निफ्टी प्राइवेट बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी प्राइवेट बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है — NSE की अपनी फाइल से बनी पूरी लिस्ट, सिंबल के साथ; और यह कि 10 बैंक किन नियमों से चुने जाते हैं और वजन पर क्या सीमा है।
निफ्टी प्राइवेट बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी प्राइवेट बैंक में इस समय कौन-कौन से बैंक हैं, इसकी पूरी लिस्ट ठीक नीचे की टेबल में है। तीन कॉलम हैं: बैंक का नाम, जो Tejii पर उसका पन्ना होने पर उसी से जुड़ा है; सिंबल, यानी एक्सचेंज पर उसका छोटा नाम; और उद्योग, यानी NSE के वर्गीकरण में उसका समूह।
यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई — यह NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इस इंडेक्स के शेयर दर्ज हैं। NSE जब वह फाइल बदलता है, यहां की टेबल भी बदल जाती है। इसीलिए लेख में किसी बैंक का नाम नहीं है।
| कंपनी | सिंबल | उद्योग |
|---|---|---|
| एक्सिस बैंक | AXISBANK | Financial Services |
| बंधन बैंक | BANDHANBNK | Financial Services |
| फेडरल बैंक | FEDERALBNK | Financial Services |
| एचडीएफसी बैंक | HDFCBANK | Financial Services |
| आईसीआईसीआई बैंक | ICICIBANK | Financial Services |
| आईडीएफसी फर्स्ट बैंक | IDFCFIRSTB | Financial Services |
| इंडसइंड बैंक | INDUSINDBK | Financial Services |
| कोटक महिंद्रा बैंक | KOTAKBANK | Financial Services |
| आरबीएल बैंक | RBLBANK | Financial Services |
| यस बैंक | YESBANK | Financial Services |
इस टेबल की सभी 10 कंपनियां NSE के वर्गीकरण में Financial Services समूह की हैं।
निफ्टी प्राइवेट बैंक है क्या, और इसे गिनता कौन है
Nifty Private Bank न कोई बैंक है, न कोई फंड। यह एक sectoral index यानी एक ही तरह के कारोबार का इंडेक्स है: एक नंबर, जो चुने हुए निजी बैंकों के भावों को तय तरीके से जोड़कर निकलता है। इसे NSE Indices Limited बनाती है और real-time यानी साथ-के-साथ गिनती है।
NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet यानी मासिक ब्योरे के मुताबिक इसकी शुरुआत 5 जनवरी 2016 को हुई, आधार दिन 1 अप्रैल 2005 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। यानी इंडेक्स का नंबर रुपया नहीं, एक पैमाना है।
methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक इसमें 10 शेयर रखे जाते हैं, और यह गिनती तय है।
कोई बैंक इस इंडेक्स में आता और बाहर कैसे जाता है
चुनाव लिखे नियमों से होता है। factsheet के मुताबिक बैंक समीक्षा के समय निफ्टी 500 में हो, NSE के वर्गीकरण में Private Sector Bank श्रेणी का हो, पिछले छह महीनों में उसकी trading frequency यानी सौदे वाले दिनों का हिस्सा कम से कम 90 प्रतिशत हो, और कट-ऑफ तारीख तक एक्सचेंज पर दर्ज हुए कम से कम एक महीना हुआ हो। निफ्टी 500 में ऐसे बैंक 10 से कम पड़ें तो कमी उसके बाहर के शेयरों से पूरी की जाती है।
इनमें से 10 का चुनाव free-float market capitalisation से होता है — यानी उन शेयरों की बाजार कीमत से जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। NSE के F&O यानी futures और options खंड में चलने वाले शेयरों को प्राथमिकता मिलती है।
समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और पिछले छह महीने के औसत आंकड़े देखे जाते हैं। सितंबर 2026 के methodology दस्तावेज के मुताबिक बदलाव मार्च और सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं।
वजन पर भी सीमा है: rebalancing यानी वजन दोबारा बिठाने के समय एक शेयर का वजन 23 प्रतिशत से, और सबसे भारी तीन का कुल वजन 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता।
निफ्टी प्राइवेट बैंक, बैंक निफ्टी और सारे बैंक शेयर — फर्क क्या है
इसे अक्सर बैंक निफ्टी समझ लिया जाता है। Nifty Bank यानी बैंक निफ्टी अलग इंडेक्स है: methodology के मुताबिक उसमें ज्यादा से ज्यादा 14 शेयर होते हैं, और निजी और सरकारी दोनों तरह के बैंक आ सकते हैं। निफ्टी प्राइवेट बैंक में सिर्फ निजी बैंक आते हैं; सरकारी बैंकों का अलग इंडेक्स Nifty PSU Bank है। एक ही बैंक दोनों में दिख सकता है, पर दोनों में वजन की सीमाएं अलग हैं।
यह इंडेक्स सारे निजी बैंकों की लिस्ट भी नहीं है, सिर्फ चुने गए 10 की है। Tejii का वित्तीय सेवा उद्योग वाला पन्ना इससे कहीं चौड़ा है: वहां निफ्टी 500 की हर वह कंपनी है जिसे NSE ने Financial Services समूह में रखा है — सरकारी और निजी बैंक, NBFC यानी बैंक न होकर भी कर्ज देने वाली कंपनियां, बीमा कंपनियां और बाकी।
सबसे बड़ी गलतफहमी: 10 बैंक यानी 10 बराबर हिस्से
गलतफहमी यह है कि 10 बैंक हैं तो हर एक का हिस्सा 10 प्रतिशत होगा। पर वजन free-float market cap से तय होता है, और नियम खुद rebalancing के समय एक शेयर को 23 प्रतिशत तक और सबसे भारी तीन को मिलाकर 62 प्रतिशत तक जाने देता है।
इसलिए भारी वजन वाले चंद नामों के हिलने से इंडेक्स ज्यादा हिलता है। किसका कितना वजन है, यह NSE Indices की मासिक factsheet में छपता है।
और इंडेक्स में नाम होना आकार और कारोबार की शर्तें पूरी करने का नतीजा है, बैंक के मजबूत या कमजोर होने का फैसला नहीं।
Tejii पर यह सब कहां देखें
टेबल से बैंक के पन्ने पर जाएं तो वहां मिलता है: बैंक क्या काम करता है, पिछला बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन के औसत, RSI, 52 हफ्ते का दायरा, पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, और एक हफ्ते से एक साल तक की चाल।
वित्तीय सेवा उद्योग वाले पन्ने की टेबल में हर शेयर के साथ बंद भाव, RSI और एक साल की सबसे बड़ी गिरावट है।
Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका है, कोई सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निफ्टी प्राइवेट बैंक में कितने बैंक हैं?
NSE Indices के methodology के मुताबिक निफ्टी प्राइवेट बैंक में 10 शेयर रखे जाते हैं, सभी निजी क्षेत्र के बैंकों के। नियम में यह भी लिखा है कि शर्तें पूरी करने वाले शेयर ही 10 से कम पड़ जाएं तो इंडेक्स में 10 से कम भी हो सकते हैं। मौजूदा नाम ऊपर की टेबल में हैं।
निफ्टी प्राइवेट बैंक की लिस्ट कब बदलती है?
समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। suspension यानी कारोबार रुकने, delisting यानी एक्सचेंज से हटने, या demerger यानी कंपनी के बंटने जैसी घटना पर कोई शेयर बीच में भी निकल सकता है।
निफ्टी प्राइवेट बैंक और बैंक निफ्टी में क्या फर्क है?
दोनों NSE Indices के अलग इंडेक्स हैं। methodology के मुताबिक Nifty Bank यानी बैंक निफ्टी में ज्यादा से ज्यादा 14 शेयर होते हैं और उसमें निजी और सरकारी दोनों तरह के बैंक आ सकते हैं। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 10 शेयर होते हैं, सिर्फ निजी बैंकों के। दोनों में वजन की सीमाएं भी अलग हैं।
निफ्टी प्राइवेट बैंक में किसी बैंक का वजन कैसे तय होता है?
वजन free-float market capitalisation से तय होता है, यानी उन शेयरों की बाजार कीमत से जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। rebalancing यानी वजन दोबारा बिठाने के समय एक शेयर का वजन 23 प्रतिशत और सबसे भारी तीन का कुल वजन 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाता।
क्या निफ्टी प्राइवेट बैंक पर F&O है?
8 अक्टूबर 2026 तक नहीं। उस दिन NSE की उस फाइल में, जिसमें F&O यानी futures और options के lot size दर्ज होते हैं, Nifty Bank था, Nifty Private Bank नहीं। बैंक निफ्टी के नाम से होने वाले F&O सौदे Nifty Bank पर हैं, इस इंडेक्स पर नहीं। ताजा स्थिति एक्सचेंज की वेबसाइट पर देखें।
क्या निफ्टी प्राइवेट बैंक पर index fund या ETF हैं?
हां। 8 अक्टूबर 2026 को NSE Indices की वेबसाइट पर इस इंडेक्स के पन्ने में उन mutual fund घरानों की सूची थी जो इस पर ETF और index fund, यानी इंडेक्स की नकल करने वाले फंड, चलाते हैं। कौन सा फंड लेना चाहिए या नहीं, यह Tejii नहीं बताता।
इस पन्ने का हवाला कैसे दें
स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी प्राइवेट बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 8 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-private-bank-companies
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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।