निफ्टी फार्मा में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी फार्मा में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट NSE की अपनी फाइल से बनी टेबल में; साथ में यह कि कंपनी इंडेक्स में आती-जाती कैसे है और वजन की सीमा क्या है।
निफ्टी फार्मा में कौन-कौन सी कंपनी है
निफ्टी फार्मा NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का दवा कंपनियों वाला इंडेक्स है, और इसकी मौजूदा कंपनियों के नाम ठीक नीचे टेबल में हैं। टेबल में तीन कॉलम हैं: कंपनी का नाम, जो Tejii पर पन्ना होने पर उसी से जुड़ा है; सिंबल यानी एक्सचेंज पर कंपनी का छोटा नाम; और उद्योग, जिसमें NSE दवा कंपनियों को Healthcare समूह में गिनता है।
यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई; यह NSE की उस फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियां दर्ज होती हैं। समीक्षा के बाद NSE फाइल बदलता है तो टेबल भी बदल जाती है। इसीलिए लेख में किसी कंपनी का नाम नहीं है; नाम टेबल में हैं और गिनती उसके ठीक नीचे।
| कंपनी | सिंबल | उद्योग |
|---|---|---|
| एबॉट इंडिया | ABBOTINDIA | Healthcare |
| अजंता फार्मा | AJANTPHARM | Healthcare |
| अल्केम लैबोरेटरीज | ALKEM | Healthcare |
| अरबिंदो फार्मा | AUROPHARMA | Healthcare |
| बायोकॉन | BIOCON | Healthcare |
| सिप्ला | CIPLA | Healthcare |
| डिविज लैब्स | DIVISLAB | Healthcare |
| डॉ रेड्डीज | DRREDDY | Healthcare |
| ग्लैंड फार्मा | GLAND | Healthcare |
| ग्लेनमार्क फार्मा | GLENMARK | Healthcare |
| आईपीसीए लैबोरेटरीज | IPCALAB | Healthcare |
| लॉरस लैब्स | LAURUSLABS | Healthcare |
| ल्यूपिन | LUPIN | Healthcare |
| मैनकाइंड फार्मा | MANKIND | Healthcare |
| पिरामल फार्मा | PPLPHARMA | Healthcare |
| साई लाइफ साइंसेज | SAILIFE | Healthcare |
| सन फार्मा | SUNPHARMA | Healthcare |
| टोरेंट फार्मा | TORNTPHARM | Healthcare |
| वॉकहार्ट | WOCKPHARMA | Healthcare |
| जायडस लाइफसाइंसेज | ZYDUSLIFE | Healthcare |
इस टेबल की सभी 20 कंपनियां NSE के वर्गीकरण में Healthcare समूह की हैं।
निफ्टी फार्मा है क्या, और इसे गिनता कौन है
इंडेक्स न कोई कंपनी है, न कोई फंड। यह चुनी हुई कंपनियों के भावों से एक तय तरीके से निकला नंबर है। इसे NSE Indices Limited बनाती और गिनती है, और बाजार खुले रहने पर यह real-time गिना जाता है। methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक यह दवा बनाने वाली और biotechnology कंपनियों की चाल दिखाता है।
NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet के मुताबिक इसकी शुरुआत 1 जुलाई 2005 को हुई, आधार दिन 1 जनवरी 2001 है, और उस दिन इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। methodology के मुताबिक 30 सितंबर 2021 से इसमें ज्यादा से ज्यादा 20 शेयर होते हैं; factsheet के नियम में भी आखिरी चुनाव 20 कंपनियों का लिखा है।
कोई कंपनी निफ्टी फार्मा में आती और बाहर कैसे जाती है
कंपनियां पसंद से नहीं, लिखे नियमों से चुनी जाती हैं। समीक्षा के समय कंपनी निफ्टी 500 में हो, और NSE के वर्गीकरण में उसका basic industry यानी बारीक उद्योग Pharmaceuticals या Biotechnology हो। पिछले छह महीनों के कम से कम 90 प्रतिशत कारोबारी दिनों में शेयर में सौदे हुए हों, और कट-ऑफ तारीख तक listing को एक महीना हो चुका हो।
ऐसी कंपनियां free-float market capitalisation के हिसाब से ऊपर से नीचे लगाई जाती हैं; free float यानी वे शेयर जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। F&O यानी futures और options वाले शेयरों को तरजीह मिलती है। नई कंपनी तब आती है जब उसका free-float market cap इंडेक्स की सबसे छोटी कंपनी से कम से कम डेढ़ गुना हो।
समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। वजन पर सीमा भी है: rebalancing यानी वजन दोबारा बांधने के समय एक शेयर 33 प्रतिशत से और सबसे भारी तीन मिलकर 62 प्रतिशत से ऊपर नहीं रखे जाते।
निफ्टी फार्मा, Nifty Healthcare और हेल्थकेयर की पूरी लिस्ट में फर्क
निफ्टी फार्मा सारी दवा कंपनियों की लिस्ट नहीं है; यह नियमों से चुनी गई कुछ कंपनियां हैं। Tejii का हेल्थकेयर उद्योग वाला पन्ना अलग चीज है: वहां निफ्टी 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE Healthcare समूह में रखता है, यानी दवा के साथ अस्पताल और जांच-लैब चलाने वाली कंपनियां भी।
NSE Indices का एक और इंडेक्स है, Nifty Healthcare। methodology के मुताबिक उसमें भी ज्यादा से ज्यादा 20 कंपनियां होती हैं, पर दायरा चौड़ा है: Pharmaceuticals और Biotechnology के अलावा Hospital, Medical Equipment & Supplies और Pharmacy Retail जैसे उद्योग भी उसमें आ सकते हैं।
सबसे बड़ी गलतफहमी: लिस्ट की हर कंपनी का हिस्सा बराबर है
लिस्ट देखकर लगता है कि हर कंपनी का हिस्सा बराबर होगा। ऐसा नहीं है। वजन free-float market cap से तय होता है: वह जितना बड़ा, वजन उतना ज्यादा। ऊपर लिखी सीमा के मुताबिक rebalancing के समय अकेला एक शेयर 33 प्रतिशत तक रखा जा सकता है। जिसका वजन ज्यादा, उसके भाव का असर इंडेक्स पर उतना ज्यादा।
और इंडेक्स में नाम होना कंपनी के अच्छे होने की मुहर भी नहीं है: जगह आकार, कारोबार और listing की शर्तें पूरी करने पर मिलती है।
Tejii पर यह सब कहां देखें
टेबल में जिस नाम पर लिंक है, वह उसी कंपनी के पन्ने पर ले जाता है। वहां पिछला बंद भाव, 20, 50 और 200 दिन के औसत, RSI, 52 हफ्ते का दायरा, पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, और एक हफ्ते से एक साल तक की चाल मिलती है। इंडेक्स के नियम कमी पड़ने पर निफ्टी 500 के बाहर की कंपनी भी लेने देते हैं; जिस कंपनी का Tejii पर पन्ना नहीं है, उसका नाम बिना लिंक के दिखेगा।
पूरे हेल्थकेयर समूह के लिए उद्योग वाला पन्ना है। साफ बात: Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है; यहां सलाह नहीं, सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निफ्टी फार्मा में कितनी कंपनियां हैं?
NSE Indices के methodology दस्तावेज के मुताबिक 30 सितंबर 2021 से निफ्टी फार्मा में ज्यादा से ज्यादा 20 कंपनियां होती हैं, और factsheet के नियम में आखिरी चुनाव 20 कंपनियों का लिखा है। मौजूदा नाम और उनकी गिनती इस पन्ने की टेबल में है, जो NSE की फाइल से बनती है।
निफ्टी फार्मा की लिस्ट कब बदलती है?
समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और उनसे पिछले छह महीने के औसत आंकड़े देखे जाते हैं। बदलाव मार्च और सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। NSE की फाइल बदलते ही इस पन्ने की टेबल भी बदल जाती है।
निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में क्या फर्क है?
निफ्टी फार्मा में सिर्फ Pharmaceuticals और Biotechnology उद्योग की कंपनियां आ सकती हैं। Nifty Healthcare का दायरा चौड़ा है: उसमें अस्पताल, मेडिकल उपकरण और pharmacy retail कंपनियां भी आ सकती हैं। methodology के मुताबिक दोनों में ज्यादा से ज्यादा 20 कंपनियां होती हैं। आधार दिन अलग हैं: निफ्टी फार्मा का 1 जनवरी 2001, Nifty Healthcare का 1 अप्रैल 2005।
क्या निफ्टी फार्मा पर F&O है?
8 अक्टूबर 2026 को NSE की F&O lot size वाली फाइल में निफ्टी फार्मा इंडेक्स का कोई futures या options contract दर्ज नहीं है। इंडेक्स के नियम सिर्फ यह कहते हैं कि चुनाव में उन कंपनियों को तरजीह मिलती है जिनके अपने शेयरों में F&O का कारोबार होता है।
निफ्टी फार्मा में किसी कंपनी का वजन कैसे तय होता है?
वजन free-float market capitalisation से तय होता है, यानी खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकने वाले शेयरों की कुल कीमत से। एक शेयर पर 33 प्रतिशत और सबसे भारी तीन शेयरों के जोड़ पर 62 प्रतिशत की सीमा है, जो मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर के आखिरी कारोबारी दिन से दोबारा लागू की जाती है।
क्या निफ्टी फार्मा पर कोई ETF है?
इंडेक्स खुद एक नंबर है, उसे सीधे खरीदा नहीं जाता। 8 अक्टूबर 2026 को NSE की ETF सूची में निफ्टी फार्मा पर बना ETF दर्ज है। ETF यानी वह फंड जिसकी यूनिट एक्सचेंज पर शेयर की तरह खरीदी-बेची जाती है। यह सिर्फ जानकारी है, किसी फंड में पैसा लगाने की सलाह नहीं।
इस पन्ने का हवाला कैसे दें
स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी फार्मा में कौन-कौन सी कंपनी है — पूरी लिस्ट, सिंबल और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 8 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-pharma-companies
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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।