बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से बैंक ऑफ बड़ौदा इनमें शामिल है: निफ्टी नेक्स्ट 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी PSU बैंक।
बैंक ऑफ बड़ौदा क्या काम करती है
Bank of Baroda वडोदरा (गुजरात) स्थित एक सरकारी बैंक (PSU) है, जिसकी स्थापना 1908 में महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने की थी। यह आम ग्राहकों, किसानों, कारोबारियों और कंपनियों को खाते, लोन, कार्ड, बीमा और निवेश जैसी सेवाएँ देता है, और भारत के साथ कई देशों में भी काम करता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 30% रही — 26 फरवरी 2026 को ₹324.45 के बंद भाव से 28 सितंबर 2026 को ₹227.50 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 30% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹223.82 से ₹325.50 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
बैंक ऑफ बड़ौदा शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 2 फरवरी 2026 | -7.28% |
| 4 मार्च 2026 | -5.04% |
| 23 मार्च 2026 | -5.02% |
| 30 मार्च 2026 | -4.88% |
| 27 मार्च 2026 | -4.55% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 40.39 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 2.62x रहा। इतना ज्यादा वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कुछ खास हुआ था — खबर, नतीजे, या किसी बड़े सौदे।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।