कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल (Kalpataru Projects International Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल इनमें शामिल है: निफ्टी स्मॉलकैप 250।
कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल क्या काम करती है
Kalpataru Projects International, Kalpataru Group की EPC (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) कंपनी है। यह बिजली ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन लाइनें, इमारतें व फैक्ट्रियां, पानी की परियोजनाएं, रेलवे, मेट्रो व फ्लाईओवर, हाईवे और तेल-गैस पाइपलाइन जैसे प्रोजेक्ट बनाती है। यह भारत के साथ कई दूसरे देशों में भी काम करती है।
कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 23% रही — 4 नवंबर 2025 को ₹1,314.50 के बंद भाव से 23 मार्च 2026 को ₹1,018.10 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव से 6% नीचे है — सामान्य उतार-चढ़ाव।
पिछले एक साल में यह ₹1,007.10 से ₹1,490.00 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 2 मार्च 2026 | -5.09% |
| 23 मार्च 2026 | -4.94% |
| 4 मार्च 2026 | -4.63% |
| 13 मार्च 2026 | -3.93% |
| 8 अक्टूबर 2026 | -3.9% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 49.87 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 2 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे ऊपर है।
आज का कारोबार औसत से 0.54x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।