निफ्टी PSU बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी PSU बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है: NSE की फाइल से बनी सरकारी बैंकों की पूरी लिस्ट, हर बैंक का सिंबल, और इंडेक्स में आने-जाने तथा वजन की सीमा के नियम।

निफ्टी PSU बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी PSU बैंक NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सरकारी बैंकों का इंडेक्स है, और इसके सभी बैंकों के नाम ठीक नीचे की टेबल में हैं। टेबल में तीन कॉलम हैं: बैंक का नाम, सिंबल यानी एक्सचेंज पर उसका छोटा नाम, और उद्योग यानी NSE के वर्गीकरण में उसका समूह। जिस बैंक का Tejii पर पन्ना है उसका नाम लिंक है; निफ्टी 500 से बाहर का बैंक बिना लिंक के लिखा मिलेगा।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई — यह NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इस इंडेक्स के बैंक दर्ज हैं। NSE वह फाइल बदलता है तो यहां की टेबल भी बदल जाती है। कुल गिनती भी टेबल के नीचे उसी फाइल से लिखी जाती है।

कंपनीसिंबलउद्योग
बैंक ऑफ बड़ौदाBANKBARODAFinancial Services
बैंक ऑफ इंडियाBANKINDIAFinancial Services
बैंक ऑफ महाराष्ट्रMAHABANKFinancial Services
केनरा बैंकCANBKFinancial Services
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडियाCENTRALBKFinancial Services
इंडियन बैंकINDIANBFinancial Services
इंडियन ओवरसीज बैंकIOBFinancial Services
Punjab & Sind BankPSBFinancial Services
पंजाब नेशनल बैंकPNBFinancial Services
भारतीय स्टेट बैंकSBINFinancial Services
यूको बैंकUCOBANKFinancial Services
यूनियन बैंक ऑफ इंडियाUNIONBANKFinancial Services

इस टेबल की सभी 12 कंपनियां NSE के वर्गीकरण में Financial Services समूह की हैं।

निफ्टी PSU बैंक है क्या, और इसे गिनता कौन है

PSU बैंक यानी public sector bank, आम बोली में सरकारी बैंक। यह इंडेक्स इन्हीं बैंकों के भावों को एक तय तरीके से जोड़कर निकला नंबर है — न कोई बैंक, न कोई फंड। इसे NSE Indices Limited बनाती और real-time गिनती है।

NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet के मुताबिक इसकी शुरुआत 30 अगस्त 2007 को हुई, आधार दिन 1 जनवरी 2004 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। बैंकों की गिनती तय नहीं है: methodology यानी नियमों के दस्तावेज में इसे Variable यानी बदलने वाली लिखा गया है।

कोई बैंक इसमें आता और बाहर कैसे जाता है

सितंबर 2026 के methodology दस्तावेज के मुताबिक 27 दिसंबर 2019 से NSE पर कारोबार वाले सभी public sector bank इसके लिए पात्र हैं, बशर्ते listing को एक महीना हो चुका हो और trading frequency 90 प्रतिशत हो। trading frequency यानी कितने कारोबारी दिनों में शेयर में सौदे हुए; factsheet इसे पिछले छह महीनों में कम से कम 90 प्रतिशत लिखती है। वही factsheet दो शर्तें और गिनाती है: 51 प्रतिशत शेयर पूंजी सीधे या परोक्ष रूप से केंद्र या राज्य सरकार के पास हो, और बैंक छह महीने के औसत रोज के कारोबार तथा औसत full market cap यानी सभी शेयरों की कीमत, दोनों में ऊपर की 800 कंपनियों में हो।

समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। बीच में किसी बैंक का दूसरे में विलय हो जाए तो वह निकल जाता है, और उसकी जगह नया नाम नहीं लाया जाता।

वजन free-float market capitalisation से तय होता है, यानी उन शेयरों की कीमत से जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं; सरकार के पास के शेयर नहीं गिने जाते। सीमा भी है: rebalancing यानी वजन दोबारा ठीक करने के समय एक बैंक का वजन 33 प्रतिशत से ऊपर नहीं हो सकता, और सबसे भारी तीन का जोड़ 62 प्रतिशत से ऊपर नहीं।

निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और सभी बैंक शेयर — फर्क क्या है

सबसे ज्यादा उलझन निफ्टी बैंक यानी Bank Nifty से होती है। methodology में वह बड़े और liquid यानी आसानी से खरीदे-बेचे जाने वाले बैंकों का इंडेक्स है, और उसके दायरे में public sector और private sector, दोनों बैंक आते हैं। निफ्टी PSU बैंक में सिर्फ सरकारी बैंक हैं, निफ्टी प्राइवेट बैंक में सिर्फ private sector के। इसलिए एक ही बैंक दो इंडेक्स में हो सकता है।

Tejii का वित्तीय सेवा वाला उद्योग पन्ना इन सबसे चौड़ा है। वहां निफ्टी 500 की वे सभी कंपनियां हैं जिन्हें NSE Financial Services समूह में रखता है: सरकारी और प्राइवेट बैंक, कर्ज देने वाली दूसरी कंपनियां, बीमा कंपनियां वगैरह। इंडेक्स में सिर्फ वे सरकारी बैंक हैं जो ऊपर की शर्तें पूरी करें।

सबसे बड़ी गलतफहमी: इंडेक्स में सभी सरकारी बैंक बराबर गिने जाते हैं

नाम से लगता है कि यह सभी सरकारी बैंकों का सीधा औसत है। ऐसा नहीं है। वजन free-float market cap से तय होता है, और नियम एक बैंक को 33 प्रतिशत तक की गुंजाइश देते हैं। इसलिए हो सकता है कि किसी दिन ज्यादातर सरकारी बैंक चढ़ें और इंडेक्स फिर भी गिरे।

दूसरी गलतफहमी यह कि इंडेक्स में नाम होना बैंक की सेहत का प्रमाणपत्र है। factsheet की शर्तें सरकारी हिस्सेदारी, listing, कारोबार और आकार की हैं; मुनाफे की कोई शर्त उनमें नहीं है।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल में जिस बैंक का नाम लिंक है, उसके पन्ने पर पिछला बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन के औसत, RSI, 52 हफ्ते का दायरा, एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, और एक हफ्ते से एक साल तक की चाल मिलती है।

उद्योग पन्ने पर Financial Services समूह की निफ्टी 500 कंपनियां एक टेबल में हैं — बंद भाव, उस दिन का बदलाव, हाई से दूरी, RSI और एक साल की सबसे बड़ी गिरावट के साथ।

साफ बात: Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां न टिप है, न लक्ष्य भाव, न खरीदने-बेचने की सलाह — सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निफ्टी PSU बैंक में कितनी कंपनियां हैं?

गिनती तय नहीं है। NSE Indices के methodology दस्तावेज में इस इंडेक्स की कंपनियों की संख्या Variable यानी बदलने वाली लिखी है: जितने सरकारी बैंक शर्तें पूरी करते हैं, उतने इसमें रहते हैं। मौजूदा गिनती इस पन्ने की टेबल के ठीक नीचे लिखी है, जो NSE की फाइल से बनती है।

निफ्टी PSU बैंक की लिस्ट कब बदलती है?

समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। किसी बैंक का दूसरे में विलय हो जाए तो वह बीच में भी लिस्ट से निकल सकता है।

निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी बैंक में क्या फर्क है?

निफ्टी बैंक बड़े और ज्यादा कारोबार वाले बैंकों का इंडेक्स है, और उसके दायरे में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के बैंक आते हैं। निफ्टी PSU बैंक में सिर्फ वे बैंक आते हैं जिनकी 51 प्रतिशत शेयर पूंजी सरकार के पास है। दोनों की लिस्ट और वजन के नियम अलग हैं।

क्या निफ्टी PSU बैंक पर F&O है?

8 अक्टूबर 2026 को NSE की F&O वाली सूची में, जहां वे इंडेक्स और शेयर दर्ज हैं जिन पर futures और options के सौदे होते हैं, Nifty PSU Bank इंडेक्स नहीं था। इसके कुछ बैंकों के अपने शेयर उस सूची में जरूर थे, पर वह अलग चीज है।

निफ्टी PSU बैंक में किसी एक बैंक का वजन कितना हो सकता है?

नियम के मुताबिक rebalancing के समय किसी एक बैंक का वजन 33 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता, और सबसे भारी तीन बैंकों का जोड़ 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं। सबसे भारी बैंकों का मौजूदा वजन NSE Indices हर महीने की factsheet में छापती है।

क्या निफ्टी PSU बैंक को track करने वाले ETF हैं?

हां। NSE Indices की वेबसाइट पर इस इंडेक्स के पन्ने की ETF listed in India सूची में 8 अक्टूबर 2026 को कई म्यूचुअल फंड कंपनियों के नाम थे। ETF यानी exchange traded fund, जो इंडेक्स की नकल करता है और शेयर की तरह एक्सचेंज पर खरीदा-बेचा जाता है। यह जानकारी है, पैसा लगाने की सलाह नहीं।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी PSU बैंक में कौन-कौन सी कंपनी है - पूरी लिस्ट और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 8 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-psu-bank-companies

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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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