पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance Ltd.)
जिन इंडेक्स की लिस्ट Tejii पर है, उनमें से पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस इनमें शामिल है: निफ्टी स्मॉलकैप 250, निफ्टी स्मॉलकैप 100।
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस क्या काम करती है
PNB Housing Finance एक housing finance कंपनी है, जो घर खरीदने, बनाने या सुधारने के लिए home loan देती है। यह loan against property और कम आय वाले परिवारों के लिए affordable housing loan भी देती है, और लोगों से fixed deposit भी लेती है। Punjab National Bank इसकी promoter है।
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस शेयर हाल में कितना चढ़ा या गिरा
ये पिछले बंद भाव तक के आंकड़े हैं, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। यहां से यह पता चलता है कि भाव कब और कितना गिरा या चढ़ा; किस वजह से चला, यह कंपनी की अपनी खबरों और नतीजों से पता चलता है। शेयर क्यों गिरता या चढ़ता है — आम वजहें
एक साल में सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 260 कारोबारी दिनों में इसकी सबसे बड़ी गिरावट 26% रही — 6 जनवरी 2026 को ₹1,007.85 के बंद भाव से 23 मार्च 2026 को ₹750.75 तक। यह पहले हो चुका है; आगे फिर होगा या नहीं, यह कोई नहीं बता सकता।
यह अपने 52 हफ्ते के ऊंचे भाव के आसपास चल रहा है। इससे आगे की दिशा का पता नहीं चलता — ऊंचा भाव न सस्ता होने का सबूत है, न महंगा होने का।
पिछले एक साल में यह ₹729.60 से ₹1,224.80 के बीच रहा। इतना फर्क एक ही शेयर में एक साल के अंदर आ सकता है — और इसमें लगी रकम भी उसी हिसाब से घटती-बढ़ती है।
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस शेयर सबसे ज्यादा किन दिनों गिरा
| तारीख | उस दिन |
|---|---|
| 22 जनवरी 2026 | -7.55% |
| 23 जनवरी 2026 | -5.56% |
| 23 मार्च 2026 | -5.2% |
| 30 मार्च 2026 | -4.98% |
| 26 सितंबर 2025 | -4.81% |
पिछले एक साल के सबसे बड़े एक-दिन के गिरावट, स्प्लिट और बोनस के हिसाब से समायोजित। किस खबर पर भाव गिरा यह इनसे पता नहीं चलता — उस दिन कंपनी के नतीजे, कोई बड़ी खबर या पूरे बाजार की गिरावट, तीनों में से कुछ भी हो सकता है।
आंकड़े क्या कह रहे हैं
RSI 61.15 है — 30 और 70 के बीच, यानी न ज्यादा खरीदारी न ज्यादा बिकवाली।
मूविंग एवरेज पिछले कुछ दिनों के औसत भाव को कहते हैं। यह शेयर अपने 20, 50 और 200 दिन के औसत में से 3 से ऊपर है। 200 दिन का औसत लंबी चाल दिखाता है — भाव उससे ऊपर है।
आज का कारोबार औसत से 0.66x रहा।
ये शब्द समझने हैं?
अगर ऊपर की कोई बात समझ नहीं आई, तो पहले ये पढ़िए — इन्हीं आंकड़ों को शुरू से समझाया गया है।