भेल (Bharat Heavy Electricals Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से भेल इनमें शामिल है: निफ्टी 200, निफ्टी मिडकैप 150, निफ्टी मिडकैप 100, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी PSE।
भेल क्या काम करती है
Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन एक सरकारी कंपनी (PSU) है। यह बिजलीघरों के लिए बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर जैसे उपकरण बनाती और लगाती है। साथ ही यह बिजली ट्रांसमिशन उपकरण, रेल इंजन और ट्रेनों के प्रोपल्शन सिस्टम, तथा तेल-गैस, उद्योग और रक्षा क्षेत्र के लिए भी उपकरण बनाती है।
भेल शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 20% रही — 7 जनवरी 2026 को ₹303.55 के बंद भाव से 23 जनवरी 2026 को ₹242.50 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव के आसपास चल रहा है। इससे आगे की दिशा का पता नहीं चलता — ऊंचा भाव न सस्ता होने का सबूत है, न महंगा होने का।
पिछले एक साल में यह ₹229.54 से ₹464.00 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
भेल शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 8 जनवरी 2026 | -10.48% |
| 11 फरवरी 2026 | -5.6% |
| 4 मार्च 2026 | -5.44% |
| 20 जनवरी 2026 | -4.92% |
| 10 जून 2026 | -4.85% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 65.26 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 3 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे ऊपर है।
आज का कारोबार औसत से 3.45x रहा। इतना ज्यादा वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कुछ खास हुआ था — खबर, नतीजे, या किसी बड़े सौदे।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।