निफ्टी रियल्टी में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी रियल्टी में कौन-कौन सी कंपनी है: NSE की फाइल से बनी पूरी लिस्ट, हर कंपनी का सिंबल और उद्योग; साथ में चुनने के नियम, समीक्षा की तारीखें और वजन की सीमा।
निफ्टी रियल्टी में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी रियल्टी NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का वह इंडेक्स है जिसमें real estate यानी जमीन-मकान के कारोबार की चुनी हुई कंपनियां हैं; उनके नाम ठीक नीचे की टेबल में हैं। टेबल में तीन कॉलम हैं: कंपनी का नाम, जो Tejii पर पन्ना होने पर उसी से जुड़ा है; सिंबल यानी एक्सचेंज पर छोटा नाम; और उद्योग यानी NSE का दिया समूह।
यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई। यह NSE की उस फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियां दर्ज हैं; फाइल बदलती है, तो टेबल भी बदल जाती है। जिस कंपनी का Tejii पर पन्ना नहीं है, उसका नाम बिना लिंक के आता है।
| कंपनी | सिंबल | उद्योग |
|---|---|---|
| आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट | ABREL | Realty |
| अनंत राज | ANANTRAJ | Realty |
| ब्रिगेड एंटरप्राइजेज | BRIGADE | Realty |
| डीएलएफ | DLF | Realty |
| गोदरेज प्रॉपर्टीज | GODREJPROP | Realty |
| लोढ़ा डेवलपर्स | LODHA | Realty |
| ओबेरॉय रियल्टी | OBEROIRLTY | Realty |
| फीनिक्स मिल्स | PHOENIXLTD | Realty |
| प्रेस्टीज एस्टेट्स | PRESTIGE | Realty |
| सोभा | SOBHA | Realty |
इस टेबल की सभी 10 कंपनियां NSE के वर्गीकरण में Realty समूह की हैं।
निफ्टी रियल्टी है क्या, और इसे गिनता कौन है
निफ्टी रियल्टी न कंपनी है, न फंड। यह sectoral index यानी एक ही उद्योग का इंडेक्स है: चुनी हुई कंपनियों के शेयरों के भाव से निकला एक नंबर। इसे NSE Indices Limited बनाती है और real-time यानी साथ के साथ गिनती है।
NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet यानी इंडेक्स के ब्योरे वाले पर्चे के मुताबिक इसकी शुरुआत 30 अगस्त 2007 को हुई, आधार दिन 29 दिसंबर 2006 है, और उस दिन इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी।
सितंबर 2026 के methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक यह रिहायशी और कारोबारी संपत्तियां बनाने वाली कंपनियों की चाल दिखाता है, और इसमें ज्यादा से ज्यादा 10 शेयर होते हैं।
कोई कंपनी निफ्टी रियल्टी में आती और बाहर कैसे जाती है
चुनाव लिखे नियमों से होता है। factsheet के मुताबिक कंपनी समीक्षा के समय निफ्टी 500 में हो, Realty सेक्टर की हो, पिछले छह महीनों में कम से कम 90 प्रतिशत कारोबारी दिन उसके शेयर में सौदे हुए हों, और कट-ऑफ तारीख तक listing को एक महीना हो चुका हो। methodology में इस इंडेक्स के आगे एक ही basic industry यानी कारोबार की बारीक श्रेणी लिखी है: Residential, Commercial Projects।
इनमें से चुनाव free-float market capitalisation से होता है, यानी उन शेयरों की कीमत से जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। methodology के मुताबिक तरजीह उन्हें मिलती है जिनके शेयर NSE के F&O यानी futures और options खंड में चलते हैं, और बाहर की कंपनी तब अंदर आती है जब उसका free-float market cap इंडेक्स की सबसे छोटी कंपनी से कम से कम डेढ़ गुना हो।
समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। rebalancing यानी वजन दोबारा बिठाने के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से, और तीन सबसे भारी शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकते।
निफ्टी रियल्टी, रियल एस्टेट के सारे शेयर और REIT वाला इंडेक्स - फर्क क्या है
निफ्टी रियल्टी रियल एस्टेट की हर कंपनी की लिस्ट नहीं है। Tejii का रियल एस्टेट उद्योग वाला पन्ना निफ्टी 500 की हर उस कंपनी को दिखाता है जिसे NSE ने Realty समूह में रखा है, चाहे वह इस इंडेक्स में हो या नहीं।
Nifty REITs & Realty अलग इंडेक्स है। REIT यानी Real Estate Investment Trust, एक्सचेंज पर listed ट्रस्ट। methodology के मुताबिक उसमें REIT और Realty सेक्टर के शेयर मिलाकर 15 नाम रखे जाते हैं, और समीक्षा हर तिमाही होती है।
Nifty Housing Finance घर का कर्ज देने वाली कंपनियों का इंडेक्स है, घर बनाने वालों का नहीं। Nifty Housing थीम वाला इंडेक्स है: methodology के मुताबिक उसमें सीमेंट, पेंट, housing finance और बैंक जैसी श्रेणियों में से 50 सबसे बड़ी कंपनियां चुनी जाती हैं।
सबसे बड़ी गलतफहमी: यह जमीन-मकान के दाम का इंडेक्स नहीं है
नाम में रियल्टी देखकर लग सकता है कि यह नंबर फ्लैट, प्लॉट या किराये के दाम बताता है। ऐसा नहीं है। factsheet के मुताबिक इंडेक्स का स्तर उसकी कंपनियों के free-float market value से निकलता है; इसमें संपत्ति का कोई दाम नहीं जुड़ता, सिर्फ इन कंपनियों के शेयरों के भाव।
दूसरी गलतफहमी यह कि सब कंपनियों का हिस्सा बराबर है। rebalancing के समय नियम तीन सबसे भारी शेयरों को मिलाकर 62 प्रतिशत तक जाने देते हैं। और इंडेक्स में नाम होना आकार और कारोबार की शर्तें पूरी करने का नतीजा है, कंपनी के अच्छे या बुरे होने का फैसला नहीं।
Tejii पर यह सब कहां देखें
टेबल में जिस नाम पर लिंक है, वह उसी कंपनी के पन्ने पर ले जाता है। वहां कंपनी क्या काम करती है, पिछला बंद भाव, 52 हफ्ते का दायरा, एक हफ्ते से एक साल तक की चाल, एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, RSI, और 20, 50 तथा 200 दिन के औसत मिलते हैं।
रियल एस्टेट उद्योग वाले पन्ने पर निफ्टी 500 की इस उद्योग की कंपनियां एक टेबल में हैं, और यह भी कि इस उद्योग पर किन बातों का असर पड़ता है।
Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका है, कोई सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निफ्टी रियल्टी में कितनी कंपनियां हैं?
NSE Indices के methodology के मुताबिक निफ्टी रियल्टी में ज्यादा से ज्यादा 10 शेयर होते हैं। निफ्टी 500 में शर्तें पूरी करने वाली कंपनियां 10 से कम पड़ें तो बाकी उसके बाहर के बड़े दायरे से ली जाती हैं; तब भी कम पड़ें तो गिनती 10 से कम हो सकती है। मौजूदा गिनती टेबल के नीचे लिखी है।
निफ्टी रियल्टी की लिस्ट कब बदलती है?
समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। merger यानी विलय या delisting यानी एक्सचेंज से हटने जैसी घटना पर बीच में भी बदलाव हो सकता है।
निफ्टी रियल्टी और रियल एस्टेट सेक्टर के सारे शेयरों में क्या फर्क है?
निफ्टी रियल्टी नियमों से चुने गए ज्यादा से ज्यादा 10 शेयरों का इंडेक्स है, जिनका चुनाव free-float market cap से होता है। Tejii के रियल एस्टेट उद्योग वाले पन्ने पर निफ्टी 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE ने Realty समूह में रखा है, चाहे वे इंडेक्स में हों या नहीं।
निफ्टी रियल्टी में एक कंपनी का वजन कितना हो सकता है?
वजन free-float market capitalisation से तय होता है। rebalancing के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता, और तीन सबसे भारी शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं। सबसे भारी नामों का ताजा वजन NSE Indices की factsheet में छपता है।
क्या निफ्टी रियल्टी पर F&O है?
नहीं। 9 अक्टूबर 2026 को NSE की F&O lot size वाली फाइल में जिन इंडेक्स पर futures और options के contract दर्ज थे, उनमें निफ्टी रियल्टी नहीं था। किसी कंपनी के अपने शेयर पर F&O contract होना अलग बात है; वह इस इंडेक्स का contract नहीं है।
क्या निफ्टी रियल्टी का ETF या index fund होता है?
हां। 9 अक्टूबर 2026 को NSE Indices की वेबसाइट पर निफ्टी रियल्टी के पन्ने में वे mutual fund घराने दर्ज थे जिनके ETF और index fund, यानी इंडेक्स की नकल करने वाले फंड, इस इंडेक्स पर चलते हैं। Tejii किसी फंड का नाम नहीं सुझाता और यह नहीं बताता कि पैसा कहां लगाएं।
इस पन्ने का हवाला कैसे दें
स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी रियल्टी में कौन-कौन सी कंपनी है - पूरी लिस्ट, उद्योग और नियम”, NSE की constituent सूची, 11 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-realty-companies
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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।