निफ्टी मेटल में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी मेटल में कौन-कौन सी कंपनी है: NSE की फाइल से बनी पूरी लिस्ट, हर कंपनी का सिंबल और उद्योग; साथ में चुनने के नियम, समीक्षा की तारीखें और वजन की सीमा।

निफ्टी मेटल में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी मेटल NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का वह इंडेक्स है जिसमें धातु और खनन कारोबार की चुनी हुई कंपनियां हैं, और उनके नाम ठीक नीचे की टेबल में हैं। टेबल में तीन कॉलम हैं: कंपनी का नाम, सिंबल यानी एक्सचेंज पर उसका छोटा नाम, और उद्योग यानी NSE का दिया समूह।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई। यह NSE की उस फाइल से बनती है जिसमें इंडेक्स की कंपनियां दर्ज हैं; NSE फाइल बदलता है, तो यहां की टेबल भी बदल जाती है। अभी कितने नाम हैं, यह गिनती टेबल के ठीक नीचे लिखी है।

इस टेबल की 15 कंपनियां NSE के 2 उद्योग समूहों में बंटी हैं: Metals & Mining (14), Capital Goods (1)।

निफ्टी मेटल है क्या, और इसे गिनता कौन है

इंडेक्स न कंपनी है, न फंड; यह चुनी हुई कंपनियों के शेयरों के भाव से निकला एक नंबर है। इसे NSE Indices Limited बनाती और गिनती है, और बाजार खुले रहने पर यह real-time यानी साथ-साथ गिना जाता है।

NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet के मुताबिक इसकी शुरुआत 12 जुलाई 2011 को हुई, आधार दिन 1 जनवरी 2004 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी।

methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक इसमें ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर हो सकते हैं।

कोई कंपनी निफ्टी मेटल में आती और बाहर कैसे जाती है

कंपनियां लिखे नियमों से चुनी जाती हैं। NSE Indices के सितंबर 2026 के methodology दस्तावेज और factsheet के मुताबिक कंपनी समीक्षा के समय Nifty 500 में हो, और उसका कारोबार metals की तय basic industry यानी कारोबार की बारीक श्रेणियों में आता हो, जैसे Iron & Steel, Aluminium, Copper या Zinc। पिछले छह महीनों में कम से कम 90 प्रतिशत कारोबारी दिन उसके शेयर में सौदे हुए हों, और कट-ऑफ तारीख तक listing को एक महीना हो चुका हो। Nifty 500 में ऐसी कंपनियां 10 से कम पड़ें, तभी नियम उससे बाहर की कंपनियों तक जाते हैं।

ऐसी कंपनियों को free-float market capitalisation के हिसाब से बड़े से छोटे क्रम में रखकर चुना जाता है, और आखिरी चुनाव में उन कंपनियों को तरजीह मिलती है जिनके शेयर NSE के F&O यानी futures और options खंड में चलते हैं। free float यानी वे शेयर जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं; प्रमोटर के शेयर इसमें नहीं गिने जाते। बाहर की कंपनी तभी अंदर आती है जब उसका free-float market cap इंडेक्स की सबसे छोटी कंपनी से कम से कम डेढ़ गुना हो।

समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। rebalancing यानी वजन दोबारा बैठाने के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से, और तीन सबसे बड़े शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकते।

निफ्टी मेटल और मेटल सेक्टर के सारे शेयर — फर्क क्या है

निफ्टी मेटल धातु कारोबार की हर कंपनी की लिस्ट नहीं, नियमों से चुने गए गिने-चुने नामों का इंडेक्स है। Tejii के मेटल और माइनिंग उद्योग पन्ने पर Nifty 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE की फाइल में Metals & Mining समूह में रखा गया है, चाहे वे इस इंडेक्स में हों या नहीं।

इंडेक्स में जगह basic industry से तय होती है, जबकि टेबल का उद्योग कॉलम NSE की फाइल का मोटा समूह है। इसलिए इंडेक्स के किसी नाम के आगे Metals & Mining की जगह कोई दूसरा समूह लिखा हो सकता है।

Nifty Commodities इससे चौड़ा इंडेक्स है: methodology के मुताबिक उसमें तेल, सीमेंट, बिजली, केमिकल और चीनी जैसे कारोबार भी आते हैं।

सबसे बड़ी गलतफहमी: यह धातुओं के भाव का इंडेक्स नहीं है

नाम में मेटल देखकर बहुत लोग मान लेते हैं कि यह लोहे, तांबे या एल्युमिनियम के भाव का नंबर है। ऐसा नहीं है। इसमें किसी धातु का भाव नहीं जुड़ता; जुड़ते हैं सिर्फ इंडेक्स की कंपनियों के शेयरों के भाव, उनके free-float market cap के वजन से।

दूसरी गलतफहमी यह कि इंडेक्स पूरे सेक्टर की बराबर तस्वीर है। वजन बराबर नहीं होते, और rebalancing के समय नियम तीन सबसे बड़े शेयरों को मिलाकर 62 प्रतिशत तक जाने देते हैं। और इंडेक्स में नाम होना आकार और कारोबार की शर्तें पूरी करने का नतीजा है, कंपनी के अच्छे या बुरे होने का फैसला नहीं।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल में कंपनी के नाम पर बना लिंक उसके अपने पन्ने पर ले जाता है। वहां कंपनी क्या काम करती है, पिछला बंद भाव, 52 हफ्ते का दायरा, एक हफ्ते से एक साल तक की चाल, पिछले एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, RSI और 20, 50 तथा 200 दिन के औसत मिलते हैं।

धातु और खनन समूह के Nifty 500 वाले सारे शेयर मेटल और माइनिंग के उद्योग पन्ने पर एक साथ हैं।

साफ बात: Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां न कोई टिप है, न लक्ष्य भाव, न खरीदने-बेचने की सलाह — सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निफ्टी मेटल में कितनी कंपनियां हैं?

NSE Indices के methodology दस्तावेज के मुताबिक निफ्टी मेटल में ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर हो सकते हैं; यह ऊपरी सीमा है। अभी कितने नाम हैं, यह इस पन्ने की टेबल के नीचे लिखी गिनती बताती है, जो NSE की फाइल से बनती है।

निफ्टी मेटल की लिस्ट कब बदलती है?

समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। किसी कंपनी के विलय, demerger या delisting जैसी स्थिति में बीच में भी बदलाव हो सकता है।

निफ्टी मेटल और मेटल सेक्टर के सारे शेयरों में क्या फर्क है?

निफ्टी मेटल नियमों से चुने गए ज्यादा से ज्यादा 15 शेयरों का इंडेक्स है। Tejii के मेटल और माइनिंग उद्योग पन्ने पर Nifty 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE ने Metals & Mining समूह में रखा है, चाहे वे इंडेक्स में हों या नहीं।

क्या निफ्टी मेटल पर F&O है?

नहीं। 8 अक्टूबर 2026 को NSE की F&O lot size वाली फाइल में जिन इंडेक्स पर futures और options के contract दर्ज थे, उनमें निफ्टी मेटल नहीं था। किसी कंपनी के अपने शेयर पर F&O contract होना अलग बात है; वह इस इंडेक्स का contract नहीं है।

निफ्टी मेटल में एक कंपनी का वजन कितना हो सकता है?

methodology के मुताबिक rebalancing के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता, और तीन सबसे बड़े शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं। सबसे भारी नामों का मौजूदा वजन NSE Indices अपनी हर महीने की factsheet में छापती है।

क्या निफ्टी मेटल का ETF होता है?

8 अक्टूबर 2026 को NSE की ETF सूची में ऐसे ETF दर्ज थे जिनका आधार निफ्टी मेटल इंडेक्स है। ETF यानी एक्सचेंज पर खरीदा-बेचा जाने वाला फंड। यह सिर्फ जानकारी है; Tejii किसी फंड को लेने या न लेने की सलाह नहीं देता।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी मेटल में कौन-कौन सी कंपनी है - पूरी लिस्ट, उद्योग और चुनने के नियम”, NSE की constituent सूची, 8 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-metal-companies

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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

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