निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट में कौन-कौन सी कंपनी है: NSE की फाइल से बनी पूरी लिस्ट, सिंबल और उद्योग के साथ; और MIDCPNIFTY के F&O वाले इस इंडेक्स में कंपनी चुनने के नियम।

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स है; इसकी सभी कंपनियां ठीक नीचे की टेबल में हैं। कॉलम तीन हैं: कंपनी का नाम, जो Tejii पर पन्ना होने पर उसी से जुड़ा है, वरना सादा लिखा है; सिंबल यानी एक्सचेंज पर कंपनी का छोटा नाम; और NSE के वर्गीकरण वाला उद्योग।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई; NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियां दर्ज हैं। NSE फाइल बदलता है तो टेबल भी बदलती है, इसीलिए लेख में किसी कंपनी का नाम नहीं है।

कंपनीसिंबलउद्योग
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंकAUBANKFinancial Services
अशोक लेलैंडASHOKLEYCapital Goods
अरबिंदो फार्माAUROPHARMAHealthcare
भारत फोर्जBHARATFORGAutomobile and Auto Components
भेलBHELCapital Goods
डिक्सन टेक्नोलॉजीजDIXONConsumer Durables
फेडरल बैंकFEDERALBNKFinancial Services
जीई वर्नोवा टी एंड डी इंडियाGVT&DCapital Goods
हीरो मोटोकॉर्पHEROMOTOCOAutomobile and Auto Components
इंडियन बैंकINDIANBFinancial Services
इंडियन होटल्सINDHOTELConsumer Services
इंडस टावर्सINDUSTOWERTelecommunication
इंडसइंड बैंकINDUSINDBKFinancial Services
इंफो एज इंडियाNAUKRIConsumer Services
एलआईसीLICIFinancial Services
ल्यूपिनLUPINHealthcare
मैरिकोMARICOFast Moving Consumer Goods
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंजMCXFinancial Services
पेटीएमPAYTMFinancial Services
पीबी फिनटेकPOLICYBZRFinancial Services
पर्सिस्टेंट सिस्टम्सPERSISTENTInformation Technology
एसआरएफSRFChemicals
सुजलॉन एनर्जीSUZLONCapital Goods
स्विगीSWIGGYConsumer Services
यस बैंकYESBANKFinancial Services

इस टेबल की 25 कंपनियां NSE के 10 उद्योग समूहों में बंटी हैं: Financial Services (9), Capital Goods (4), Consumer Services (3), Automobile and Auto Components (2), Healthcare (2), Chemicals (1), Consumer Durables (1), Fast Moving Consumer Goods (1), Information Technology (1), Telecommunication (1)।

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट है क्या, और इसे गिनता कौन है

इंडेक्स न कंपनी है, न फंड; यह चुनी हुई कंपनियों के भावों से निकला नंबर है। इसे NSE Indices Limited बनाती है और real-time यानी साथ के साथ गिनती है।

NSE Indices की 30 सितंबर 2026 की factsheet (ब्योरे का पर्चा) के मुताबिक इसकी शुरुआत 14 सितंबर 2021 को हुई, आधार दिन 3 अक्टूबर 2005 है, और उस दिन इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई। methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक इसमें 25 शेयर होते हैं; यह गिनती तय है।

इसी इंडेक्स पर NSE में F&O यानी futures और options (वायदा-विकल्प) के सौदे होते हैं, MIDCPNIFTY सिंबल से; NSE के 10 जनवरी 2022 के circular यानी सूचना-पत्र के मुताबिक ये 24 जनवरी 2022 से शुरू हुए।

weekly यानी हर हफ्ते खत्म होने वाले contracts इस पर अब नहीं हैं: NSE के 10 अक्टूबर 2024 के circular के मुताबिक उनकी आखिरी expiry (खत्म होने की तारीख) 18 नवंबर 2024 थी। 25 जून 2025 के circular के मुताबिक monthly contracts महीने के आखिरी मंगलवार को खत्म होते हैं; उस दिन छुट्टी हो तो एक कारोबारी दिन पहले।

कोई कंपनी मिडकैप सेलेक्ट में आती और बाहर कैसे जाती है

सितंबर 2026 के methodology में पहले दो शर्तें हैं: कंपनी समीक्षा के समय निफ्टी मिडकैप 150 में हो या आने वाली हो, और उसके शेयर पर NSE के F&O खंड में सौदे होते हों।

पहले छह महीने के औसत full market capitalisation, यानी सारे शेयरों की कुल बाजार कीमत, में ऊपर के 5 शेयर लिए जाते हैं। फिर बाकी में से full market cap और औसत रोजाना turnover यानी कारोबार की रकम में ऊपर के 50 छांटे जाते हैं, और इनमें से 20 free-float market cap से चुने जाते हैं, यानी खुले बाजार में बिकने लायक शेयरों की कीमत से।

ऊपर के 5 को छोड़कर, पहले से शामिल शेयर तब निकलता है जब पात्र न रहे, उन 50 से बाहर हो जाए, या उनमें free-float market cap के क्रम में 30 से नीचे जाए।

समीक्षा साल में दो बार होती है, जनवरी और जुलाई तक के छह महीनों के आंकड़ों पर। बदलाव मार्च और सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं; सूचना चार हफ्ते पहले मिलती है। शेयर F&O खंड से हटे तो बीच में भी बदलाव होता है।

वजन free-float market cap से तय होता है; methodology की टेबल में इस पर कोई ऊपरी सीमा दर्ज नहीं।

मिडकैप सेलेक्ट, मिडकैप 150, मिडकैप 100 और मिडकैप 50 में फर्क

निफ्टी मिडकैप 150 पूरा मिडकैप दायरा है: methodology के मुताबिक निफ्टी 500 में full market cap के क्रम में 101 से 250 नंबर की कंपनियां। मिडकैप सेलेक्ट उसी में से चुने 25 शेयरों का इंडेक्स है।

निफ्टी मिडकैप 50 और मिडकैप 100 भी मिडकैप 150 से ही बनते हैं। F&O सेलेक्ट में जरूरी शर्त है, उन दोनों में नहीं; मिडकैप 50 में F&O वाले शेयरों को सिर्फ प्राथमिकता मिलती है।

11 अक्टूबर 2026 को NSE Indices की वेबसाइट पर मिडकैप सेलेक्ट के पन्ने में सिर्फ F&O सौदे दर्ज थे; मिडकैप 150 के पन्ने पर ETF और index fund, यानी इंडेक्स की नकल करने वाले फंड, चलाने वाले घरानों की सूची थी, F&O नहीं।

सबसे बड़ी गलतफहमी: Select का मतलब परखकर छांटी गई कंपनियां नहीं

नाम में Select देखकर लगता है कि इन कंपनियों को कारोबार परखकर छांटा गया है। नियम ऐसा नहीं कहते। चार बातें देखी जाती हैं: मिडकैप 150 में होना, शेयर पर F&O होना, आकार और turnover। इस इंडेक्स की लिखी शर्तों में मुनाफे या कर्ज की कोई शर्त नहीं।

यह सारे मिडकैप शेयरों का हाल भी नहीं बताता: मिडकैप 150 के सिर्फ 25 शेयर इसमें हैं। लिस्ट में नाम होना कंपनी के अच्छे या बुरे होने का फैसला नहीं।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल में जिस नाम पर लिंक है, वह कंपनी के पन्ने पर ले जाता है। वहां पिछला बंद भाव, एक हफ्ते से एक साल तक की चाल, एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, 52 हफ्ते का हाई और लो, RSI, और 20, 50 तथा 200 दिन के औसत मिलते हैं।

Tejii पर F&O का कोई आंकड़ा नहीं है: न option chain, न lot size या expiry की सूची।

Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है; यहां सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका है, कोई सलाह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट में कितनी कंपनियां हैं?

NSE Indices की methodology के मुताबिक इसमें 25 शेयर होते हैं, और यह गिनती तय है। ये सभी निफ्टी मिडकैप 150 में से चुने जाते हैं, और चुनाव के समय हर एक पर NSE के F&O खंड में सौदे होते हैं। मौजूदा नाम इसी पन्ने की टेबल में हैं, जो NSE की फाइल से बनती है।

क्या मिडकैप निफ्टी (MIDCPNIFTY) और निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट एक ही हैं?

MIDCPNIFTY वह सिंबल है जिससे NSE पर निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स के futures और options के सौदे होते हैं; NSE के 10 जनवरी 2022 के circular में यही सिंबल दर्ज है। इंडेक्स का पूरा नाम Nifty Midcap Select है। NSE की F&O lot size वाली सूची में यह NIFTY MID SELECT नाम से लिखा है।

मिडकैप निफ्टी की expiry कब होती है? क्या weekly expiry है?

इसके monthly contracts महीने के आखिरी मंगलवार को खत्म होते हैं (NSE का 25 जून 2025 का circular); छुट्टी हो तो एक कारोबारी दिन पहले। weekly expiry नहीं है: 20 नवंबर 2024 से हर एक्सचेंज सिर्फ एक benchmark (मुख्य) इंडेक्स पर weekly contracts दे सकता है; NSE ने Nifty 50 रखा। MIDCPNIFTY की आखिरी weekly expiry 18 नवंबर 2024 थी।

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी मिडकैप 150 में क्या फर्क है?

मिडकैप 150 में निफ्टी 500 की वे कंपनियां हैं जो full market cap में 101 से 250 नंबर पर हैं। मिडकैप सेलेक्ट उन्हीं में से 25 शेयरों का इंडेक्स है, जिसमें सिर्फ F&O वाले शेयर आते हैं। 9 अक्टूबर 2026 के F&O सौदों की NSE फाइल में मिडकैप सेलेक्ट के सिर्फ monthly contracts थे, मिडकैप 150 के कोई नहीं।

निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट की लिस्ट कब बदलती है?

समीक्षा साल में दो बार होती है, जनवरी और जुलाई तक के छह महीनों के आंकड़ों पर। बदलाव मार्च और सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं; सूचना चार हफ्ते पहले दी जाती है। शेयर F&O खंड से हटे या delisting यानी एक्सचेंज से हटने जैसी घटना हो, तो बीच में भी बदलाव होता है।

क्या निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट का कोई ETF या index fund है?

11 अक्टूबर 2026 को NSE Indices की वेबसाइट पर इस इंडेक्स के पन्ने में सिर्फ exchange traded derivatives दर्ज थे: NSE पर futures और options। ETF या index fund की कोई सूची वहां नहीं थी, जबकि निफ्टी मिडकैप 150 के पन्ने पर थी। Tejii किसी फंड का नाम नहीं सुझाता और यह नहीं बताता कि पैसा कहां लगाएं।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट में कौन-कौन सी कंपनी है - पूरी लिस्ट, उद्योग और नियम”, NSE की constituent सूची, 11 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-midcap-select-companies

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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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