आईआरएफसी (Indian Railway Finance Corporation Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से आईआरएफसी इनमें शामिल है: निफ्टी नेक्स्ट 50, निफ्टी 100, निफ्टी 200, निफ्टी PSE।
आईआरएफसी क्या काम करती है
Indian Railway Finance Corporation (IRFC) रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली भारत सरकार की Navratna PSU है, जो Indian Railways के लिए पैसा जुटाने का काम करती है। यह bonds और बैंकों से कर्ज लेकर पैसा जुटाती है और उससे railway के engines, डिब्बों (rolling stock) व infrastructure की financing करती है, जिन्हें वह Railways को lease पर देती है।
आईआरएफसी शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 44% रही — 26 दिसंबर 2025 को ₹133.64 के बंद भाव से 8 अक्टूबर 2026 को ₹74.30 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह शेयर अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 42% नीचे है। जिसने ऊंचे भाव पर ₹100 लगाए थे, उसके आज करीब ₹58 बचे हैं। गिरना कितना बड़ा हो सकता है — यह उसका असली उदाहरण है।
पिछले एक साल में यह ₹74.06 से ₹137.17 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
आईआरएफसी शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 24 जून 2026 | -6.25% |
| 30 मार्च 2026 | -5.65% |
| 23 मार्च 2026 | -5.53% |
| 29 दिसंबर 2025 | -5.45% |
| 25 फरवरी 2026 | -4.46% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 50.8 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 1 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे नीचे है।
आज का कारोबार औसत से 0.96x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।