सर्विसेज़ शेयर: बंदरगाह, एयरलाइन, लॉजिस्टिक्स और BPO कंपनियां

निफ्टी 500 के 14 शेयर · 14 अक्टूबर 2026 के बंद भाव

NSE की "Services" कई तरह के कामों वाली एक मिली-जुली श्रेणी है। Nifty 500 की इस श्रेणी में बंदरगाह और हवाई अड्डे चलाने वाली कंपनियां, एयरलाइन, जहाज़ और कंटेनर रेल से माल ढोने वाली कंपनियां, कूरियर व लॉजिस्टिक्स कंपनियां, और BPO कंपनियां (यानी वे कंपनियां जो दूसरी कंपनियों के ग्राहक सहायता या डेटा प्रोसेसिंग जैसे काम ठेके पर संभालती हैं) आती हैं। इसके साथ IT और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद थोक में दुकानदारों और विक्रेताओं तक पहुंचाने वाली (डिस्ट्रीब्यूटर) एक कंपनी, एक सरकारी व्यापार कंपनी और हीरे-रत्नों की जांच करके सर्टिफिकेट देने वाली एक कंपनी भी शामिल हैं। ध्यान दें कि IT सेवा कंपनियां, बैंक-वित्तीय कंपनियां, टेलीकॉम कंपनियां और होटल या ऑनलाइन सेवा कंपनियां इसमें नहीं, बल्कि NSE की अलग श्रेणियों (Information Technology, Financial Services, Telecommunication, Consumer Services) में आती हैं।

27%आम शेयर की 1 साल में सबसे बड़ी गिरावट
54%200-दिन के औसत से ऊपर
48आम RSI
1 शेयर52 हफ्ते के हाई के 5% के अंदर

यह उद्योग किन बातों से प्रभावित होता है

ये वे बातें हैं जिनका असर इस उद्योग पर आमतौर पर पड़ता है — यह भविष्यवाणी नहीं कि आगे क्या होगा।

  • इस समूह की कई कंपनियों की कमाई काम की मात्रा पर टिकी होती है। बंदरगाह, हवाई अड्डे, एयरलाइन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए यह इस पर निर्भर करता है कि उनके ज़रिए कितना माल, कितने पार्सल या कितने यात्री गुज़रते हैं, इसलिए आयात-निर्यात, ऑनलाइन खरीदारी या हवाई यात्रा की मांग बदलने पर उनका काम बदलता है। डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के लिए यह इस पर निर्भर करता है कि लैपटॉप, फोन जैसे उत्पाद कितने बिकते हैं, और हीरे-रत्नों की जांच करने वाली कंपनी के लिए इस पर कि कितने हीरे (प्राकृतिक और लैब में बने) और गहने जांच व सर्टिफिकेट के लिए आते हैं।
  • कच्चे तेल के दाम बदलने पर विमान ईंधन (ATF) का खर्च बदलता है, और यह खर्च एयरलाइन की लागत का एक अहम हिस्सा होता है। शिपिंग में जहाज़ के ईंधन का खर्च कौन उठाएगा, यह जहाज़ किराये पर देने के समझौते के प्रकार पर निर्भर करता है।
  • रुपये की विदेशी मुद्राओं के मुकाबले विनिमय दर बदलने पर कुछ कंपनियों की रुपये में गिनी जाने वाली कमाई या खर्च बदल जाता है। इनमें वे कंपनियां हैं जो डॉलर या पाउंड जैसी विदेशी मुद्रा में कमाती हैं (जैसे विदेशी ग्राहकों को सेवा देने वाली BPO/डेटा सेवा कंपनियां, और शिपिंग कंपनियां जिनका भाड़ा अक्सर डॉलर में तय होता है), और वे भी जिनके कई खर्च डॉलर में होते हैं, जैसे एयरलाइन के लिए विमानों की लीज़ (किराया)।
  • बंदरगाह और हवाई अड्डे आमतौर पर सरकार या सरकारी संस्था से मिले तय अवधि के संचालन अधिकार (concession) के तहत चलते हैं। बड़े हवाई अड्डों की कई फीस (जैसे यात्रियों और विमानों से ली जाने वाली फीस) AERA नाम की नियामक संस्था तय करती है, जो हवाई अड्डों की फीस तय करने वाली सरकारी संस्था है। इसलिए इन समझौतों या नियमों में बदलाव इनकी कमाई का ढांचा बदल सकता है।
  • जहाज़ों का माल-भाड़ा (freight rate) दुनिया भर में उपलब्ध जहाज़ों और माल ढोने की मांग के संतुलन से तय होता है। इसलिए समुद्री रास्तों में रुकावट या वैश्विक व्यापार में बदलाव से शिपिंग कंपनियों को मिलने वाले भाड़े की दरें बदल सकती हैं।

इस उद्योग के सारे 14 शेयर

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शेयरबंद भावआजहाई सेRSI1 साल की सबसे बड़ी गिरावट
इंटरग्लोब एविएशन₹4,718.50-1.71%-20.96%36.8834%
अदानी पोर्ट्स₹1,748.70-0.81%-7.53%49.3417%
रेडिंगटन₹401.60+2.46%-4.27%56.2733%
फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस₹288.50-1.11%-22.39%64.1644%
शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया₹289.00+2.81%-21.63%56.4426%
ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग₹1,543.10+0.07%-14.18%61.3726%
एमएमटीसी₹58.56+3.08%-25.26%50.6329%
डेल्हीवरी₹409.15-1.74%-21.92%42.5324%
जीएमआर एयरपोर्ट्स₹90.22-0.13%-21.98%40.2124%
ईक्लर्क्स सर्विसेज₹1,967.60+0.16%-21.22%58.6446%
जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर₹341.80-0.44%-8.97%47.3132%
कॉनकॉर₹448.65-0.24%-19.45%40.1523%
इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट₹315.90-0.54%-18.65%45.9121%
सीएमपीडीआई₹206.80-1.37%-27.1%43.0527%

भाव स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित हैं। तरीका: पिछले साल की गिरावट का डेटा।

यह सलाह नहीं है। Tejii SEBI-पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट नहीं है। यह सूची किसी उद्योग या शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है — ऊपर सिर्फ NSE के सार्वजनिक आंकड़े और उनका मतलब है।

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