निफ्टी ऑटो में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी ऑटो में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट NSE की अपनी फाइल से, हर कंपनी के सिंबल और उद्योग के साथ। साथ में: कंपनी इंडेक्स में आती-जाती कैसे है।

निफ्टी ऑटो में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी ऑटो में इस समय कौन-कौन सी कंपनी है, इसकी पूरी लिस्ट ठीक नीचे की टेबल में है। पहले कॉलम में कंपनी का नाम है, जो Tejii पर पन्ना होने पर उसी से जुड़ा है; दूसरे में सिंबल, यानी एक्सचेंज पर कंपनी का छोटा नाम; तीसरे में उद्योग, यानी NSE के वर्गीकरण में कंपनी का समूह।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई। यह NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियां दर्ज होती हैं, और NSE जब वह फाइल बदलता है, टेबल भी साथ बदल जाती है।

कंपनीसिंबलउद्योग
अशोक लेलैंडASHOKLEYCapital Goods
बजाज ऑटोBAJAJ-AUTOAutomobile and Auto Components
भारत फोर्जBHARATFORGAutomobile and Auto Components
बॉशBOSCHLTDAutomobile and Auto Components
आयशर मोटर्सEICHERMOTAutomobile and Auto Components
हीरो मोटोकॉर्पHEROMOTOCOAutomobile and Auto Components
हुंडई मोटर इंडियाHYUNDAIAutomobile and Auto Components
महिंद्रा एंड महिंद्राM&MAutomobile and Auto Components
मारुति सुजुकीMARUTIAutomobile and Auto Components
संवर्धन मदरसनMOTHERSONAutomobile and Auto Components
सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसीजन फोर्जिंग्सSONACOMSAutomobile and Auto Components
टीवीएस मोटरTVSMOTORAutomobile and Auto Components
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्सTMPVAutomobile and Auto Components
टीआई इंडियाTIINDIAAutomobile and Auto Components
यूनो मिंडाUNOMINDAAutomobile and Auto Components

इस टेबल की 15 कंपनियां NSE के 2 उद्योग समूहों में बंटी हैं: Automobile and Auto Components (14), Capital Goods (1)।

निफ्टी ऑटो है क्या, और इसे गिनता कौन है

निफ्टी ऑटो NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का sectoral index है — एक ही उद्योग की कंपनियों का इंडेक्स। यह कोई कंपनी या फंड नहीं, एक नंबर है, जो इन कंपनियों के भावों को तय तरीके से जोड़कर निकलता है। इसे NSE Indices Limited गिनती है, और बाजार खुला रहने पर यह real-time गिना जाता है।

NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet के मुताबिक निफ्टी ऑटो की शुरुआत 12 जुलाई 2011 को हुई, इसका आधार दिन 1 जनवरी 2004 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। methodology यानी नियमों के दस्तावेज (सितंबर 2026) के मुताबिक इसमें ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर होते हैं।

कोई कंपनी निफ्टी ऑटो में आती और बाहर कैसे जाती है

कंपनियां किसी की पसंद से नहीं, लिखे नियमों से चुनी जाती हैं। factsheet के मुताबिक कंपनी समीक्षा के समय निफ्टी 500 में हो और Automobiles सेक्टर की हो, पिछले छह महीनों में उसके शेयर में कम से कम 90 प्रतिशत दिनों में कारोबार हुआ हो, और कट-ऑफ तारीख तक listing को कम से कम एक महीना हो चुका हो।

इनमें से आखिरी चुनाव, ज्यादा से ज्यादा 15 कंपनियों का, free-float market capitalisation से होता है — यानी उन शेयरों की कुल कीमत से जो सचमुच खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। methodology के मुताबिक तरजीह उन कंपनियों को मिलती है जिनके शेयर NSE के F&O यानी futures और options खंड में चलते हैं।

समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं।

वजन भी free-float market cap से तय होता है, पर सीमा के साथ: rebalancing यानी वजन दोबारा बिठाते समय एक शेयर का वजन 33 प्रतिशत से और सबसे भारी तीन का जोड़ 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता।

निफ्टी ऑटो और ऑटो सेक्टर के सारे शेयर — दोनों एक नहीं

निफ्टी ऑटो ऑटो उद्योग की हर कंपनी की लिस्ट नहीं, नियमों से चुनी गई चंद कंपनियों का इंडेक्स है। Tejii का ऑटो उद्योग वाला पन्ना अलग चीज है: वहां निफ्टी 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE की फाइल Automobile and Auto Components समूह में रखती है — इंडेक्स वाली भी, बाहर की भी।

methodology में निफ्टी ऑटो की पात्र basic industries यानी बारीक उद्योगों में Commercial Vehicles और Tractors भी हैं, जबकि NSE की फाइल ट्रक-बस या ट्रैक्टर बनाने वाली कुछ कंपनियों को Capital Goods समूह में दिखाती है। इसलिए टेबल में किसी नाम के आगे Capital Goods लिखा दिखे तो वह गलती नहीं — वह कंपनी Tejii पर ऑटो वाले पन्ने पर नहीं, कैपिटल गुड्स वाले पन्ने पर मिलेगी।

सबसे बड़ी गलतफहमी: निफ्टी ऑटो यानी सिर्फ गाड़ी बनाने वाली कंपनियां

नाम से लगता है कि इसमें सिर्फ कार और बाइक बनाने वाली कंपनियां होंगी। ऐसा नहीं है। factsheet के शब्दों में यह इंडेक्स चार पहिया, दोपहिया-तिपहिया, auto ancillaries यानी पुर्जे बनाने वाली कंपनियों और टायर, सबको दिखाता है। methodology की सूची में Castings & Forgings और Auto Dealer जैसी basic industries भी हैं।

दूसरी गलतफहमी: नाम गिने-चुने हैं तो सबका हिस्सा बराबर होगा। ऐसा नहीं है। वजन free-float market cap से तय होता है, और नियम rebalancing के समय भी एक शेयर को 33 प्रतिशत तक वजन की छूट देता है। इसलिए किसी दिन इंडेक्स की चाल चंद भारी नामों से तय हो सकती है।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल में जिस नाम पर लिंक है, वह उसी कंपनी के पन्ने पर ले जाता है। वहां कंपनी क्या काम करती है, पिछला बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन के औसत, RSI, 52 हफ्ते का दायरा, पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, और एक हफ्ते से एक साल तक की चाल मिलती है।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स पिछले कारोबारी दिन कितना चढ़ा या गिरा, यह सेक्टर वाले पन्ने पर AUTO नाम से दिखता है।

साफ बात: Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां न कोई टिप है, न लक्ष्य भाव, न खरीदने-बेचने की सलाह — सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निफ्टी ऑटो में कितनी कंपनियां हैं?

NSE Indices की methodology के मुताबिक निफ्टी ऑटो में ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर होते हैं। इस समय कितनी कंपनियां हैं, यह इसी पन्ने की टेबल के ठीक नीचे लिखा है; टेबल और वह गिनती, दोनों NSE की फाइल से बनती हैं।

निफ्टी ऑटो की लिस्ट कब बदलती है?

समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। विलय या delisting जैसी स्थिति में बीच में भी बदलाव हो सकता है।

निफ्टी ऑटो और ऑटो सेक्टर के सारे शेयरों में क्या फर्क है?

निफ्टी ऑटो नियमों से चुनी गई ज्यादा से ज्यादा 15 कंपनियों का इंडेक्स है, ऑटो उद्योग की हर कंपनी की लिस्ट नहीं। Tejii के ऑटो उद्योग वाले पन्ने पर निफ्टी 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE ऑटो और ऑटो पार्ट्स समूह में रखता है — इंडेक्स वाली भी, बाहर की भी।

निफ्टी ऑटो में कंपनी का वजन कैसे तय होता है?

free-float market capitalisation से, यानी खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकने वाले शेयरों की कुल कीमत से। rebalancing के समय एक शेयर का वजन 33 प्रतिशत और सबसे भारी तीन का जोड़ 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता।

क्या निफ्टी ऑटो पर F&O है?

नहीं। NSE की अक्टूबर 2026 की F&O lot-size फाइल में जिन इंडेक्स पर futures और options contracts हैं, उनमें निफ्टी ऑटो नहीं है। इंडेक्स की किसी कंपनी के अपने शेयर पर F&O हो सकता है, पर वह इंडेक्स का contract नहीं है।

क्या निफ्टी ऑटो का कोई ETF है?

NSE की ETF सूची में निफ्टी ऑटो को track करने वाले ETF दर्ज हैं। ETF यानी exchange traded fund — ऐसा फंड जो किसी इंडेक्स की नकल करता है और जिसकी यूनिट एक्सचेंज पर खरीदी-बेची जाती है। यह सिर्फ जानकारी है, उन्हें खरीदने की सलाह नहीं।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी ऑटो में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट, उद्योग और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 8 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-auto-companies

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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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