एचबीएल इंजीनियरिंग (HBL Engineering Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से एचबीएल इंजीनियरिंग इनमें शामिल है: निफ्टी स्मॉलकैप 250, निफ्टी स्मॉलकैप 100।
एचबीएल इंजीनियरिंग क्या काम करती है
HBL Engineering (पहले HBL Power Systems) हैदराबाद की कंपनी है, जो रक्षा, aviation, रेलवे और उद्योगों के लिए खास तरह की batteries बनाती है। यह ट्रेनों की टक्कर रोकने वाली 'Kavach' प्रणाली और रेलवे signalling से जुड़े दूसरे electronics उपकरण भी बनाती है। इसके मुख्य ग्राहक रेलवे और रक्षा से जुड़े संस्थान हैं।
एचबीएल इंजीनियरिंग शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 44% रही — 10 नवंबर 2025 को ₹1,098.80 के बंद भाव से 30 मार्च 2026 को ₹614.80 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 36% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹613.00 से ₹1,122.00 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
एचबीएल इंजीनियरिंग शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 11 नवंबर 2025 | -9.52% |
| 16 जनवरी 2026 | -9.36% |
| 19 नवंबर 2025 | -9.07% |
| 20 जनवरी 2026 | -6.76% |
| 12 मई 2026 | -5.72% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 43.84 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.41x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।