निफ्टी ऑयल एंड गैस में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी ऑयल एंड गैस में कौन-कौन सी कंपनी है: NSE की फाइल से बनी पूरी लिस्ट, हर कंपनी का सिंबल और उद्योग; साथ में चुनने के नियम, समीक्षा की तारीखें और वजन की सीमा।

निफ्टी ऑयल एंड गैस में कौन-कौन सी कंपनी है

निफ्टी ऑयल एंड गैस NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का वह इंडेक्स है जिसमें तेल, गैस और पेट्रोलियम कारोबार की चुनी हुई कंपनियां हैं; उनके नाम ठीक नीचे की टेबल में हैं। टेबल में तीन कॉलम हैं: कंपनी का नाम, सिंबल यानी एक्सचेंज पर उसका छोटा नाम, और उद्योग यानी NSE के वर्गीकरण में उसका समूह। नाम पर लिंक तभी है जब Tejii पर उस कंपनी का पन्ना हो; निफ्टी 500 से बाहर की कंपनी का नाम बिना लिंक के दिखता है।

यह लिस्ट हाथ से नहीं लिखी गई; यह NSE की उसी फाइल से बनती है जिसमें इस इंडेक्स की कंपनियां दर्ज हैं। समीक्षा के बाद फाइल बदलती है, तो टेबल भी बदल जाती है। मौजूदा गिनती टेबल के ठीक नीचे है।

कंपनीसिंबलउद्योग
अदानी टोटल गैसATGLOil Gas & Consumable Fuels
एजिस लॉजिस्टिक्सAEGISLOGOil Gas & Consumable Fuels
एजिस वोपाक टर्मिनल्सAEGISVOPAKOil Gas & Consumable Fuels
बीपीसीएलBPCLOil Gas & Consumable Fuels
कैस्ट्रोल इंडियाCASTROLINDOil Gas & Consumable Fuels
चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशनCHENNPETROOil Gas & Consumable Fuels
गेल इंडियाGAILOil Gas & Consumable Fuels
हिंदुस्तान पेट्रोलियमHINDPETROOil Gas & Consumable Fuels
इंडियन ऑयलIOCOil Gas & Consumable Fuels
इंद्रप्रस्थ गैसIGLOil Gas & Consumable Fuels
महानगर गैसMGLOil Gas & Consumable Fuels
ओएनजीसीONGCOil Gas & Consumable Fuels
ऑयल इंडियाOILOil Gas & Consumable Fuels
पेट्रोनेट एलएनजीPETRONETOil Gas & Consumable Fuels
रिलायंस इंडस्ट्रीजRELIANCEOil Gas & Consumable Fuels

इस टेबल की सभी 15 कंपनियां NSE के वर्गीकरण में Oil Gas & Consumable Fuels समूह की हैं।

निफ्टी ऑयल एंड गैस है क्या, और इसे गिनता कौन है

इंडेक्स न कंपनी है, न फंड; यह चुनी हुई कंपनियों के शेयरों के भाव से निकला एक नंबर है। यह sectoral index यानी एक ही उद्योग का इंडेक्स है, जिसे NSE Indices Limited बनाती है और real-time यानी साथ के साथ गिनती है।

NSE Indices की 30 सितंबर 2026 वाली factsheet यानी इंडेक्स के ब्योरे वाले पर्चे के मुताबिक इसकी शुरुआत 15 जनवरी 2020 को हुई, आधार दिन 1 अप्रैल 2005 है, और उस दिन के लिए इंडेक्स की कीमत 1,000 मानी गई थी। methodology यानी नियमों के दस्तावेज के मुताबिक इसमें ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर हो सकते हैं।

कोई कंपनी निफ्टी ऑयल एंड गैस में आती और बाहर कैसे जाती है

कंपनियां लिखे नियमों से चुनी जाती हैं। सितंबर 2026 के methodology दस्तावेज और factsheet के मुताबिक कंपनी समीक्षा के समय निफ्टी 500 में हो, और उसका कारोबार तेल-गैस की तय basic industry यानी कारोबार की बारीक श्रेणियों में आता हो, जैसे Oil Exploration & Production यानी तेल-गैस निकालना, या Refineries & Marketing यानी रिफाइनरी और ईंधन की बिक्री। निफ्टी 500 में ऐसी कंपनियां 10 से कम पड़ें, तभी नियम उससे बाहर जाते हैं।

चुनाव free-float market capitalisation के क्रम से होता है, यानी उन शेयरों की कीमत से जो खुले बाजार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं। NSE के F&O यानी futures और options खंड वाले शेयरों को तरजीह मिलती है। बाहर की कंपनी तभी अंदर आती है जब उसका free-float market cap इंडेक्स की सबसे छोटी कंपनी से कम से कम डेढ़ गुना हो।

समीक्षा साल में दो बार होती है: कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। rebalancing यानी वजन दोबारा बिठाने के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से, और तीन सबसे बड़े शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकते।

निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी एनर्जी और तेल-गैस के सारे शेयर - फर्क क्या है

निफ्टी एनर्जी इससे अलग इंडेक्स है। methodology में वह thematic index यानी एक थीम का इंडेक्स है और उसका दायरा चौड़ा है: तेल-गैस की यही श्रेणियां, साथ में कोयला, बिजली और बिजली के भारी उपकरण भी। इसलिए कोई कंपनी दोनों में हो सकती है।

methodology के मुताबिक उसके नियम भी अलग हैं: ज्यादा से ज्यादा 40 शेयर, और rebalancing के समय एक शेयर 10 प्रतिशत से तथा एक उद्योग 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं।

यह तेल-गैस की हर कंपनी की लिस्ट भी नहीं है। Tejii के तेल, गैस और कोयला उद्योग वाले पन्ने पर निफ्टी 500 की वे सारी कंपनियां हैं जिन्हें NSE ने Oil Gas & Consumable Fuels समूह में रखा है। उस समूह में कोयले का कारोबार भी गिना जाता है; इस इंडेक्स की तय श्रेणियों में कोयला नहीं है।

सबसे बड़ी गलतफहमी: यह कच्चे तेल के भाव का इंडेक्स नहीं है

नाम में ऑयल देखकर कई लोग मान लेते हैं कि यह कच्चे तेल या गैस के भाव का नंबर है। ऐसा नहीं है। factsheet के मुताबिक यह free-float market capitalisation के तरीके से गिना जाता है: इसमें किसी ईंधन का भाव नहीं जुड़ता, जुड़ते हैं सिर्फ इंडेक्स की कंपनियों के शेयरों के भाव, उनके वजन के हिसाब से।

वजन बराबर भी नहीं होते: rebalancing के समय नियम तीन सबसे बड़े शेयरों को मिलाकर 62 प्रतिशत तक जाने देते हैं। और इंडेक्स में नाम होना आकार और कारोबार की शर्तें पूरी करने का नतीजा है, कंपनी के अच्छे या बुरे होने का फैसला नहीं।

Tejii पर यह सब कहां देखें

टेबल के लिंक से कंपनी के अपने पन्ने पर यह मिलता है: कंपनी क्या काम करती है, पिछला बंद भाव, 52 हफ्ते का लो और हाई, एक हफ्ते से एक साल तक की चाल, एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, RSI, और 20, 50 तथा 200 दिन के औसत।

तेल, गैस और कोयला उद्योग वाले पन्ने पर यह भी है कि इस उद्योग पर किन बातों का असर पड़ता है। दूसरे इंडेक्स की लिस्ट के लिंक इसी पन्ने पर नीचे हैं।

Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या निवेश सलाहकार नहीं है। यहां सिर्फ सार्वजनिक आंकड़े और उन्हें पढ़ने का तरीका है, कोई सलाह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निफ्टी ऑयल एंड गैस में कितनी कंपनियां हैं?

NSE Indices के methodology दस्तावेज के मुताबिक निफ्टी ऑयल एंड गैस में ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर हो सकते हैं; यह ऊपरी सीमा है। अभी कितने नाम हैं, यह इस पन्ने की टेबल के नीचे लिखी गिनती बताती है, जो NSE की फाइल से बनती है।

निफ्टी ऑयल एंड गैस की लिस्ट कब बदलती है?

समीक्षा साल में दो बार होती है। कट-ऑफ तारीखें 31 जनवरी और 31 जुलाई हैं, और बदलाव मार्च तथा सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन से लागू होते हैं। किसी कंपनी के विलय, demerger यानी बंटवारे या delisting यानी एक्सचेंज से हटने पर बीच में भी बदलाव हो सकता है।

निफ्टी एनर्जी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में क्या फर्क है?

methodology के मुताबिक निफ्टी ऑयल एंड गैस sectoral index है: तेल, गैस और पेट्रोलियम कारोबार के ज्यादा से ज्यादा 15 शेयर। निफ्टी एनर्जी thematic index है, जिसमें कोयला, बिजली और बिजली के भारी उपकरण का कारोबार भी आता है और ज्यादा से ज्यादा 40 शेयर हो सकते हैं। दोनों में वजन की सीमाएं भी अलग हैं।

निफ्टी ऑयल एंड गैस में एक कंपनी का वजन कितना हो सकता है?

methodology के मुताबिक rebalancing के समय कोई एक शेयर 33 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता, और तीन सबसे बड़े शेयर मिलाकर 62 प्रतिशत से ज्यादा नहीं। यह सीमा हर तिमाही दोबारा लागू की जाती है। सबसे भारी नामों का मौजूदा वजन NSE Indices अपनी हर महीने की factsheet में छापती है।

क्या निफ्टी ऑयल एंड गैस पर F&O है?

9 अक्टूबर 2026 को NSE की F&O lot size वाली फाइल में जिन इंडेक्स पर futures और options के contract दर्ज थे, उनमें निफ्टी ऑयल एंड गैस नहीं था। किसी कंपनी के अपने शेयर पर F&O contract होना अलग बात है; वह इस इंडेक्स का contract नहीं है।

क्या निफ्टी ऑयल एंड गैस का ETF होता है?

9 अक्टूबर 2026 को NSE Indices की वेबसाइट पर इस इंडेक्स के पन्ने के ETF listed in India वाले हिस्से में ETF जारी करने वाले फंड घराने का नाम दर्ज था। ETF यानी एक्सचेंज पर खरीदा-बेचा जाने वाला फंड। यह सिर्फ जानकारी है; Tejii किसी फंड को लेने या न लेने की सलाह नहीं देता।

इस पन्ने का हवाला कैसे दें

स्रोत: Tejii (tejii.in) — “निफ्टी ऑयल एंड गैस में कौन-कौन सी कंपनी है - पूरी लिस्ट, उद्योग और नियम”, NSE की constituent सूची, 11 अक्टूबर 2026 को ली गई। https://tejii.in/nifty-oil-gas-companies

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हवाला देते समय तारीख जरूर लिखें — यह सूची NSE की समीक्षा के साथ बदलती है।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यहां सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका सीधा मतलब है — यह किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है।

दूसरे इंडेक्स की लिस्ट

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