फाइजर (Pfizer Ltd.)
फाइजर अब निफ्टी 500 इंडेक्स में नहीं है — NSE की 30 सितंबर 2026 की सूची से यह बाहर है। NSE पर इसमें कारोबार जारी है, और इस पन्ने के आंकड़े रोज अपडेट होते हैं।
फाइजर क्या काम करती है
Pfizer Ltd, अमेरिका की दवा कंपनी Pfizer Inc. की भारतीय सहायक (subsidiary) कंपनी है। यह भारत में अलग-अलग बीमारियों के लिए दवाएँ और vaccines बेचती है, और इसका कारोबार vaccines, hospital products, internal medicine और inflammation & immunology जैसी श्रेणियों में बँटा है। कंपनी की शुरुआत भारत में 1950 में हुई थी।
फाइजर शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 32% रही — 13 अक्टूबर 2025 को ₹5,529.50 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹3,750.00 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 30% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹3,731.00 से ₹5,578.50 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
फाइजर शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 8 सितंबर 2026 | -6.22% |
| 23 मार्च 2026 | -4.47% |
| 9 सितंबर 2026 | -3.24% |
| 14 अक्टूबर 2026 | -3.17% |
| 19 फरवरी 2026 | -3.08% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 41.27 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 0 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 2.03x रहा। इतना ज्यादा वॉल्यूम बताता है कि उस दिन कुछ खास हुआ था — खबर, नतीजे, या किसी बड़े सौदे।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।