियमों से चुनी जाती हैं। NSE Indices के methodology यानी नियमों के दस्तावेज में शर्तें साफ लिखी हैं: शेयर का NSE के F&O यानी futures और options खंड में कारोबार होता हो, कट-ऑफ तारीख तक listing को कम से कम एक महीना हो चुका हो, और free-float market cap निफ्टी 50 की सबसे छोटी मौजूदा कंपनी से कम से कम डेढ़ गुना हो।

कारोबार कितना आसान है, यह impact cost से नापा जाता है — यानी एक तय आकार का सौदा करने पर भाव बीच वाली कीमत से कितना हट जाता है। सितंबर 2026 के methodology दस्तावेज के मुताबिक शर्त यह है कि पिछले छह महीनों में 90 प्रतिशत मौकों पर 10 करोड़ रुपये के सौदे की impact cost 0.50 प्रतिशत या उससे कम रही हो।

इंडेक्स की समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और उनसे पिछले छह महीने के औसत आंकड़े देखे जाते हैं। बदलाव से चार हफ्ते पहले बाजार को सूचना दी जाती है, और वे मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। इसीलिए निफ्टी 50 में होना कोई स्थायी दर्जा नहीं है।

इंडेक्स में सबका वजन बराबर नहीं होता

50 कंपनियां होने का मतलब 50 बराबर हिस्से नहीं। वजन बराबर होता तो हर कंपनी का हिस्सा 2 प्रतिशत होता, पर ऐसा है नहीं: जिस कंपनी का free-float market cap जितना बड़ा है, इंडेक्स में उसका वजन उतना ज्यादा है।

इसका सीधा असर यह है कि भारी वजन वाले चंद नामों के हिलने से इंडेक्स ज्यादा हिलता है, और हल्के नाम उसी दिन उल्टी दिशा में जाकर भी उस पर कम असर डालते हैं। किस कंपनी का कितना वजन है, यह NSE Indices हर महीने की factsheet में छापती है।

इसलिए सवाल सिर्फ गिनती का नहीं, वजन का है। किसी उद्योग की 11 कंपनियां होने का यह मतलब नहीं कि इंडेक्स में उसका हिस्सा 22 प्रतिशत है।

निफ्टी 50, निफ्टी 500 और सेंसेक्स — फर्क क्या है

निफ्टी 50 NSE का इंडेक्स है, 50 कंपनियों वाला। सेंसेक्स दूसरे एक्सचेंज BSE यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स है; उसकी लिस्ट और नियम BSE खुद अपनी वेबसाइट पर देता है। कंपनियां और वजन अलग हैं, इसलिए एक ही दिन दोनों की चाल हूबहू एक जैसी नहीं होती।

दो इंडेक्स के नंबर आपस में तुलना के लिए नहीं होते। हर इंडेक्स की अपनी आधार तारीख और आधार कीमत होती है, इसलिए किसका नंबर बड़ा है यह पूछने का मतलब नहीं — तुलना प्रतिशत बदलाव से होती है।

NSE के अपने इंडेक्स भी कई हैं। निफ्टी 500 में 500 कंपनियां हैं, और NSE Indices के दस्तावेज के मुताबिक Nifty Total Market इंडेक्स 750 कंपनियों तक जाता है, जिसमें निफ्टी 500 और Nifty Microcap 250 दोनों की कंपनियां आती हैं। यानी निफ्टी 50 बाजार का सबसे ऊपरी सिरा है, पूरा बाजार नहीं।

सबसे बड़ी गलतफहमी: इंडेक्स में नाम होना सुरक्षा की मुहर नहीं

सबसे आम गलतफहमी यही है कि जो कंपनी निफ्टी 50 में है, उसके साथ कुछ बुरा नहीं हो सकता। इंडेक्स में जगह आकार, कारोबार की आसानी और listing की शर्तें पूरी करने पर मिलती है; यह कंपनी के अच्छे या बुरे होने का फैसला नहीं है। बड़ी कंपनियों के भाव भी पहले बुरी तरह गिरे हैं — इसीलिए Tejii पर हर शेयर के पन्ने पर उसकी पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट भी रहती है।

दूसरी गलतफहमी यह है कि 50 नाम होने से जोखिम अपने आप बंट जाता है। जब पूरा बाजार गिरता है तब ये बड़ी कंपनियां भी साथ गिरती हैं।

तीसरी यह कि निफ्टी 50 ही पूरा बाजार है। इसीलिए आम बात है कि निफ्टी हरा दिखे और उसी दिन गिरने वाले शेयर चढ़ने वालों से ज्यादा हों।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल में हर नाम उसके अपने पन्ने से जुड़ा है। वहां पिछला बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन के औसत, RSI, 52 हफ्ते का दायरा, पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, और एक हफ्ते से एक साल तक की चाल मिलती है।

उद्योग के हिसाब से शेयर देखने के लिए उद्योग वाले पन्ने हैं, और दिन भर में किस सेक्टर में क्या हुआ, उसके लिए सेक्टर वाला पन्ना। कितने शेयर चढ़े और कितने गिरे, FII और DII ने क्या किया, India VIX कहां है — ये सब होम पेज पर रोज मिलते हैं।

साफ बात: Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां न कोई टिप है, न लक्ष्य भाव, न खरीदने-बेचने की सलाह — सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी 50 में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट, उद्योग और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 5 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-50-companies

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यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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