आईआरसीटीसी (Indian Railway Catering And Tourism Corporation Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से आईआरसीटीसी इनमें शामिल है: निफ्टी 200, निफ्टी मिडकैप 150, निफ्टी मिडकैप 100।
आईआरसीटीसी क्या काम करती है
IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली भारत सरकार की Navratna PSU है। यह website और app के ज़रिए रेल टिकट की online booking, ट्रेनों व स्टेशनों पर खाने-पीने (catering) की सेवा और Rail Neer बोतलबंद पानी का काम करती है। यह tour packages और Maharajas' Express जैसी luxury trains भी चलाती है।
आईआरसीटीसी शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 38% रही — 29 अक्टूबर 2025 को ₹730.65 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹449.85 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 35% नीचे है। यानी सबसे ऊपर खरीदने वाला अब तक घाटे में है।
पिछले एक साल में यह ₹446.50 से ₹735.75 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
आईआरसीटीसी शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 27 फरवरी 2026 | -4.27% |
| 12 मई 2026 | -4.09% |
| 24 फरवरी 2026 | -3.91% |
| 30 मार्च 2026 | -3.15% |
| 20 जनवरी 2026 | -3.0% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 60.32 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 1 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.85x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।