भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Electronics Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इनमें शामिल है: निफ्टी 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी PSE, निफ्टी इंडिया डिफेंस।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स क्या काम करती है
Bharat Electronics Limited (BEL) रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सरकारी कंपनी (PSU) है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। यह थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए रडार, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, एवियोनिक्स और मिसाइल सिस्टम बनाती है। रक्षा के अलावा यह चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM, और होमलैंड सिक्योरिटी, ई-गवर्नेंस व रेलवे-मेट्रो से जुड़े उत्पाद भी बनाती है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 22% रही — 6 मार्च 2026 को ₹468.45 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹367.30 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 19% नीचे है — सामान्य उतार-चढ़ाव।
पिछले एक साल में यह ₹360.50 से ₹473.45 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 15 सितंबर 2026 | -5.3% |
| 8 दिसंबर 2025 | -5.04% |
| 23 मार्च 2026 | -4.83% |
| 28 जुलाई 2026 | -4.46% |
| 12 मई 2026 | -3.58% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 44.87 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.96x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।