जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से जियो फाइनेंशियल सर्विसेज इनमें शामिल है: निफ्टी 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज क्या काम करती है
Jio Financial Services, Reliance Industries से अलग (demerge) होकर बनी वित्तीय सेवा कंपनी है। यह अपनी subsidiaries और joint ventures के ज़रिए loans (NBFC), Jio Payments Bank, insurance broking, digital payments और BlackRock के साथ मिलकर mutual fund/asset management का काम करती है। इसकी सेवाएँ JioFinance app पर भी मिलती हैं।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 33% रही — 14 नवंबर 2025 को ₹314.90 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹211.00 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 31% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹208.50 से ₹316.85 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 23 मार्च 2026 | -5.52% |
| 8 जुलाई 2026 | -5.38% |
| 12 मई 2026 | -4.1% |
| 2 फरवरी 2026 | -4.09% |
| 23 जनवरी 2026 | -3.69% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 43.7 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.98x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।